Bihar Coaching Institutes: बिहार की कोचिंग संस्थानों के लिए नई गाइडलाइन, शिक्षकों को मानना होगा नया नियम, नहीं तो होगी सख्त कार्रवाई

Bihar Coaching Institutes: पंजीकरण संख्या को मुख्य प्रवेश द्वार और रिसेप्शन पर प्रदर्शित करना अनिवार्य होगा। क्लासरूम का आकार प्रति छात्र कम से कम एक वर्ग मीटर के मानक के अनुसार होना चाहिए। पूरे परिसर में उच्च गुणवत्ता वाले CCTV कैमरे लगाना और कम से

कोचिंग संस्थान
कोचिंग संस्थानों के लिए गाइडलाइन - फोटो : AI Image

Bihar Coaching Institutes:  बिहार में छात्रों की सुरक्षा को लेकर बड़ा कदम उठाया गया है। अब गर्ल्स हॉस्टल की तरह सभी कोचिंग संस्थानों का विस्तृत ब्योरा थानास्तर पर रखा जाएगा। इसमें संस्थान की पंजीकरण संख्या, संचालक का नाम-पता, शिक्षकों और कर्मचारियों का पूरा विवरण शामिल किया जाएगा। साथ ही सभी शिक्षकों और कर्मियों का पुलिस सत्यापन अनिवार्य कर दिया गया है। इस व्यवस्था को लागू करने की जिम्मेदारी सभी थानाध्यक्षों को सौंपी गई है। कोचिंग संस्थानों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी आपराधिक या अनैतिक गतिविधि में शामिल व्यक्ति को नौकरी पर न रखा जाए।

दिशा-निर्देश जारी 

बिहार पुलिस मुख्यालय की ओर से सभी जिलों के एसएसपी और एसपी को इस संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराया जाए। स्थानीय सिविल प्रशासन के साथ समन्वय कर थानाध्यक्ष और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी नियमित निरीक्षण करेंगे और गड़बड़ी मिलने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

कोचिंग संस्थानों के लिए लागू किए गए प्रमुख नियम

पंजीकरण संख्या को मुख्य प्रवेश द्वार और रिसेप्शन पर प्रदर्शित करना अनिवार्य होगा। क्लासरूम का आकार प्रति छात्र कम से कम एक वर्ग मीटर के मानक के अनुसार होना चाहिए। पूरे परिसर में उच्च गुणवत्ता वाले CCTV कैमरे लगाना और कम से कम 30 दिन का बैकअप रखना जरूरी होगा। छात्रों को मादक पदार्थों और मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने के लिए नियमित कार्यशालाएं आयोजित करनी होंगी। शिकायतों के लिए शिकायत-पेटी की व्यवस्था करनी होगी।

बिना सूचना अनुपस्थित नहीं रहेंगे छात्र

छात्र-छात्राओं के बिना सूचना अनुपस्थित रहने पर अभिभावकों को तुरंत जानकारी देनी होगी। मॉक टेस्ट, बायोमेट्रिक उपस्थिति और परिवहन सुविधा से जुड़ी जानकारी अभिभावकों को दी जाएगी, साथ ही ड्राइवर और कंडक्टर का पुलिस सत्यापन अनिवार्य रहेगा। नामचीन संस्थानों द्वारा दलालों के इस्तेमाल की शिकायत मिलने पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सुरक्षा ऑडिट और करियर काउंसलिंग की व्यवस्था भी सुनिश्चित करनी होगी।

लापरवाही पर कार्रवाई 

पुलिस का कहना है कि इन सभी उपायों का मुख्य उद्देश्य छात्रों की सुरक्षा को मजबूत करना और कोचिंग संस्थानों में पारदर्शिता सुनिश्चित करना है, ताकि अभिभावकों का भरोसा बना रहे और किसी भी तरह की अनियमितता पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।