सरकार विरोधी 'रील' बनाई तो खैर नहीं: अंचल अधिकारियों को प्रधान सचिव की सीधी चेतावनी, नपेंगे अनुशासनहीन अफसर

बिहार सरकार के राजस्व विभाग ने अंचल अधिकारियों को सोशल मीडिया पर सरकार की नीतियों की आलोचना करने और रील बनाने के खिलाफ सख्त चेतावनी जारी की है। नियमों का उल्लंघन करने पर अनुशासनहीनता की कार्रवाई होगी।

सरकार विरोधी 'रील' बनाई तो खैर नहीं: अंचल अधिकारियों को प्रध

Patna -बिहार सरकार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने अंचल अधिकारियों (CO) और राजस्व अधिकारियों द्वारा सोशल मीडिया पर सरकार की नीतियों के खिलाफ की जा रही टिप्पणियों पर कड़ा रुख अपनाया है। विभाग के प्रधान सचिव सी.के. अनिल ने एक आधिकारिक पत्र जारी कर सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को सरकारी सेवक आचरण नियमावली का कड़ाई से पालन करने का निर्देश दिया है। 

'जन कल्याण संवाद' की आलोचना पर विभाग सख्त

प्रधान सचिव ने पत्र में उल्लेख किया है कि पिछले दो महीनों से माननीय उप मुख्यमंत्री द्वारा प्रमंडलीय मुख्यालयों में आयोजित "भूमि सुधार जन कल्याण संवाद" (जो 12.12.2025 से शुरू हुआ) के संबंध में कुछ कर्मियों द्वारा सोशल मीडिया और मीडिया में प्रतिकूल आलोचना की गई है। विभाग ने इसे अनुशासनहीनता और सरकारी सेवक आचरण नियमावली, 1976 के विरुद्ध माना है। 

सोशल मीडिया रील और पोस्ट पर प्रतिबंध

सरकार ने स्पष्ट किया है कि किसी भी सरकारी सेवक के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सरकार की नीतियों के विरुद्ध रील (Reels) जारी करना या पोस्ट साझा करना सख्त रूप से प्रतिबंधित है।  निर्देशों के अनुसार सरकारी सेवकों को अपने व्यक्तिगत और व्यावसायिक (Professional) जीवन के बीच स्पष्ट अंतर बनाए रखना चाहिए। सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक टिप्पणियाँ करना अनुशासनहीनता का प्रतीक माना जाएगा।  बिना पूर्व अनुमति के समाचार पत्रों या रेडियो से संबंध रखना भी नियमों के विरुद्ध है। 

आचरण नियमावली के उल्लंघन पर गिरेगी गाज

बिहार सरकारी सेवक (आचरण) नियमावली, 1976 के नियम-10 का हवाला देते हुए कहा गया है कि कोई भी कर्मी अपने नाम, छद्म नाम या किसी अन्य के नाम से सरकार की नीतियों की प्रतिकूल आलोचना नहीं कर सकता। विभाग ने सभी कर्मियों को चेतावनी दी है कि वे स्थापित नियमों के अधीन आचरण करें, अन्यथा उनके विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई की जा सकती है।