पंचायत सरकार भवनों का पैसा 'लैप्स' हुआ तो खैर नहीं, 40 दिन बचे और ₹221 करोड़ अब भी बाकी, सुस्त रफ्तार पर डीएम और मुखिया को अल्टीमेटम

बिहार के पंचायती राज विभाग ने पंचायत सरकार भवनों के निर्माण की कछुआ चाल पर गहरी नाराजगी जताई है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए आवंटित ₹327.8588 करोड़ में से अब तक मात्र ₹106.6072 करोड़ ही खर्च हो सके हैं।

पंचायत सरकार भवनों का पैसा 'लैप्स' हुआ तो खैर नहीं, 40 दिन ब

Patna - बिहार में पंचायत सरकार भवनों के निर्माण की सुस्त रफ्तार और आवंटित बजट के कम इस्तेमाल पर पंचायती राज विभाग ने कड़ी नाराजगी जताई है । विभाग द्वारा जारी ताजा निर्देशों के अनुसार, वित्तीय वर्ष की समाप्ति में अब बहुत कम समय बचा है, जिससे करोड़ों रुपये का फंड लैप्स होने का खतरा पैदा हो गया है ।

करोड़ों का फंड पड़ा है बेकार, खर्च हुए मात्र 32 प्रतिशत

पंचायती राज विभाग ने समीक्षा में पाया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए आवंटित कुल ₹327.8588 करोड़ की भारी-भरकम राशि में से 17 फरवरी 2026 तक मात्र ₹106.6072 करोड़ का ही व्यय हो सका है । यह कुल बजट का लगभग 32 प्रतिशत ही है, जो दर्शाता है कि ग्राम पंचायतों के माध्यम से हो रहे निर्माण कार्यों की गति अत्यंत धीमी है ।

सिर्फ 40 दिन शेष, फंड लैप्स होने की चेतावनी

अपर सचिव नजर हुसैन ने सभी जिलाधिकारियों को पत्र लिखकर आगाह किया है कि वित्तीय वर्ष की समाप्ति में अब मात्र 40 दिन शेष बचे हैं । यदि इस अवधि में आवंटित राशि का उपयोग नहीं किया गया, तो पूरे फंड के व्ययगत (लैप्स) होने की प्रबल संभावना है । विभाग ने जिला पंचायत राज पदाधिकारियों को युद्धस्तर पर कार्य करने का निर्देश दिया है ।

निर्माण कार्यों और बजट का पूरा गणित

विभाग ने दो अलग-अलग योजनाओं के तहत राशि आवंटित की थी:

  • पहली योजना: 622 पंचायत सरकार भवनों के निर्माण हेतु ₹162.1088 करोड़ आवंटित किए गए थे ।
  • दूसरी योजना: 663 भवनों के लिए प्रति पंचायत ₹25 लाख की दर से कुल ₹165.75 करोड़ जारी किए गए थे ।
  • लक्ष्य: कुल स्वीकृत 1679 और 1069 भवनों में से भूमि उपलब्ध होने पर ही निर्माण की स्वीकृति दी गई थी ।

  • बजट खपाने के लिए विभाग ने दी ढील

राशि के शत-प्रतिशत उपयोग के लिए विभाग ने नियमों में कुछ ढील दी है। अब उन अवशेष ग्राम पंचायतों में भी आवंटित राशि का व्यय किया जा सकेगा, जहाँ हाल ही में भूमि उपलब्ध होने की सूचना प्राप्त हुई है । इसके लिए 1069 भवनों की श्रेणी वाली शेष पंचायतों को भी इस फंड का लाभ मिल सकेगा ।

इन पंचायतों में नहीं खर्च होगी राशि

विभाग ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि यदि किसी ग्राम पंचायत में भवन निर्माण विभाग या स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन द्वारा पहले ही पंचायत सरकार भवन निर्माण की स्वीकृति दी जा चुकी है, तो वहां इस आवंटित राशि का व्यय नहीं किया जाएगा । सभी जिलाधिकारियों को इन निर्देशों का सख्ती से पालन करते हुए अविलंब कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है ।