बिहार राजस्व विभाग का बड़ा 'हंटर': भ्रष्टाचार और लापरवाही पर 5 अधिकारियों पर गिरी गाज; वेतन वृद्धि रोकी, सेवा पुस्तिका में दर्ज हुई 'निंदा'

बिहार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कर्तव्य में लापरवाही, अनधिकृत अनुपस्थिति और वित्तीय अनियमितताओं के आरोपी पांच अधिकारियों को दंडित किया है।

बिहार राजस्व विभाग का बड़ा 'हंटर': भ्रष्टाचार और लापरवाही पर

Patna - बिहार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने प्रशासनिक व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त करने के लिए एक साथ पांच अधिकारियों पर बड़ी कार्रवाई की है। विभाग द्वारा जारी अलग-अलग संकल्पों के अनुसार, इन अधिकारियों को कर्तव्यहीनता, उच्चाधिकारियों के आदेशों की अवहेलना और सरकारी कार्यों में गंभीर लापरवाही का दोषी पाया गया है। सरकार के इस कदम से महकमे में हड़कंप मच गया है।

इन अधिकारियों पर गिरी गाज

विभागीय आदेशों के अनुसार, जिन अधिकारियों को दंडित किया गया है उनमें प्रमुख नाम शामिल हैं:

  • सक्षम सिंह (राजस्व अधिकारी, नावानगर, बक्सर): चुनाव के दौरान गायब रहने और मुख्यालय छोड़ने के आरोप में इनकी एक वेतन वृद्धि (संचयी प्रभाव के साथ) रोकी गई है।

  • पल्लवी कुमारी गुप्ता (तत्कालीन अंचल अधिकारी, आरा सदर): दाखिल-खारिज और जमाबंदी रद्दीकरण के मामलों में लापरवाही के लिए एक वेतन वृद्धि (बिना संचयी प्रभाव के) रोक दी गई है।

  • चन्दन कुमार (तत्कालीन सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी, सासाराम): बिना सूचना गायब रहने और अनुशासनहीनता के लिए इनकी भी एक वेतन वृद्धि रोकी गई है।

  • अवधेश प्रसाद (तत्कालीन अंचल अधिकारी, राजपुर, बक्सर): जमीन के रिकॉर्ड (पंजी-2) में अवैध छेड़छाड़ और नियमों के उल्लंघन के लिए इन्हें एक वेतन वृद्धि रोकने और निंदा का दंड मिला है।

  • सत्येन्द्र कुमार दिवाकर (राजस्व अधिकारी, बड़हरा, भोजपुर): सेवा पुस्तिका (Service Book) जमा न करने और उच्चाधिकारियों के आदेशों की अवहेलना पर 'निंदा' का दंड दिया गया है।   


  • भ्रष्टाचार और छेड़छाड़ पर कड़ा प्रहार

    सबसे गंभीर मामला तत्कालीन अंचल अधिकारी अवधेश प्रसाद का सामने आया है, जिन पर आरोप है कि उन्होंने बिना किसी विहित प्रक्रिया के सरकारी रिकॉर्ड में छेड़छाड़ की और जमीन को दूसरे के नाम हस्तांतरित करने का प्रयास किया। विभाग ने इसे 'स्वेच्छाचारिता और कर्तव्यहीनता' की श्रेणी में रखते हुए दंड अधिरोपित किया है। वहीं सक्षम सिंह पर लोकसभा चुनाव 2024 जैसे महत्वपूर्ण समय पर मुख्यालय से फरार रहने का गंभीर आरोप सिद्ध हुआ है।

  • वेतन वृद्धि रुकी और सर्विस रिकॉर्ड हुआ खराब

बिहार राज्यपाल के आदेश से जारी इन संकल्पों में स्पष्ट किया गया है कि इन सभी अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच पूरी हो चुकी है। दंड के रूप में इनकी सालाना वेतन वृद्धि (Increment) रोक दी गई है, जिसका सीधा असर इनके भविष्य के वेतन और पेंशन पर पड़ेगा। साथ ही, इनके सेवा रिकॉर्ड में 'निंदा' (Censure) दर्ज की गई है, जो पदोन्नति के रास्ते में बड़ी बाधा बनेगी।

अधिकारियों को सख्त चेतावनी

राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के उप सचिव संजय कुमार सिंह द्वारा हस्ताक्षरित इन आदेशों ने स्पष्ट कर दिया है कि जनता के कार्यों में देरी या सरकारी दस्तावेजों के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विभाग ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में कई और दागी अधिकारियों पर भी इसी तरह की गाज गिर सकती है।