झुलसाती गर्मी पर बारिश का ब्रेक, पटना समेत बिहार में मौसम हुआ मेहरबान, 10 जिलों में आंघी पानी का अलर्ट, सावधान रहें-सुरक्षित रहे
Bihar Weather: कई दिनों से आसमान से बरस रही आग के बीच हुई बारिश ने बिहार के फिज़ा को खुशगवार बना दिया।...
Bihar Weather: कई दिनों से आसमान से बरस रही आग के बीच हुई बारिश ने बिहार के फिज़ा को खुशगवार बना दिया। रविवार की शाम पटना समेत बिहार के कई इलाकों में मौसम ने अचानक करवट ली। करीब एक घंटे तक रुक-रुक कर हुई बूंदाबांदी ने तपिश, उमस और झुलसाने वाली गर्मी से परेशान लोगों को बड़ी राहत दीठंडी हवाओं के चलने से तापमान में गिरावट दर्ज की गई और लोग शाम होते ही घरों से निकलकर सुहाने मौसम का लुत्फ़ उठाते नज़र आए। हालांकि शहर के कुछ निचले इलाकों में हल्का जलजमाव देखने को मिला, लेकिन जनजीवन सामान्य बना रहा।
इधर, बिहार मौसम सेवा केंद्र ने आज यानी सोमवारके लिए राज्य के अधिकांश हिस्सों में बारिश का पूर्वानुमान जारी करते हुए कई जिलों के लिए ऑरेंज और येलो अलर्ट घोषित किया है। मौसम विभाग के मुताबिक पश्चिम और दक्षिण-पश्चिम बिहार में मानसून पूरी तरह सक्रिय रहेगा। भभुआ, गोपालगंज, रोहतास, बक्सर, भोजपुर, और पश्चिमी चंपारण समेत कई जिलों में अति भारी बारिश की आशंका है। वहीं पटना सहित औरंगाबाद, गया, जहानाबाद, नवादा, समस्तीपुर, वैशाली और सीवान में भारी बारिश, मेघगर्जन, तेज़ हवाओं और वज्रपात को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है।
बिहार मौसम सेवा केंद्र का कहना है कि 21 और 22 जुलाई को भी पटना समेत राज्य के कई जिलों में तेज बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आने की संभावना है। अगले सात दिनों तक राज्य के विभिन्न हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। राहत की बात यह है कि किशनगंज, पूर्णिया और कटिहार फिलहाल ग्रीन ज़ोन में हैं, हालांकि यहां भी सामान्य बारिश होने के आसार बने हुए हैं।
बारिश का सबसे बड़ा फायदा किसानों को मिला है। इन दिनों धान की रोपाई ज़ोरों पर है और समय पर हुई बारिश ने खेतों में पर्याप्त नमी पहुंचा दी है। इससे सिंचाई पर होने वाला डीजल और बिजली का खर्च बचेगा, पौधों की जड़ें मज़बूत होंगी और फसल की शुरुआती बढ़वार बेहतर होगी। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यह मानसूनी बारिश खरीफ फसलों के लिए बेहद मुफ़ीद साबित होगी, बशर्ते किसान मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करते हुए सुरक्षित तरीके से खेती का कार्य करें।