Bihar road projects: बिहार में सड़कों का महाजाल! 49,751 करोड़ से बनेगा पटना-पूर्णिया एक्सप्रेसवे, बेतिया को भी मिलेगा फायदा
Bihar road projects: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने नितिन गडकरी से मिलकर बिहार की 49,751 करोड़ रुपये की चार सड़क परियोजनाओं को जल्द मंजूरी देने का अनुरोध किया। जानें पटना-पूर्णिया एक्सप्रेस-वे समेत सभी योजनाओं की जानकारी।
Bihar road projects: बिहार में सड़क और एक्सप्रेस-वे से जुड़ी बड़ी परियोजनाओं को जल्द मंजूरी दिलाने के लिए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने केंद्र सरकार के सामने राज्य का पक्ष रखा है। सोमवार, 2 नवंबर को नई दिल्ली में उन्होंने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात की। बैठक में करीब 49,751 करोड़ रुपये की चार प्रमुख सड़क परियोजनाओं को अंतिम मंजूरी देने का अनुरोध किया गया।
मुख्यमंत्री के अनुसार, करीब 330 किलोमीटर लंबाई वाली इन चार परियोजनाओं को केंद्र की सार्वजनिक-निजी भागीदारी मूल्यांकन समिति (PPPAC) से मंजूरी मिल चुकी है। अब ये आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति (CCEA) की अंतिम मंजूरी के लिए विचाराधीन हैं। सम्राट चौधरी ने गडकरी से इनकी प्रक्रिया जल्द पूरी कराने का आग्रह किया।
49,751 करोड़ की चार परियोजनाओं में क्या-क्या शामिल?
इन चार परियोजनाओं में सबसे बड़ी योजना पटना-पूर्णिया फोरलेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे की है। इसकी अनुमानित लागत 31,987.11 करोड़ रुपये बताई गई है। इसके अलावा एनएच-727AA पर गंडक नदी में दो लेन का पुल और उससे जुड़ी सड़क बनाने की योजना है। इस पर करीब 1,976.77 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इससे पश्चिम चंपारण के मनुआपुल यानी बेतिया को उत्तर प्रदेश के तिवारीपट्टी यानी सेवरही से जोड़ा जाएगा।
पटना में सरिस्ताबाद-दीदारगंज और अनीसाबाद-दीदारगंज खंड में छह लेन की एलिवेटेड रोड और सर्विस रोड बनाने की योजना भी शामिल है। इसकी अनुमानित लागत 8,455.86 करोड़ रुपये है।
वहीं, वाराणसी-रांची-कोलकाता छह लेन ग्रीनफील्ड हाईवे के कोणकी गांव से लेरुआ गांव तक के हिस्से के निर्माण पर 7,331.40 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इन चारों परियोजनाओं की बताई गई लागत का कुल योग करीब 49,751 करोड़ रुपये है।
गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेस-वे को राष्ट्रीय एक्सप्रेस-वे घोषित करने की मांग
मुख्यमंत्री ने गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेस-वे के बिहार वाले हिस्से को जल्द राष्ट्रीय एक्सप्रेस-वे के रूप में अधिसूचित करने का भी अनुरोध किया। उन्होंने बताया कि इस परियोजना के निर्माण से पहले की तैयारियों में बिहार सरकार भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) को सहयोग दे रही है। संबंधित जिलों में जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया भी आगे बढ़ रही है।
सम्राट चौधरी के अनुसार, इस एक्सप्रेस-वे के बनने से उत्तर बिहार की सड़क कनेक्टिविटी बेहतर होगी। साथ ही, रास्ते में पड़ने वाली नदियों पर नए पुल बनने से आवागमन आसान हो सकता है।
रक्सौल-हल्दिया एक्सप्रेस-वे को जल्द मंजूरी देने का आग्रह
बैठक में रक्सौल-हल्दिया एक्सप्रेस-वे का मुद्दा भी उठाया गया। मुख्यमंत्री ने बताया कि संशोधित रूट को मंजूरी मिलने के बाद जमीन अधिग्रहण की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। उन्होंने इस परियोजना को नेपाल के साथ व्यापार बढ़ाने और बिहार को हल्दिया बंदरगाह से सीधे जोड़ने के लिहाज से महत्वपूर्ण बताया। मुख्यमंत्री ने केंद्र से इसके जल्द नोटिफिकेशन और मंजूरी का अनुरोध किया।
मुजफ्फरपुर-बरौनी फोरलेन का काम तेज करने की मांग
सम्राट चौधरी ने मुजफ्फरपुर-बरौनी एनएच-122 को फोरलेन बनाने के काम में तेजी लाने का भी आग्रह किया। उन्होंने बताया कि इस परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) NHAI तैयार कर चुका है। मुख्यमंत्री के मुताबिक, बिहार में करीब 2,329 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्गों के रखरखाव और विकास की जिम्मेदारी राज्य के पथ निर्माण विभाग को दी गई है। विभाग ने 323 किलोमीटर लंबाई की छह राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की DPR तैयार कर केंद्र को भेजी है। इनकी कुल अनुमानित लागत 13,015 करोड़ रुपये है।
इन प्रस्तावों में विक्रमशिला पुल का पहुंच पथ और मशरख-चकिया-भिट्ठामोड़ सड़क को फोरलेन बनाने की योजना भी शामिल है। मुख्यमंत्री ने इन परियोजनाओं को जल्द तकनीकी और वित्तीय मंजूरी देने का अनुरोध किया।
राजनाथ सिंह और धर्मेंद्र प्रधान से भी मिले मुख्यमंत्री
दिल्ली दौरे के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से भी मुलाकात की। इस दौरान बिहार के सीमावर्ती जिलों की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई। इसके बाद उन्होंने पूर्व केंद्रीय मंत्री और सांसद धर्मेंद्र प्रधान से भी मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने बिहार में सड़क और बुनियादी ढांचे के विकास में सहयोग के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का आभार जताया। अब इन परियोजनाओं पर केंद्र की अंतिम मंजूरी का इंतजार है।