बिहार के सरकारी अफसरों की 'कुंडली' अब 16 पैमानों पर : एससी-एसटी के प्रति नजरिया खराब हुआ तो करियर पर लगेगा ब्रेक, नई मार्किंग सिस्टम लागू

बिहार सचिवालय सेवा के अफसरों के लिए अब 16 बिंदुओं पर वार्षिक मूल्यांकन (PAR) अनिवार्य कर दिया गया है। इसमें काम की गुणवत्ता के साथ व्यवहार और समयपालन के भी अंक जुड़ेंगे।

बिहार के सरकारी अफसरों की 'कुंडली' अब 16 पैमानों पर : एससी-ए

Patna - बिहार सचिवालय सेवा के अधिकारियों के लिए अब प्रमोशन और बेहतर करियर का रास्ता उनके काम की बारीकियों से तय होगा। सामान्य प्रशासन विभाग ने अधिकारियों के वार्षिक मूल्यांकन (PAR) के लिए नई और सख्त मानक प्रक्रिया निर्धारित की है। विभाग के संयुक्त सचिव केशव कुमार द्वारा जारी इस आदेश के तहत अब अधिकारियों की 'कुंडली' 16 खास पैमानों पर कसी जाएगी। 

नंबरों का गणित: 'एक्सीलेंट' के लिए चाहिए 8 से 10 अंक

नई व्यवस्था के तहत अधिकारियों के कार्य प्रदर्शन को अंकों में बांटा गया है। यदि किसी अधिकारी को 8 से 10 के बीच अंक मिलते हैं, तो उन्हें 'एक्सीलेंट' (Excellent) माना जाएगा। वहीं, 'वेरी गुड' (Very Good) के लिए 6 से 8 अंक और 'गुड' (Good) के लिए 4 से 6 अंक निर्धारित किए गए हैं। जिन अधिकारियों का प्रदर्शन औसत रहेगा, उन्हें 4 से कम अंक दिए जाएंगे, जबकि 'प्रतिकूल' (Adverse) टिप्पणी होने पर कोई ग्रेडिंग नहीं मिलेगी। 

इन 16 बिंदुओं पर होगा अधिकारियों का टेस्ट

विभाग ने मूल्यांकन के लिए जिन 16 बिंदुओं को तय किया है, उनमें काम की गुणवत्ता के साथ-साथ व्यवहारिक कुशलता को भी जोड़ा गया है: 

कार्य कुशलता: नियमों का ज्ञान, फाइल पर नोटिंग और ड्राफ्टिंग की गुणवत्ता और काम निपटाने की तेजी। 

अनुशासन: कार्यालय में समय पर उपस्थिति और सीखने की उत्सुकता। 

व्यवहार: सहकर्मियों और जनता के साथ संबंध, कार्यालय शिष्टाचार और सामान्य आचरण। 

  • सामाजिक दृष्टिकोण: अनुसूचित जाति/जनजाति के प्रति नजरिया और सामाजिक न्याय के प्रति संवेदनशीलता। 


  • सत्यनिष्ठा और योग्यता की होगी परख

अधिकारियों की सत्यनिष्ठा (Integrity) को भी इस मूल्यांकन का अहम हिस्सा बनाया गया है। विभाग का मानना है कि इस मानक प्रक्रिया से न केवल कामकाज में पारदर्शिता आएगी, बल्कि योग्य अधिकारियों की पहचान करना भी आसान होगा। यह आदेश बिहार के सभी विभागों, पुलिस महानिदेशक और प्रमंडलीय आयुक्तों को भेज दिया गया है ताकि तत्काल प्रभाव से इसे लागू किया जा सके।