Bihar Tender Scam: आठ घंटे तक IAS आईएएस संतोष मल्ल से ईडी ने की पूछताछ, आज किस आईएएस का है बुलावा, पढ़िए
Bihar Tender Scam: बिहार के बहुचर्चित टेंडर घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच लगातार तेज होती जा रही है।....
Bihar Tender Scam: बिहार के बहुचर्चित टेंडर घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच लगातार तेज होती जा रही है। इसी सिलसिले में गुरुवार को वरिष्ठ आईएएस अधिकारी एवं आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव संतोष कुमार मल्ल से ईडी ने करीब आठ घंटे तक गहन पूछताछ की। सुबह 11:15 बजे शुरू हुई पूछताछ शाम लगभग 7:30 बजे तक चली। इस दौरान जांच अधिकारियों ने नगर विकास एवं आवास विभाग के सचिव के रूप में उनके कार्यकाल में स्वीकृत विभिन्न सरकारी निविदाओं, ठेकों के आवंटन और भुगतान से जुड़े कई अहम सवाल पूछे।
पूछताछ का सबसे दिलचस्प पहलू संतोष मल्ल के नाम से सामने आई कथित व्हाट्सएप चैट रही। ईडी अधिकारियों ने उनसे ‘पांच केजी आम अर्जेंट’ लिखे संदेश का मतलब पूछा। जांच एजेंसी की चार्जशीट में कथित तौर पर ठेकेदार रिशुश्री और संतोष मल्ल के बीच इस बातचीत का उल्लेख किया गया है। ईडी यह जानना चाहती है कि आम से जुड़े इस संदेश के पीछे कोई सांकेतिक भाषा या आर्थिक लेन-देन का संकेत तो नहीं था।
हालांकि, संतोष मल्ल ने व्हाट्सएप पर ऐसी किसी बातचीत से इनकार किया। इससे पहले भी वह इस चैट को लेकर अपनी सफाई दे चुके हैं। उनका कहना था कि संभव है किसी दूसरे व्यक्ति का मोबाइल नंबर उनके नाम से सेव कर लिया गया हो और उसी के आधार पर बातचीत को उनसे जोड़ दिया गया हो।ईडी ने पूछताछ के दौरान यह भी जानने का प्रयास किया कि सीवरेज ट्रीटमेंट, ड्रेनेज सिस्टम और ठोस कचरा प्रबंधन से जुड़ी सरकारी परियोजनाओं के ठेके कुछ चुनिंदा कंपनियों को किस आधार पर दिए गए। संतोष मल्ल ने अधिकारियों को बताया कि निविदाओं का आवंटन निर्धारित नियमों और प्रक्रियाओं के तहत किया गया था। हालांकि, ईडी सूत्रों के मुताबिक, कई सवालों पर वह स्पष्ट जवाब देने से बचते नजर आए।
जांच एजेंसी की रिपोर्ट में संबंधित परियोजनाओं के ठेकों में पांच से सात प्रतिशत तक कमीशनखोरी के कथित प्रमाण मिलने की बात कही गई है। आरोप है कि ठेकेदार रिशुश्री और उससे जुड़ी कंपनियों को सरकारी काम दिलाने के बदले अधिकारियों तक कमीशन की रकम पहुंचाई जाती थी। रिशुश्री के मोबाइल फोन, व्हाट्सएप चैट और डिजिटल दस्तावेजों की पड़ताल में कथित तौर पर अधिकारियों को आर्थिक लाभ पहुंचाने से जुड़े सुराग मिले हैं।ईडी ने संतोष मल्ल से ठेकों की स्वीकृति, कार्यादेश जारी करने, भुगतान की प्रक्रिया और संबंधित फैसले लेने वाले अधिकारियों की भूमिका के बारे में भी जानकारी मांगी।
इस मामले में पूछताछ का दायरा अब दूसरे वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंच रहा है। शुक्रवार को वरिष्ठ आईएएस अधिकारी आनंद किशोर को ईडी के समक्ष उपस्थित होना है। उनसे नगर विकास एवं आवास विभाग तथा बिहार शहरी आधारभूत संरचना विकास निगम (बुडको) में उनकी तैनाती के दौरान हुई कथित टेंडर अनियमितताओं को लेकर सवाल किए जाएंगे।
पिछले चार दिनों में ईडी अभिलाषा कुमारी शर्मा, सुनील कुमार यादव, धर्मेंद्र कुमार और संतोष कुमार मल्ल समेत चार आईएएस अधिकारियों से पूछताछ कर चुकी है। वहीं, योगेश कुमार सागर ने अगले सप्ताह पूछताछ के लिए उपस्थित होने का अनुरोध किया है। अब सबकी निगाहें आनंद किशोर से होने वाली पूछताछ पर टिकी हैं। जांच एजेंसी की पड़ताल से यह साफ होने की उम्मीद है कि सरकारी परियोजनाओं के ठेकों में कथित कमीशनखोरी का नेटवर्क कितना व्यापक था और इसमें किन-किन अधिकारियों तथा कंपनियों की भूमिका रही। हालांकि, इन आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।