Bihar Udyami Yojana: बिहार में कारोबार शुरू करने का सुनहरा मौका, मुख्यमंत्री उद्यमी योजना में 10 लाख तक मदद, जानिए पात्रता और पूरी प्रक्रिया
Bihar Udyami Yojana:बिहार सरकार की मुख्यमंत्री उद्यमी योजना राज्य में स्वरोजगार और नए उद्योगों को बढ़ावा देने की दिशा में अहम पहल है। ..
Bihar Udyami Yojana:बिहार सरकार की मुख्यमंत्री उद्यमी योजना राज्य में स्वरोजगार और नए उद्योगों को बढ़ावा देने की दिशा में अहम पहल है। योजना का मकसद युवाओं और नागरिकों को अपना कारोबार शुरू करने के लिए आर्थिक मदद और हौसला देना है। सीतामढ़ी उद्योग विभाग के एमएसएमई मित्र शुभम कुमार के मुताबिक पात्र लाभार्थियों को नया उद्योग स्थापित करने के लिए अधिकतम 10 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता दी जाती है।इस योजना की खासियत यह है कि स्वीकृत राशि पर 50 प्रतिशत तक अनुदान का प्रावधान है। मसलन, यदि किसी लाभार्थी को 10 लाख रुपये की राशि स्वीकृत होती है, तो नियमानुसार उसे 5 लाख रुपये तक ही वापस चुकाने होंगे। सामान्य वर्ग के आवेदकों के लिए ऋण पर 1 प्रतिशत ब्याज दर लागू होती है।
योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक की उम्र 18 से 50 वर्ष के बीच होनी चाहिए। साथ ही न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता इंटरमीडिएट यानी 12वीं पास निर्धारित है। दी गई जानकारी के अनुसार इस शैक्षणिक योग्यता में कोई छूट नहीं है।
सरकार ने उद्योग स्थापित करने के लिए 70 से अधिक ट्रेड और बिजनेस मॉडल निर्धारित किए हैं। आवेदक अपनी पसंद और रुचि के मुताबिक किसी ट्रेड का चयन कर आवेदन कर सकते हैं। आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद लाभार्थियों का चयन लॉटरी सिस्टम के जरिए किया जाता है।
चयनित आवेदकों को पटना स्थित CIMP के माध्यम से व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया जाता है। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद स्वीकृत राशि तीन किस्तों में जारी होती है। पहली किस्त से उद्योग के लिए शेड या ढांचा तैयार करना होता है। इसके बाद विभागीय टीम मौके पर पहुंचकर भौतिक सत्यापन करती है। जांच में स्थिति संतोषजनक मिलने पर मशीनरी खरीदने के लिए दूसरी किस्त जारी की जाती है। मशीनों की खरीद के बाद दोबारा स्थलीय सत्यापन होता है और इसके पश्चात अंतिम किस्त जारी की जाती है। इस तरह पूरी प्रक्रिया में निगरानी और सत्यापन के जरिए पारदर्शिता बनाए रखने का प्रयास किया जाता है।