बिहार से खुलने वाली इन ट्रेनों में अब नहीं मिलेगी 7 और 8 नंबर की बर्थ, रेलवे ने वेंडरों के लिए किया रिजर्व, यात्रियों को मिलेगा फायदा

बिहार से खुलने वाली बिना पैंट्री कार वाली ट्रेनों में अब यात्रियों को कुछ चुनिंदा बर्थ पर टिकट नहीं मिलेगा। रेलवे ने वेंडरों की सुविधा और यात्रियों के बेहतर खान-पान के लिए इन सीटों को आरक्षित कर दिया है।

बिहार से खुलने वाली इन ट्रेनों में अब नहीं मिलेगी 7 और 8 नंब

Patna - बिहार से देश के अलग-अलग हिस्सों में जाने वाले रेल यात्रियों के लिए एक महत्वपूर्ण खबर है। रेलवे ने बिहार से खुलने वाली उन दर्जनों लंबी दूरी की ट्रेनों में वेंडरों के लिए बर्थ आरक्षित कर दी है, जिनमें पैंट्री कार (रसोई यान) की सुविधा नहीं होती। इस फैसले से विशेष रूप से बिहार के रेलखंडों पर चलने वाली ट्रेनों में यात्रियों को समय पर और व्यवस्थित तरीके से खान-पान मिल सकेगा। 

बिहार की इन प्रमुख ट्रेनों में वेंडरों का होगा कब्जा

रेलवे के नए आदेश के अनुसार, बिहार से दिल्ली, हावड़ा और लखनऊ जाने वाली कई महत्वपूर्ण ट्रेनों में सीटें लॉक कर दी गई हैं। पटना से दिल्ली जाने वाली लोकप्रिय मगध एक्सप्रेस (20801) के एस 1 कोच में सीट संख्या 7 और 8 वेंडरों के लिए रहेगी। इसी तरह, बरौनी से खुलने वाली लखनऊ एक्सप्रेस (15203) के एस 5 में और गोंदिया एक्सप्रेस (15231) के एस 6 कोच में वेंडरों के लिए सीटें आवंटित की गई हैं। 

मिथिलांचल की 'अमृत भारत' और इंटरसिटी ट्रेनों पर भी असर

उत्तर बिहार और मिथिलांचल के यात्रियों के लिए चलने वाली दरभंगा-आनंद विहार अमृत भारत एक्सप्रेस (15557) और दरभंगा-गन्टूर अमृत भारत (15561) के एस 1 कोच में वेंडरों के लिए दो-दो सीटें आरक्षित की गई हैं। इसके अलावा, दरभंगा-हावड़ा और दरभंगा-कोलकाता एक्सप्रेस के एस 5 कोच में भी यात्रियों को अब 7 और 8 नंबर की बर्थ बुकिंग के लिए उपलब्ध नहीं होगी। 

स्थानीय रूटों और इंटरसिटी यात्रियों की बदली व्यवस्था

बिहार के भीतर और पड़ोसी राज्यों तक चलने वाली ट्रेनों जैसे राजेंद्र नगर-बांका एक्सप्रेस (13242), इंटरसिटी एक्सप्रेस (13236) और पलामू एक्सप्रेस में भी यही नियम लागू होगा। धनबाद-पटना एक्सप्रेस के एस 1 कोच में भी वेंडरों के लिए जगह तय कर दी गई है। इन सभी ट्रेनों में 'ट्रेन साइड वेंडिंग' (TSV) की सुविधा को सुचारू बनाने के लिए यह कदम उठाया गया है। 

बिहार के यात्रियों के लिए क्यों जरूरी है यह बदलाव?

बिहार से चलने वाली कई ट्रेनों में पैंट्री कार नहीं होने के कारण यात्रियों को भोजन और पानी के लिए वेंडरों पर निर्भर रहना पड़ता है। अब तक वेंडरों के पास बैठने या सामान रखने की जगह नहीं होने से वे कोच के गेट या गलियारे में सामान रखते थे, जिससे यात्रियों को आने-जाने में परेशानी होती थी। अब वेंडरों को अपनी बर्थ मिलने से न केवल कोच में भीड़ कम होगी, बल्कि यात्रियों को ताज़ा और सुरक्षित भोजन भी मिल सकेगा।

विभिन्न ट्रेनों में आवंटित बर्थ और कोच संख्या

रेलवे के आदेशानुसार, निम्नलिखित ट्रेनों में वेंडरों के लिए बर्थ निर्धारित की गई हैं:

  • बरौनी-लखनऊ एक्सप्रेस (15203): कोच एस 5 (S5) में सीट संख्या 79 और 80।

  • बरौनी-गोंदिया एक्सप्रेस (15231): कोच एस 6 (S6) में सीट संख्या 7 और 8।

  • दरभंगा-कोलकाता एक्सप्रेस (15234): कोच एस 5 (S5) में सीट संख्या 7 और 8।

  • दरभंगा-हावड़ा एक्सप्रेस (15236): इस ट्रेन में भी समान सीट संख्या (7 और 8) आवंटित की गई है।

  • सत्याग्रह एक्सप्रेस (15273): कोच एस 6 (S6) में सीट संख्या 7 और 8।

  • दरभंगा-आनंद विहार अमृत भारत (15557): कोच एस 1 (S1) में सीट संख्या 7 और 8।

  • दरभंगा-गन्टूर अमृत भारत (15561): कोच एस 1 (S1) में सीट संख्या 7 और 8।

  • मगध एक्सप्रेस (20801): कोच एस 1 (S1) में सीट संख्या 7 और 8।

  • ब्लैक डायमंड एक्सप्रेस: डी 1 (D1) कोच में सीट संख्या 100 और 101।

  • दानापुर-साहिबगंज इंटरसिटी (13236): बी 1 (B1) कोच में सीट संख्या 71 और 72।

  • राजेंद्र नगर-बांका एक्सप्रेस (13242) और कैपिटल एक्सप्रेस: कोच एस 6 (S6) में सीट संख्या 7 और 8।

  • साउथ बिहार एक्सप्रेस: कोच एस 5 (S5) में सीट संख्या 79 और 80।

  • धनबाद-पटना एक्सप्रेस और पलामू एक्सप्रेस: कोच एस 1 (S1) में सीट संख्या 7 और 8।