Census 2027: आज से जनगणना का दूसरा चरण शुरू, घर-घर जाएंगे अधिकारी, कौन-कौन सी जानकारी जुटाई जाएगी? जानिए पूरा प्रोसेस

Census 2027: जनगणना के बड़े अभियान का अगला और अहम चरण शुरू हो चुका है, जिसमें अधिकारी घर-घर जाकर सत्यापन का काम करेंगे।...

Census 2027 Phase 2 Begins Today Officials to Visit Homes Na
आज से जनगणना का दूसरा चरण शुरू- फोटो : X

Census 2027:देश में इस बार जनगणना केवल एक सरकारी कवायद नहीं, बल्कि तकनीकी बदलाव और डिजिटल भागीदारी की एक नई इबारत बन गई है। पहली बार आम जनता को खुद अपनी जानकारी दर्ज करने का मौका मिला, जिसे स्वगणना का नाम दिया गया है। 17 अप्रैल से 1 मई तक चले इस चरण ने पारंपरिक व्यवस्था को पीछे छोड़ते हुए डेटा संग्रहण की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और तेज बना दिया है। अब इस बड़े अभियान का अगला और अहम चरण शुरू हो चुका है, जिसमें अधिकारी घर-घर जाकर सत्यापन का काम करेंगे। 2 मई से 31 मई तक चलने वाले इस फील्ड सर्वे में करीब 10 हजार अधिकारी पूरे देश में तैनात किए गए हैं, जो हर घर की बारीकी से जांच करेंगे और आवश्यक जानकारी को अपडेट करेंगे।

इस प्रक्रिया में कुल 33 सवाल पूछे जा रहे हैं, जो परिवार, आवास, बुनियादी सुविधाओं और संसाधनों से जुड़े हैं। अधिकारियों द्वारा स्वगणना में दर्ज जानकारी का मिलान किया जाएगा और जहां भी कमी या त्रुटि होगी, उसे मौके पर ही दुरुस्त किया जाएगा।

परिवार से जुड़े सवालों में सदस्यों की संख्या, मुखिया का नाम, लिंग, जाति, घर का स्वामित्व और कमरों की संख्या जैसे अहम बिंदु शामिल हैं। वहीं पानी, सफाई और ऊर्जा से जुड़े सवालों में पेयजल स्रोत, शौचालय की स्थिति, रसोई में उपयोग होने वाला ईंधन और बिजली की सुविधा की जानकारी ली जाएगी।

मकान से जुड़े सवालों में निर्माण सामग्री, उपयोग का प्रकार और मकान की स्थिति का विस्तृत विवरण दर्ज होगा। इसके अलावा घरेलू संसाधनों जैसे टीवी, मोबाइल, इंटरनेट, वाहन और कंप्यूटर जैसी सुविधाओं की भी पूरी जानकारी ली जा रही है।

सरकार का दावा है कि यह प्रक्रिया देश की सामाजिक-आर्थिक तस्वीर को अधिक सटीक और आधुनिक तरीके से सामने लाएगी। डिजिटल भागीदारी के इस मॉडल से न सिर्फ डेटा संग्रह आसान हुआ है, बल्कि ग्रामीण और शहरी दोनों स्तरों पर पारदर्शिता भी बढ़ी है। यह जनगणना अब सिर्फ आंकड़ों का खेल नहीं, बल्कि डिजिटल भारत की असल झलक बनती जा रही है, जहां हर नागरिक की भागीदारी सीधे राष्ट्रीय डेटा सिस्टम का हिस्सा बन रही है।