बिहार परिवहन विभाग का बड़ा फैसला: चलंत दस्ता सिपाहियों को मिलेगा ₹3000 मासिक राशन भत्ता
परिवहन विभाग ने हाईवे और सुदूर क्षेत्रों में 24x7 मुस्तैद रहने वाले चलंत दस्ता सिपाहियों को बड़ी सौगात दी है। अब बिहार पुलिस की तर्ज पर इन सिपाहियों को भी हर महीने ₹3000 राशन मनी भत्ता मिलेगा। विभाग ने इसके लिए आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है।
पटना: बिहार सरकार के परिवहन विभाग ने रात-दिन सड़कों पर मुस्तैद रहने वाले चलंत दस्ता सिपाहियों को एक बड़ी सौगात दी है। विभाग द्वारा जारी एक आधिकारिक आदेश के अनुसार, अब सभी चलंत दस्ता सिपाहियों के लिए 3000 रुपये प्रतिमाह का राशन मनी भत्ता स्वीकृत कर दिया गया है। परिवहन विभाग के अपर सचिव द्वारा जारी ज्ञापांक-4291 के तहत यह महत्वपूर्ण आदेश 02 जून 2024 से प्रभावी माना जाएगा। सरकार के इस कल्याणकारी फैसले से फील्ड में तैनात सैकड़ों सिपाहियों को सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा और उनके दैनिक जीवन की एक बड़ी चिंता दूर होगी।
सुदूर क्षेत्रों और रात की ड्यूटी को देखते हुए लिया गया निर्णय
बिहार मोटरगाड़ी नियमावली, 1992 के नियम-259(9) के तहत चलंत दस्ता सिपाहियों को बेहद चुनौतीपूर्ण कार्यों की जिम्मेदारी सौंपी जाती है। इन्हें सड़कों पर ओवरलोडिंग की जांच करने, अवैध वाहनों के परिचालन पर रोक लगाने और सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने जैसे अहम कामों के लिए तैनात किया जाता है। इन सिपाहियों की ड्यूटी अक्सर रात के समय और बेहद सुदूर व दूरदराज के क्षेत्रों में होती है, जहां समय पर भोजन की सुविधा आसानी से उपलब्ध नहीं हो पाती है। इसी व्यवहारिक समस्या और उनके स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए विभाग ने इस भत्ते को मंजूरी दी है।
बिहार पुलिस की तर्ज पर मिलेगा लाभ, राज्य वेतन आयोग की थी अनुशंसा
परिवहन विभाग के सिपाहियों को मिलने वाले इस भत्ते का मुख्य आधार राज्य वेतन आयोग की अनुशंसा को बनाया गया है। वित्त विभाग के संकल्प संख्या-8045 (दिनांक-11.10.2017) के आलोक में यह निर्णय लिया गया है, जिसके तहत बिहार पुलिस के सिपाहियों की तर्ज पर अब परिवहन विभाग के चलंत दस्ता सिपाहियों को भी समान रूप से 3000 रुपये प्रतिमाह राशन मनी भत्ता दिया जाएगा। इस आदेश की प्रतिलिपि माननीय मंत्री (परिवहन विभाग), राज्य परिवहन आयुक्त, सभी जिला परिवहन पदाधिकारियों सहित क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकार के संयुक्त आयुक्त-सह-सचिव को आवश्यक कार्रवाई हेतु भेज दी गई है।
भुगतान के लिए तय की गई शर्तें और चौबीसों घंटे ड्यूटी में मिलेगी राहत
इस राशन भत्ते के भुगतान को लेकर विभाग ने कुछ जरूरी शर्तें भी तय की हैं, जिसके तहत इस राशि का भुगतान सिपाहियों को उनके मासिक वेतन के साथ ही किया जाएगा। हालांकि, यदि कोई सिपाही 30 दिनों से अधिक समय तक लगातार अवकाश, प्रशिक्षण या आधिकारिक भ्रमण पर रहता है, तो उस स्थिति में यह भत्ता देय नहीं होगा। चूंकि चलंत दस्ता सिपाही हाईवे पर 24x7 तैनात रहकर हादसों को रोकने और राजस्व की रक्षा में अहम भूमिका निभाते हैं, इसलिए धीरज पराशर की इस रिपोर्ट के अनुसार, रात की ड्यूटी के दौरान खाने-पीने की किल्लत को दूर करने में यह फैसला उनके लिए संजीवनी साबित होगा।
रिपोर्ट-धीरज पराशर