राज्यसभा चुनाव: तेजस्वी यादव का बड़ा दावा - हमारे पास पर्याप्त संख्या बल, इस बार जीत हमारी होगी!
राज्यसभा चुनाव पर तेजस्वी यादव का बड़ा बयान! कहा— हमारे पास जीत के लिए पर्याप्त संख्या बल है, जल्द घोषित होंगे उम्मीदवारों के नाम। इस हुंकार से बिहार की सियासत में हलचल तेज।
Patna : बिहार में राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी पारा चढ़ गया है। राजद नेता तेजस्वी यादव ने विपक्षी खेमे की ओर से जीत का हुंकार भरते हुए कहा है कि उनके पास पर्याप्त संख्या बल है और वे इस बार मजबूती से चुनाव जीतने जा रहे हैं। उम्मीदवारों के नामों को लेकर भी उन्होंने अहम जानकारी साझा की है।
जीत के प्रति तेजस्वी का अटूट भरोसा
राज्यसभा चुनाव में संख्या बल की कमी के सवालों पर जवाब देते हुए तेजस्वी यादव ने स्पष्ट किया कि उन्हें अपनी जीत पर पूरा भरोसा है। उन्होंने कहा, "हमारे पास पूरा पर्याप्त संख्या बल है और इस बार हम लोग चुनाव जीतने जा रहे हैं।" उनके इस बयान से साफ है कि महागठबंधन के भीतर अंदरूनी तौर पर रणनीति तैयार कर ली गई है।
जल्द होगा उम्मीदवारों के नामों का ऐलान
जब पत्रकारों ने उनसे उम्मीदवारों के चयन को लेकर सवाल पूछा, तो तेजस्वी ने बताया कि राजद की ओर से प्रत्याशियों के नामों पर विचार चल रहा है। उन्होंने कहा, "उम्मीदवार कुछ ही दिनों में तय कर दिए जाएंगे कि कौन-कौन होंगे।" माना जा रहा है कि पार्टी वरिष्ठ नेताओं और सामाजिक समीकरणों को ध्यान में रखकर नामों पर मुहर लगाएगी।
संख्या बल की चुनौती को नकारा
विपक्ष द्वारा संख्या बल की कमी के दावों को तेजस्वी ने सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने बार-बार इस बात पर जोर दिया कि महागठबंधन के पास सदन में अपनी सीटों को सुरक्षित करने के लिए जरूरी आंकड़े मौजूद हैं। उनके इस बयान ने सत्तापक्ष की उन उम्मीदों पर पानी फेरने की कोशिश की है जो विपक्ष में सेंधमारी की अटकलें लगा रहे थे।
बिहार की सियासत में 'खेला' होने की उम्मीद?
तेजस्वी के इस आत्मविश्वास ने एक बार फिर बिहार में 'खेला' होने की चर्चाओं को हवा दे दी है। राज्यसभा चुनाव की प्रत्येक सीट के लिए होने वाली वोटिंग में छोटे दलों और निर्दलीय विधायकों की भूमिका अहम हो सकती है। तेजस्वी की यह हुंकार आगामी विधानसभा चुनावों से पहले एक शक्ति प्रदर्शन के रूप में भी देखी जा रही है।
सत्तारूढ़ गठबंधन की नजरें टिकीं
तेजस्वी के बयान के बाद एनडीए खेमे में भी हलचल बढ़ गई है। सत्तापक्ष लगातार यह दावा करता रहा है कि विपक्ष के पास पर्याप्त विधायक नहीं हैं। अब देखना यह होगा कि मतदान के दिन तेजस्वी का यह दावा हकीकत में बदलता है या नहीं। 28 तारीख की समय सीमा और आगामी चुनावी रणभूमि बिहार के भविष्य की दिशा तय करेगी।
क्या कहते हैं राजनीतिक जानकार?
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि तेजस्वी यादव का यह बयान कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाने और सहयोगियों को एकजुट रखने की एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है। राज्यसभा की जंग अब केवल आंकड़ों की नहीं बल्कि प्रतिष्ठा की भी बन गई है।
Report - narrottam kumar