कुर्सी का सस्पेंस: भाजपा को रोकने के लिए जेडीयू का 'प्लान-B' तैयार, कौन होगा नीतीश का असली वारिस?
नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की चर्चा से जेडीयू में दरार बढ़ गई है। पार्टी के विधायक भाजपा को रोकने के लिए नीतीश के बेटे निशांत कुमार को सीएम बनाने की मांग कर रहे हैं, जबकि ललन सिंह और संजय झा को विरोध का सामना करना पड़ रहा है।
Patna - बिहार की सत्ता के गलियारों में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की खबरों ने जेडीयू के भीतर आंतरिक कलह को तेज कर दिया है। पार्टी का एक बड़ा वर्ग इस फैसले के विरोध में खड़ा हो गया है, जिससे जदयू के भविष्य और नेतृत्व को लेकर संशय के बादल मंडराने लगे हैं।
कुर्सी बचाने के लिए निशांत कुमार के नाम पर चर्चा
पार्टी के भीतर यह डर सता रहा है कि नीतीश कुमार के केंद्र की राजनीति में जाने के बाद मुख्यमंत्री की कुर्सी भाजपा के खाते में जा सकती है। इसे रोकने के लिए जदयू के कुछ विधायकों ने एक गुप्त बैठक की है। इस बैठक में रणनीति बनाई गई है कि नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को सक्रिय राजनीति में लाया जाए। कार्यकर्ताओं की मांग है कि निशांत न केवल मुख्यमंत्री की कुर्सी संभालें, बल्कि उन्हें जदयू की कमान भी सौंपी जाए ताकि पार्टी की एकजुटता बनी रहे।
ललन सिंह और संजय झा पर 'जयचंद' होने का आरोप
पार्टी के अंदर मचे इस घमासान में भाजपा के करीबी माने जाने वाले नेताओं पर गाज गिरनी शुरू हो गई है। पार्टी का एक धड़ा केंद्रीय मंत्री ललन सिंह और संजय झा पर हमलावर है। नाराज नेताओं ने इन दोनों कद्दावर नेताओं को 'जयचंद' तक करार दे दिया है। आरोप है कि ये नेता भाजपा के हितों के लिए पार्टी के वजूद के साथ समझौता कर रहे हैं।
ललन सिंह की सफाई: 'अंतिम फैसला नीतीश कुमार का'
इन गंभीर आरोपों के बीच केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने अपनी चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि नेतृत्व और पार्टी के भविष्य को लेकर अंतिम फैसला केवल नीतीश कुमार ही लेंगे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जिसे भी अपना उत्तराधिकारी या नेता चुनेंगे, पूरी पार्टी उसे स्वीकार करेगी।
क्या है वर्तमान राजनीतिक स्थिति?
मुख्यमंत्री पद पर भाजपा के संभावित दावे को रोकने के लिए जदयू विधायकों की गोलबंदी तेज हो गई है। राजनीति से दूर रहने वाले निशांत कुमार का नाम पहली बार इतने मुखर तरीके से सामने आया है। भाजपा समर्थक और विरोधियों के बीच पार्टी दो फाड़ होती नजर आ रही है।