RJD में 'दही-चूड़ा' पर घमासान! तेज प्रताप के भोज में तेजस्वी की गैरमौजूदगी पर सुधाकर सिंह की सफाई, बताया क्यों नहीं गए

मकर संक्रांति के मौके पर आरजेडी के भीतर 'दही-चूड़ा भोज' को लेकर सियासी घमासान छिड़ गया है। तेज प्रताप यादव के आवास पर आयोजित भोज में लालू प्रसाद यादव तो शामिल हुए, लेकिन तेजस्वी यादव की गैरमौजूदगी ने मतभेदों की खबरों को हवा दे दी है।

RJD में 'दही-चूड़ा' पर घमासान! तेज प्रताप के भोज में तेजस्वी

Patna - : दिल्ली में मकर संक्रांति के मौके पर आयोजित 'दही-चूड़ा भोज' ने आरजेडी के भीतर की खींचतान को सतह पर ला दिया है। तेज प्रताप यादव के आवास पर हुए इस कार्यक्रम में तेजस्वी यादव के शामिल न होने पर जब सवाल उठे, तो आरजेडी सांसद सुधाकर सिंह ने इसे तेजस्वी का 'निजी निर्णय' बताकर डैमेज कंट्रोल की कोशिश की है। हालांकि, तेज प्रताप के 'जयचंद' वाले बयान ने पार्टी के भीतर सबकुछ सामान्य न होने के संकेत दे दिए हैं।

तेजस्वी का भोज में न आना नाराजगी नहीं: सुधाकर सिंह

सांसद सुधाकर सिंह ने आईएएनएस से बातचीत में स्पष्ट किया कि तेजस्वी यादव का तेज प्रताप के कार्यक्रम में शामिल न होना किसी नाराजगी का संकेत नहीं है। उन्होंने कहा, "तेजस्वी यादव ने व्यक्तिगत रूप से अपने घर पर त्योहार मनाने का फैसला किया था। यह पूरी तरह से उनका निजी निर्णय है और इसे सभी को स्वीकार करना चाहिए।" सिंह ने पार्टी के भीतर किसी भी तरह के मतभेद से साफ इनकार किया। 

लालू यादव की मौजूदगी और 'निजी त्योहार' का तर्क

तेज प्रताप यादव के भोज में आरजेडी अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव भी शामिल हुए। इस पर सुधाकर सिंह ने कहा कि मकर संक्रांति का पर्व लोग निजी और सार्वजनिक दोनों स्तरों पर मनाते हैं। लालू यादव एक वरिष्ठ नेता हैं और वह विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होते रहते हैं, इसलिए इसे राजनीतिक चश्मे से या किसी विवाद के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। 

'जयचंदों ने घेर रखा है': तेज प्रताप का सीधा हमला

भले ही सुधाकर सिंह पार्टी में 'सब ठीक है' का दावा कर रहे हों, लेकिन तेज प्रताप यादव के बयानों ने अलग ही कहानी बयां की है। तेजस्वी के भोज में न आने पर नाराजगी जाहिर करते हुए तेज प्रताप ने गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने मीडिया से कहा, "उन्हें (तेस्वी) 'जयचंदों' ने घेर रखा होगा, इसलिए नहीं आए।" भावुक होते हुए उन्होंने यह भी कहा कि वे रात 9 बजे तक अपने भाई का इंतजार करेंगे। 

आरजेडी में एकजुटता का दावा बनाम अंदरूनी कलह

सांसद सुधाकर सिंह ने संकेत दिया कि पार्टी के शीर्ष नेतृत्व में किसी तरह का मनमुटाव नहीं है और सभी नेता अपने-अपने तरीके से पर्व मना रहे हैं। लेकिन सियासी गलियारों में यह चर्चा तेज है कि क्या 'जयचंद' वाला तंज पार्टी के भीतर किसी बड़े संकट की ओर इशारा कर रहा है? फिलहाल सुधाकर सिंह के बयान को पार्टी की छवि बचाने की कवायद के तौर पर देखा जा रहा है।