Bihar Technical Education: बिहार में तकनीकी शिक्षा का नया रोडमैप तैयार,रिसर्च फंड तक बढ़ेगी रफ्तार, AI-रोबोटिक्स पर जोर
Bihar Technical Education: बिहार में तकनीकी शिक्षा को आधुनिक जरूरतों के अनुरूप ढालने और इंजीनियरिंग-पॉलिटेक्निक संस्थानों में शोध व कौशल विकास को नई रफ्तार देने की तैयारी तेज हो गई है।...
Bihar Technical Education: बिहार में तकनीकी शिक्षा को आधुनिक जरूरतों के अनुरूप ढालने और इंजीनियरिंग-पॉलिटेक्निक संस्थानों में शोध व कौशल विकास को नई रफ्तार देने की तैयारी तेज हो गई है। विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अनुसंधान, आधारभूत संरचना, नए पाठ्यक्रम और रोजगारपरक प्रशिक्षण को लेकर विस्तृत कार्ययोजना तैयार की है।
इसी सिलसिले में विभाग की मंत्री श्रीमती शीला कुमारी ने राज्य के सभी राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेजों के प्राचार्यों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक के बाद उन्होंने बताया कि राज्य के इंजीनियरिंग और पॉलिटेक्निक संस्थानों में उपलब्ध कुल सीटों के मुकाबले 98 प्रतिशत नामांकन का लक्ष्य हासिल किया गया है। विभाग के अनुसार यह उपलब्धि सत्र 2022-23 की तुलना में बड़ी प्रगति है।मंत्री ने बताया कि राज्य के 11 राजकीय पॉलिटेक्निक संस्थानों की 20 शाखाओं को नेशनल बोर्ड ऑफ एक्रेडिटेशन यानी NBA की मान्यता मिल चुकी है। वहीं 32 संस्थानों के 42 कार्यक्रमों का मूल्यांकन फिलहाल प्रक्रियाधीन है।
रिसर्च फंड में कई गुना बढ़ोतरी की तैयारी
इंजीनियरिंग कॉलेजों में शोध संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए रिसर्च फंड में बड़ा इजाफा प्रस्तावित है। मंत्री के मुताबिक वर्तमान में 2 से 3 लाख रुपये तक मिलने वाली राशि को बढ़ाकर 20 से 30 लाख रुपये प्रति परियोजना करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। शोध के लिए AI, डेटा साइंस, GIS, रोबोटिक्स, सेमीकंडक्टर और ग्रीन एनर्जी जैसे आधुनिक क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जा रही है।
दो नए विश्वविद्यालयों की स्थापना की प्रक्रिया पूरी
उच्च प्रदर्शन करने वाले संस्थानों को विश्वविद्यालय में विकसित करने की दिशा में मुजफ्फरपुर और भागलपुर में पहल आगे बढ़ी है। मुजफ्फरपुर में शहीद जुब्बा साहनी आर्किटेक्चरल एवं सिविल विश्वविद्यालय और भागलपुर में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड कंप्यूटर साइंस विश्वविद्यालय की स्थापना की प्रक्रिया पूरी किए जाने की जानकारी मंत्री ने दी।
शिक्षकों के प्रशिक्षण के लिए Google के साथ समन्वय और AI आधारित पाठ्यक्रम डिजाइन के लिए Microsoft के साथ सहयोग की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। छात्रों को अंतरराष्ट्रीय रोजगार बाजार के लिए तैयार करने के उद्देश्य से जर्मन, फ्रेंच और जापानी भाषा प्रशिक्षण के साथ अंतरराष्ट्रीय एक्सपोजर विजिट कराने की भी योजना है।
पूर्णिया, मोतिहारी और जमुई में नए तारामंडल का प्रस्ताव
मंत्री ने बताया कि पूर्णिया, मोतिहारी और जमुई में नए तारामंडल स्थापित करने के प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजे गए हैं। इसके साथ ही रिमोट सेंसिंग सेंटर, बायोटेक्नोलॉजी, नैनोटेक्नोलॉजी और स्पेस पॉलिसी जैसे क्षेत्रों में भी काम चल रहा है। विभाग में यंग प्रोफेशनल्स की नियुक्ति के लिए बेल्ट्रॉन के माध्यम से बहाली शुरू करने की तैयारी है।
छात्रों की सुविधाओं और उपस्थिति पर भी बैठक में चर्चा हुई। जिन संस्थानों में छात्रावास की सुविधा उपलब्ध नहीं है, वहां सरकार किराए पर मकान लेकर हॉस्टल सुविधा उपलब्ध कराने की योजना पर काम करेगी। मंत्री ने बताया कि मधुबनी पॉलिटेक्निक कॉलेज में शत-प्रतिशत प्लेसमेंट हुआ है और अन्य संस्थानों में भी रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए मिशन मोड में काम किया जा रहा है।