बिहार में 52 हजार ड्राइवरों का लाइसेंस होगा ब्लैकलिस्ट, खबारों में छपेंगे नियमों की धज्जियां उड़ाने वालों के नाम; रडार पर पटना, भागलपुर और मुजफ्फरपुर

सावधान! अगर आप भी बार-बार यातायात नियमों को तोड़ते हैं, तो आपका ड्राइविंग लाइसेंस रद्द हो सकता है। बिहार परिवहन आयुक्त ने 52 हजार चालकों पर कार्रवाई का ब्लूप्रिंट तैयार कर लिया है।

बिहार में 52 हजार ड्राइवरों का लाइसेंस होगा ब्लैकलिस्ट, खबार

patna -  बिहार के राज्य परिवहन आयुक्त श्री आरिफ अहसन ने मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए विभाग के आला अधिकारियों के साथ एक अहम समीक्षा बैठक की। इस बैठक में उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया कि राज्य की सड़कों पर बार-बार नियमों का उल्लंघन करने वाले चालकों के खिलाफ लाइसेंस निलंबन और रद्दीकरण की ठोस कार्रवाई की जाए। आयुक्त ने निर्देश दिया कि इस प्रक्रिया में कोई भी कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। 

52 हजार लाइसेंस पर मंडराया संकट

पुलिस और यातायात विभाग से प्राप्त अनुशंसाओं के आधार पर राज्य भर में लगभग 52 हजार मामलों में ड्राइविंग लाइसेंस निलंबन या रद्द करने की तैयारी है। यह एक बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है, जिसका उद्देश्य सड़कों पर अनुशासन कायम करना है। विभाग के पास उन चालकों की पूरी सूची पहुँच चुकी है जो ट्रैफिक नियमों को मजाक समझते रहे हैं। 

अखबारों में सार्वजनिक होंगे वाहनों के नंबर

पारदर्शिता और सख्ती बरतते हुए विभाग ने एक नया तरीका अपनाया है। अब लाइसेंस रद्द करने से पहले नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के नंबर अखबारों में आम सूचना के जरिए प्रकाशित किए जाएंगे। इससे न केवल दोषियों को नोटिस मिलेगा, बल्कि सार्वजनिक तौर पर उनकी पहचान भी उजागर होगी। विधिसम्मत सुनवाई के बाद इन पर अंतिम कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। 

पटना, भागलपुर और मुजफ्फरपुर टॉप पर

आंकड़ों के विश्लेषण में यह बात सामने आई है कि नियमों के उल्लंघन में पटना, भागलपुर और मुजफ्फरपुर जिले सबसे आगे हैं। इन तीन जिलों से सर्वाधिक मामलों की सूची प्राप्त हुई है, जहाँ चालक बार-बार हेलमेट, सीटबेल्ट और रेड लाइट जैसे नियमों की अनदेखी कर रहे हैं। इन जिलों के अधिकारियों को विशेष निगरानी रखने का निर्देश दिया गया है। 

पेंडेंसी पर प्रहार: ईज ऑफ लिविंग पर जोर

बैठक में 'सात निश्चय-3' के तहत 'सबका सम्मान: जीवन आसान' के लक्ष्य को दोहराया गया। राज्य परिवहन आयुक्त ने ड्राइविंग लाइसेंस (DL) और वाहन निबंधन (RC) से संबंधित लंबित मामलों को तुरंत निपटाने का आदेश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रिंटिंग और डिस्पैच में किसी भी प्रकार की देरी स्वीकार्य नहीं होगी और जनता को सेवाएं समयबद्ध मिलनी चाहिए। 

कैशलेस उपचार और सुरक्षा की समीक्षा

सड़क दुर्घटना पीड़ितों के लिए प्रस्तावित 'कैशलेस उपचार योजना' पर भी विस्तृत चर्चा हुई। बैठक में मोटरयान निरीक्षक, ईएसआई और आरटीए सचिवों को निर्देश दिया गया कि वे दुर्घटनाओं को कम करने के लिए मोटर वाहन अधिनियम की विभिन्न धाराओं का कड़ाई से पालन कराएं। हेलमेट और सीटबेल्ट जांच अभियान को और तेज करने पर बल दिया गया।