Bihar Teacher News: शिक्षकों के लिए 5 सितंबर से बदल जाएंगे कई नियम, शिक्षा मंत्री के सख्त रुख से विभाग में हड़कंप

Bihar Teacher News: बिहार शिक्षा विभाग ने शिक्षकों से जुड़े लंबित मामलों के निपटारे को लेकर कार्रवाई तेज करने का फैसला किया है।....

Bihar to End Offline Teacher Applications After September 5
शिक्षकों के लिए 5 सितंबर से बदल जाएंगे कई नियम- फोटो : social Media

Bihar Teacher News: बिहार शिक्षा विभाग ने शिक्षकों से जुड़े लंबित मामलों के निपटारे को लेकर कार्रवाई तेज करने का फैसला किया है। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने सोमवार को विकास भवन स्थित मदन मोहन सभागार में विभागीय समीक्षा बैठक कर अधिकारियों को लंबित प्रकरणों के तेजी से निष्पादन का निर्देश दिया। मंत्री ने साफ कहा कि शिक्षकों से जुड़े मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए और लंबित मामलों की संख्या शून्य तक लाई जाए।

समीक्षा बैठक में शिक्षा विभाग की विभिन्न योजनाओं और उनसे जुड़े मामलों की अद्यतन स्थिति पर विस्तार से चर्चा हुई। मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ शिक्षकों और विद्यार्थियों को निर्धारित समय पर मिलना चाहिए। विभागीय कामकाज में अनावश्यक देरी और फाइलों के लंबित रहने की प्रवृत्ति पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए समयबद्ध कार्रवाई पर जोर दिया।

शिक्षा मंत्री ने शिक्षकों के लिए बड़ा बदलाव करते हुए कहा कि 5 सितंबर के बाद ऑफलाइन आवेदन की व्यवस्था समाप्त कर दी जाएगी। इसके बाद शिक्षकों से जुड़े आवेदन और शिकायतें ई-शिक्षाकोष पोर्टल के माध्यम से ही स्वीकार किए जाएंगे।सरकार का जोर आवेदन और शिकायतों की पूरी प्रक्रिया को डिजिटल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने पर है। ऑनलाइन व्यवस्था लागू होने से शिक्षकों को आवेदन जमा करने के लिए विभागीय कार्यालयों के चक्कर लगाने की जरूरत कम होगी और मामलों की निगरानी भी डिजिटल माध्यम से की जा सकेगी।

बैठक में सीएम सहयोग पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों और आवेदनों की स्थिति की भी समीक्षा की गई। शिक्षा मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पोर्टल पर आने वाले मामलों का निर्धारित समय-सीमा के भीतर समाधान किया जाए। उनका स्पष्ट संदेश था कि शिक्षकों की समस्याओं को बेवजह लंबित न रखा जाए और प्रत्येक मामले की जवाबदेही तय हो।

अररिया, सारण, मधुबनी और भागलपुर के राजकीय संस्कृत उच्च विद्यालयों समेत पर्याप्त जमीन वाले अन्य विद्यालयों में समेकित विद्यालय विकसित करने की योजना पर भी चर्चा हुई। इन संस्थानों में संस्कृत की पढ़ाई जारी रखने की बात कही गई है। साथ ही विद्यालयों की जमीन पर हुए अतिक्रमण को हटाने के लिए भी आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।कुल मिलाकर शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में शिक्षक समस्याओं के त्वरित समाधान, डिजिटल आवेदन व्यवस्था, खाली पदों पर बहाली, बकाये वेतन के भुगतान और स्कूलों की प्रशासनिक निगरानी को लेकर कई अहम निर्देश दिए गए। अब विभाग के सामने सबसे बड़ी चुनौती इन फैसलों को समय-सीमा के भीतर जमीन पर उतारने की होगी।

बैठक में राज्य के स्कूलों में खाली पड़े लाइब्रेरियन के पदों को भरने के मुद्दे पर भी चर्चा हुई। शिक्षा मंत्री ने इस दिशा में जल्द कार्रवाई शुरू करने का निर्देश दिया। साथ ही बिहार शिक्षा सेवा के नवनियुक्त 48 अधिकारियों को प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी यानी बीईओ की जिम्मेदारी देने के प्रस्ताव पर भी विचार किया गया।प्रखंड स्तर पर शिक्षा व्यवस्था की निगरानी मजबूत करने के लिए प्रखंड विकास पदाधिकारियों को भी इस जिम्मेदारी के लिए प्राथमिकता देने के विकल्प पर मंथन हुआ। इससे शिक्षा विभाग के प्रशासनिक कामकाज और स्कूलों की मॉनिटरिंग को बेहतर बनाने की कोशिश की जा रही है।