वैश्विक मंच पर चमका बिहार का लाल: सैंड आर्टिस्ट मधुरेंद्र कुमार को अमेरिका की यूनिवर्सिटी से मिली मानद डॉक्टरेट की उपाधि

भारत के अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त बिहार के लाल सैंड आर्टिस्ट मधुरेंद्र कुमार ने विश्व पटल पर एक बार फिर देश का मान बढ़ाया है। मधुरेन्द्र को उनकी उत्कृष्ट कलात्मक उपलब्धियों के लिए अमेरिका इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी ने मानद डॉक्टरेट की उपाधि से नवाजा है

वैश्विक मंच पर चमका बिहार का लाल: सैंड आर्टिस्ट मधुरेंद्र कु
सैंड आर्टिस्ट मधुरेंद्र को अमेरिका की यूनिवर्सिटी से मिली मानद डॉक्टरेट की उपाधि- फोटो : रजनीश

Patna/USA : भारत के अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त रेत कलाकार (सैंड आर्टिस्ट) मधुरेंद्र कुमार ने विश्व पटल पर एक बार फिर देश का मान बढ़ाया है। उन्हें उनकी उत्कृष्ट कलात्मक उपलब्धियों और समाज के प्रति रचनात्मक योगदान के लिए अमेरिका इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी (AIU), हॉलीवुड, कैलिफ़ोर्निया द्वारा 'सैंड आर्ट' के क्षेत्र में ऑनरेरी डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी (मानद डॉक्टरेट) की प्रतिष्ठित उपाधि से सम्मानित किया गया है। इस सर्वोच्च वैश्विक सम्मान को पाकर मधुरेंद्र कुमार सैंड आर्ट के क्षेत्र में मानद डॉक्टरेट की उपाधि हासिल करने वाले दुनिया के पहले रेत कलाकार बन गए हैं।


सामाजिक और सांस्कृतिक योगदान के लिए मिला सर्वोच्च सम्मान

यह ऐतिहासिक सम्मान अमेरिका इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी के शिक्षा विभाग के कड़े नियमों के अनुसार विश्वविद्यालय की सीनेट द्वारा सर्वसम्मति से प्रदान किया गया है। विश्वविद्यालय प्रबंधन ने माना कि मधुरेंद्र कुमार ने न केवल अपनी अद्वितीय रेत कला के माध्यम से सामाजिक जागरूकता और सांस्कृतिक संरक्षण को बढ़ावा दिया, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय कला और संस्कृति को एक नई व विशिष्ट पहचान दिलाने में भी उल्लेखनीय योगदान दिया है।


कैलिफ़ोर्निया स्थित हॉलीवुड परिसर में आयोजित हुआ भव्य समारोह

बीते 26 जून 2026 को कैलिफ़ोर्निया (यूएसए) के हॉलीवुड स्थित विश्वविद्यालय परिसर (6464 डब्लू. सनसेट बुलेवार्ड, सुइट 550) में आयोजित एक भव्य दीक्षांत समारोह के दौरान उन्हें इस मानद उपाधि से नवाजा गया। सम्मान स्वरूप जारी किए गए आधिकारिक प्रमाणपत्र पर विश्वविद्यालय के संस्थापक एवं चांसलर डॉ. सांग वॉन पार्क तथा रजिस्ट्रार क्युंग बाई एन के संयुक्त हस्ताक्षर अंकित हैं। इस प्रतिष्ठित सम्मान का आधिकारिक रजिस्ट्रेशन नंबर AIU/6054/2026 दर्ज किया गया है।


वैश्विक पटल पर भारत और बिहार का बढ़ा गौरव

विश्वविद्यालय द्वारा दी गई यह मानद उपाधि मधुरेंद्र कुमार की अंतरराष्ट्रीय उपलब्धियों, रचनात्मक उत्कृष्टता तथा रेत कला के माध्यम से समाज और मानवता के प्रति उनके निरंतर समर्पण का वैश्विक प्रमाण है। अपनी उंगलियों के जादू से रेत पर सजीव आकृतियां उकेरने वाले मधुरेंद्र कुमार को मिला यह अकादमिक सम्मान उनकी कलात्मक यात्रा का सबसे बड़ा मील का पत्थर माना जा रहा है।


देश-विदेश से मिल रही बधाइयों का तांता

इस ऐतिहासिक और अभूतपूर्व उपलब्धि की खबर मिलते ही न केवल बिहार, बल्कि पूरे देश का गौरव विश्व मंच पर और अधिक बढ़ गया है। मधुरेंद्र कुमार को इस वैश्विक मुकाम पर पहुंचने के लिए देश-विदेश के कला जगत, विभिन्न सामाजिक संगठनों, प्रबुद्ध जनों तथा उनके शुभचिंतकों द्वारा लगातार हार्दिक बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी जा रही हैं।


रजनीश की रिपोर्ट