चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी यूपी की बड़ी पहल : पटना में सीयूसीईटी 2026 पोर्टल लॉन्च, मेधावी छात्रों के लिए 50 करोड़ रुपये की स्कॉलरशिप का ऐलान

यूपी में 2500 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित देश की पहली एआई ऑगमेंटेड मल्टीडिसिप्लनरी 'चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी उत्तर प्रदेश' (सीयू यूपी) बिहार और यूपी के प्रतिभावान युवाओं के लिए उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक नई उम्मीद की किरण बनकर उभरी है...

चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी यूपी की बड़ी पहल : पटना में सीयूसीईटी 20

Patna : बिहार और उत्तर प्रदेश के प्रतिभावान युवाओं के लिए उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक नई उम्मीद की किरण जगी है। उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में 2500 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से स्थापित देश की पहली एआई ऑगमेंटेड मल्टीडिसिप्लनरी 'चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी उत्तर प्रदेश' (सीयू यूपी) पूर्वांचल और बिहार के छात्रों के लिए अवसरों के नए द्वार खोल रही है। पटना में मीडिया को संबोधित करते हुए विश्वविद्यालय के प्रो वाइस चांसलर प्रो. डॉ. टीपी सिंह ने कहा कि अब बिहार और यूपी के छात्रों को वर्ल्ड क्लास टेक और एआई-आधारित शिक्षा के लिए दिल्ली, मुंबई या बेंगलुरु जैसे बड़े महानगरों की ओर पलायन नहीं करना पड़ेगा।


बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश के छात्रों को मिलेगा वैश्विक स्तर पर पहचान

प्रो. डॉ. टीपी सिंह ने बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश के छात्रों को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने के उद्देश्य से 'सीयूसीईटी 2026' एडमिशन व स्कॉलरशिप पोर्टल को आधिकारिक तौर पर लॉन्च किया। उन्होंने घोषणा की कि विश्वविद्यालय ने मेधावी और जरूरतमंद विद्यार्थियों की मदद के लिए 50 करोड़ रुपये की स्कॉलरशिप योजना तैयार की है। सीयू यूपी ने अपने पहले ही शैक्षणिक सत्र में 2,000 से अधिक विद्यार्थियों को करोड़ों की स्कॉलरशिप दी है, ताकि ग्रामीण पृष्ठभूमि और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग का कोई भी प्रतिभावान छात्र पैसे के अभाव में अपने सपनों से समझौता न करे।


इंटर्नशिपव्यावहारिक ट्रेनिंग और शत-प्रतिशत प्लेसमेंट के लिए 100 से अधिक बड़ी कंपनियां

विश्वविद्यालय ने छात्रों को पढ़ाई के पहले दिन से ही कॉरपोरेट जगत के अनुकूल बनाने के लिए गूगल, माइक्रोसॉफ्ट और आईबीएम जैसी दुनिया की 23 से अधिक दिग्गज तकनीकी कंपनियों के साथ समझौता (MoU) किया है। इसके साथ ही, सीयू यूपी ने एक मजबूत कॉरपोरेट एडवाइजरी बोर्ड का गठन किया है, जिसमें 100 से अधिक बड़ी कंपनियां शामिल हैं। यह बोर्ड छात्रों को बेहतर इंटर्नशिप, व्यावहारिक ट्रेनिंग और शत-प्रतिशत प्लेसमेंट दिलाने में एक मजबूत कड़ी की भूमिका निभा रहा है, जिससे डिग्री पूरी होते ही युवाओं को देश-विदेश की प्रतिष्ठित कंपनियों में रोजगार मिल सके।


68 'एआई-एनहैंस्ड और इंडस्ट्री-अलाइनडविशेष पाठ्यक्रमों की शुरुआत

शैक्षणिक सत्र 2026-27 को ध्यान में रखते हुए चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी यूपी ने कुल 68 'एआई-एनहैंस्ड और इंडस्ट्री-अलाइनड' विशेष पाठ्यक्रमों की शुरुआत की है। इन अंडरग्रेजुएट (UG) और पोस्टग्रेजुएट (PG) प्रोग्राम्स के तहत छात्रों को डेटा एनालिटिक्स, साइबर सिक्योरिटी, क्वांटम रिसर्च और एआई-एमएल (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस व मशीन लर्निंग) जैसी भविष्य की अत्याधुनिक तकनीकों में पारंगत किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, छात्रों को हाइटेक लैब, अंतरराष्ट्रीय स्तर का एक्सपोज़र और बेहतरीन रिसर्च इंफ्रास्ट्रक्चर की सुविधा भी कैंपस के भीतर ही मुहैया कराई जा रही है।


नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए विश्वविद्यालय ने 'कैम्पस टैंक' और 'सीयू एआई स्पेस' जैसी अनोखी पहलों की शुरुआत की है, जो छात्रों के नए आइडियाज को बिजनेस मॉडल में बदलने का काम करती हैं। इन विशेष प्लेटफॉर्म्स के जरिए विद्यार्थियों के स्टार्टअप प्रोजेक्ट्स को शुरुआती फंडिंग, इनक्यूबेशन सेंटर और पेटेंट फाइल करने के लिए पूरा तकनीकी व आर्थिक सपोर्ट दिया जा रहा है। प्रो. डॉ. टीपी सिंह ने जोर देकर कहा कि इस मॉडल का मुख्य उद्देश्य बिहार और यूपी के युवाओं को केवल नौकरी तलाशने वाला नहीं, बल्कि खुद नया रोजगार सृजित करने वाला आत्मनिर्भर उद्यमी बनाना है।