बिहार के MBA छात्र की किडनी का सौदा: कानपुर में बेची किडनी,अब हालत देख दहल जाएगा दिल

बिहार के एक MBA छात्र ने रुपयों की तंगी के चलते कानपुर में अपनी किडनी बेच दी। ऑपरेशन के बाद हालत बिगड़ने पर वह हैलट अस्पताल के ICU में भर्ती है। "मेरी मां को कुछ मत बताना" - पीड़ित की इस गुहार ने सबको भावुक कर दिया है। जानें क्या है पूरा मामला।

Bihar student sells kidney in Kanpur
बिहार के छात्र ने कानपुर में बेची किडनी- फोटो : news 4 nation

बिहार के एक होनहार MBA छात्र आयुष कुमार की यह कहानी जितनी दर्दनाक है, उतनी ही समाज के लिए एक चेतावनी भी। कानपुर के हैलट अस्पताल के ICU में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे आयुष की आंखों में अपनी मां के प्रति जो डर और पछतावा है, उसने पुलिसकर्मियों को भी भावुक कर दिया है। आयुष कुमार, जो अपनी आंखों में बेहतर भविष्य के सपने लिए MBA की पढ़ाई कर रहा था, रुपयों की तंगी और जल्द अमीर बनने या किसी आर्थिक दबाव के चलते एक बड़े किडनी रैकेट के जाल में फंस गया। घर पर यह कहकर निकला था कि उसे कानपुर में एक अच्छी नौकरी मिल गई है, ताकि परिवार को उसकी आर्थिक स्थिति की चिंता न हो। लेकिन उसे क्या पता था कि जिस नौकरी की तलाश में वह जा रहा है, वहां वह खुद एक 'सौदे की वस्तु' बन जाएगा।

हैलट अस्पताल के ICU में जिंदगी की जंग

किडनी निकालने के ऑपरेशन के बाद आयुष की तबीयत बिगड़ गई। ऑपरेशन के दौरान हुई लापरवाही या शरीर की प्रतिक्रिया के कारण उसकी हालत गंभीर हो गई, जिसके बाद उसे कानपुर के हैलट अस्पताल के ICU में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों के अनुसार, उसकी स्थिति अभी भी चिंताजनक बनी हुई है। जो कोई भी उस युवा छात्र को इस हाल में देखता है, उसकी रूह कांप जाती है कि कैसे एक पढ़े-लिखे युवक ने चंद रुपयों के लिए अपनी जान जोखिम में डाल दी।

"मेरी मां को मत बताना": एक बेटे का पश्चाताप

जब पुलिस जांच के लिए आयुष के पास पहुंची और उसके परिवार को सूचित करने की प्रक्रिया शुरू की, तो आयुष फूट-फूट कर रोने लगा। उसने पुलिसवालों के पैर पकड़ लिए और मिन्नतें की कि उसकी मां को इस बारे में कुछ न बताया जाए। वह नहीं चाहता कि उसकी मां को यह पता चले कि उसका बेटा नौकरी नहीं कर रहा, बल्कि अपनी किडनी बेचकर अस्पताल के बिस्तर पर पड़ा है। यह झूठ का बोझ उसे अपनी शारीरिक पीड़ा से भी ज्यादा चुभ रहा है। आयुष बिहार के समस्तीपुर रहने वाला है। पिता कि मौत के बाद परिवार कि आर्थिक हालात बेहद ख़राब है। पुलिस की पूछताछ के दौरान आयुष ने अपनी गर्लफ्रेंड से बात कराई, जो बिहार के बेगूसराय जिले की रहने वाली है। गर्लफ्रेंड बुधवार दोपहर कानपुर पहुंची और पुलिस की कड़ी सुरक्षा में उसे आयुष से मिलवाया गया। गर्लफ्रेंड को देखते ही आयुष की आंखों से आंसू बह निकले। वह फूट-फूटकर रोने लगा और बार-बार कहता रहा, “मुझसे बहुत बड़ी गलती हो गई।” गर्लफ्रेंड ने उसके सिर पर प्यार से हाथ फेरा, आंसू पोंछे और दिलासा देते हुए कहा कि सब ठीक हो जाएगा। दोनों एक ही यूनिवर्सिटी में पढ़ते हैं- देहरादून के ग्राफिक एरा यूनिवर्सिटी में। आयुष चौथे सेमेस्टर में है जबकि उसकी गर्लफ्रेंड दूसरे सेमेस्टर में पढ़ रही है। 


किडनी रैकेट की गहराई और पुलिस की कार्रवाई

इस मामले ने कानपुर और बिहार के प्रशासनिक हल्कों में हड़कंप मचा दिया है। पुलिस अब उस पूरे नेटवर्क को खंगाल रही है जिसने आयुष जैसे पढ़े-लिखे युवाओं को अपने जाल में फंसाया। जांच में यह बात सामने आ रही है कि सोशल मीडिया या किसी बिचौलिए के जरिए आयुष इन अंगों के सौदागरों के संपर्क में आया था। पुलिस अब उन अस्पतालों और डॉक्टरों की भी तलाश कर रही है जिन्होंने इस अवैध निबंधन/ऑपरेशन को अंजाम दिया।