पेट्रोल-डीजल की बचत एवं ईवी वाहनों को बढ़ावा देने की दिशा में राज्य सरकार की बड़ी पहल, सरकारी विभागों में चलाए जाएंगे इलेक्ट्रिक वाहन

Bihar News : राज्य के सरकारी कार्यालयों में अब पेट्रोल और डीजल की गाड़ी की जगह इलेक्ट्रिक वाहन का उपयोग होगा। सरकार ने यह निर्णय पेट्रोल-डीजल की खपत करने और प्रदूषण पर नियंत्रण को लेकर लिया है....

पेट्रोल-डीजल की बचत एवं ईवी वाहनों को बढ़ावा देने की दिशा में

Patna : राज्य में पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने, प्रदूषण नियंत्रण को बढ़ावा देने तथा इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। इसी क्रम में बिहार इलेक्ट्रिक वाहन (संशोधन) नीति, 2026 के प्रभावी क्रियान्वयन एवं राज्य में इलेक्ट्रिक वाहनों के व्यापक उपयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विकास आयुक्त, बिहार मिहिर कुमार सिंह की अध्यक्षता में शुक्रवार को उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई।


बैठक में परिवहन विभाग, विभिन्न वाहन निर्माता कंपनियों एवं पेट्रोलियम कंपनियों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस दौरान टाटा मोटर्स, एमजी मोटर, हुंडई, मारुति सुजूकी, टीवीएस आदि वाहन निर्माता कंपनियों तथा   पेट्रोलियम कंपनियों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। इस मौके पर परिवहन सचिव श्री राज कुमार, राज्य परिवहन आयुक्त श्री आरिफ अहसन इत्यादि उपस्थित थे। 


बैठक में बिहार इलेक्ट्रिक वाहन (संशोधन) नीति, 2026 के विभिन्न प्रावधानों से सभी कंपनियों को अवगत कराया गया तथा राज्य में इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को तेजी से बढ़ाने के लिए विस्तृत रणनीति पर चर्चा की गई।


सरकारी विभागों में बढ़ेगा इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग


बैठक में निर्णय लिया गया कि विभिन्न सरकारी विभागों में वर्तमान में भाड़े पर संचालित डीजल एवं पेट्रोल वाहनों की जगह चरणबद्ध तरीके से इलेक्ट्रिक वाहनों का परिचालन किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य सरकारी उपयोग में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देकर बड़े पैमाने पर पेट्रोल-डीजल की खपत को कम करना है। 


बिहार राज्य पथ परिवहन निगम एवं पर्यटन विकास निगम होंगे नोडल एजेंसी


विभिन्न विभागों में इलेक्ट्रिक वाहनों के परिचालन हेतु बिहार राज्य पथ परिवहन निगम एवं बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम को नोडल एजेंसी बनाया जाएगा। दोनों संस्थाएं एग्रीगेटर के रूप में कार्य करेंगी तथा वाहन निर्माता कंपनियों के साथ समन्वय स्थापित कर विभागों को आवश्यकता अनुसार इलेक्ट्रिक वाहन उपलब्ध कराएंगी।


भाड़े पर उपलब्ध कराए जाएंगे ईवी वाहन


वाहन निर्माता कंपनियों द्वारा विभिन्न सरकारी विभागों को भाड़े पर इलेक्ट्रिक वाहन उपलब्ध कराए जाएंगे। इसे बड़े पैमाने पर इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग सुनिश्चित हो सकेगा। इस व्यवस्था से सरकारी विभागों को डीजल एवं पेट्रोल वाहनों के परिचालन पर होने वाले खर्च में भी कमी आएगी तथा ईंधन आधारित परिवहन व्यवस्था पर निर्भरता धीरे-धीरे कम होगी।


बोलेरो एवं स्कॉर्पियो श्रेणी जैसे मजबूत ईवी वाहन विकसित करने का निर्देश


बैठक में वाहन निर्माता कंपनियों को निर्देश दिया गया कि बोलेरो, स्कॉर्पियो-एन एवं आर्टिगा जैसी श्रेणी के अनुरूप मजबूत, सुरक्षित एवं लंबी दूरी तय करने वाले इलेक्ट्रिक वाहन विकसित किए जाएं, ताकि सरकारी उपयोग के लिए बेहतर एवं व्यवहारिक विकल्प उपलब्ध हो सकें।


प्रथम चरण में 2 से 3 हजार ईवी वाहन उपलब्ध कराने का निर्देश


राज्य सरकार द्वारा प्रथम चरण में विभिन्न सरकारी विभागों के लिए 2 से 3 हजार इलेक्ट्रिक वाहनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। इससे राज्य में ईवी आधारित सरकारी परिवहन व्यवस्था को तेजी से विस्तार मिलेगा।


सरकारी परिसरों एवं पेट्रोल पंपों पर लगाए जाएंगे ईवी चार्जर


विकास आयुक्त ने निर्देश दिया कि बिहार इलेक्ट्रिक वाहन (संशोधन) नीति, 2026 के तहत सरकारी परिसरों एवं सार्वजनिक स्थलों पर बड़े पैमाने पर ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाएं। साथ ही सभी पेट्रोलियम कंपनियों को अपने पेट्रोल पंपों पर अनिवार्य रूप से ईवी चार्जर लगाने का निर्देश दिया गया, ताकि राज्यभर में मजबूत एवं सुलभ चार्जिंग नेटवर्क विकसित किया जा सके और लोगों को इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग में किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े।


कुलदीप की रिपोर्ट