सहयोग शिविर में प्राप्त आवेदनों का 30 दिनों के अंदर निष्पादन नहीं होने पर अधिकारी 31 वें दिन होंगे निलंबित, सीएम सम्राट का फरमान

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज से पूरे प्रदेश में 'सहयोग शिविर' कार्यक्रम की शुरुआत हो रही है। इसमें सभी आवेदन 30 दिन में निष्पादित होगा.

sahyog shivir
sahyog shivir- फोटो : news4nation

Bihar News :  मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मंगलवार को सारण जिले के सोनपुर प्रखंड स्थित डुमरी बुजुर्ग पंचायत में 'सबका सम्मान जीवन आसान के तहत जन समस्याओं के त्वरित और प्रभावी समाधान हेतु आयोजित 'सहयोग शिविर' का शुभारंभ किया। सात निश्चय योजना-3 का अवयव 'सबका सम्मान जीवन आसान' के संकल्प को धरातल पर उतारने एवं जन समस्याओं के त्वरित एवं प्रभावी समाधान हेतु प्रत्येक माह के प्रथम एवं तृतीय मंगलवार को बिहार के सभी जिलों में पंचायतवार 'सहयोग शिविर' का आयोजन किया जायेगा। जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने मुख्यमंत्री को पुष्पगुच्छ एवं प्रतीक चिन्ह भेंटकर उनका अभिनंदन किया।

निष्पादन 30 दिनों के अन्दर

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज से पूरे प्रदेश में 'सहयोग शिविर' कार्यक्रम की शुरुआत हो रही है। हमने इसके लिए 11 मई को ही सहयोग पोर्टल एवं हेल्पलाइन नंबर 1100 जारी किया था, जिसके माध्यम से लोग सीधे अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इस 'सहयोग शिविर' का उद्देश्य हर हाल में निर्धारित समय सीमा के अंदर जन समस्याओं का निष्पादन करना है, वह चाहे ग्रामीण इलाके के लोगों की समस्या हो या शहर में रहने वाले लोगों की समस्या हो। यह कार्यक्रम लोगों की समस्याओं के त्वरित एवं प्रभावी समाधान का जरिया है। सरकार आपका हर संभव सहयोग करने के लिए तैयार है। बिहार की समृद्धि और भारत विकसित हो, इसके लिए लगातार काम किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी जी भारत को विकसित बनाने के लिए दृढ़ संकल्पित हैं जबकि पूर्व मुख्यमंत्री  नीतीश कुमार बिहार को समृद्ध बनाना चाहते हैं, उसका रास्ता 'सहयोग शिविर' के जरिये निकलेगा। उन्होंने कहा कि 'सहयोग शिविर' में जो भी आवेदन प्राप्त होंगे उनका निष्पादन 30 दिनों के अन्दर हर हाल में किया जाएगा। आवेदन प्राप्त होने के 10 दिन बाद संबंधित अधिकारी को मुख्यमंत्री सचिवालय द्वारा पहला नोटिस निर्गत किया जाएगा। आवेदन प्राप्ति के 20वें दिन दूसरा नोटिस तथा 25वें दिन तीसरा नोटिस जारी किया जाएगा ताकि निर्धारित समय सीमा के अंदर प्राप्त आवेदनों का निष्पादन हो सके। आवेदन प्राप्ति के 30वें दिन हर हाल में आवेदन के निष्पादन से संबंधित आदेश जारी करना है। इस काम में कोताही बरतने वाले अधिकारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। यदि 30वें तक दिन आदेश जारी नहीं होता है तो 31वें दिन संबंधित विभाग के अधिकारी स्वतः निलंबित हो जायेंगे।

पहले और तीसरे मंगलवार को शिविर 

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार जनता के हित को ध्यान में रखते हुए ही योजनाएं बनाती है और नीतियां निर्धारित करती है। जनता की समस्याओं का समाधान करना सरकार का दायित्व है। यह 'सहयोग शिविर' कार्यक्रम पूरे बिहार में प्रत्येक माह के पहले और तीसरे मंगलवार को पंचायत स्तर पर लगाई जाएगी ताकि लोगों के सपने साकार हों, उनके सपने टूटे नहीं। उन्होंने कहा कि अंचल, प्रखंड या थाना स्तर पर जो जन समस्याएं हैं उनका समाधान 30 दिन के अंदर होगा। 'सहयोग शिविर' कार्यक्रम के माध्यम से सरकार आपके बीच रहकर समस्याओं का समाधान करेगी। आप सबके समर्थन एवं जनादेश से ही सरकार बनती है। सभी मंत्री और जनप्रतिनिधि भी कम से कम 3 'सहयोग शिविर' में पहुंचकर लोगों की समस्याओं के समाधान में अपना योगदान देंगे, ताकि समस्याओं का त्वरित निष्पादन हो सके।

अटकाने और भटकाने पर कार्रवाई 

मुख्यमंत्री ने कहा कि मुझे इस कार्यक्रम में शामिल होकर बेहद प्रसन्नता हो रही है। मुझे रिपोर्ट प्राप्त हुई है कि जो भी अब तक 'सहयोग शिविर' के माध्यम से आवेदन प्राप्त हुए थे उनका शत प्रतिशत जिला प्रशासन द्वारा निष्पादन किया जा चुका है . किसी भी प्रकार की जन समस्या हो, उसका हर हाल में निष्पादन करना है। यदि कोई न्यायालय से संबंधित मामला है तो उसमें भी अधिकारी पूर्ण सहयोग करेंगे ताकि लोगों को राहत मिले। अटकाने और भटकाने वाले पदाधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। किसी को बख्शा नहीं जाएगा। समस्या से ग्रसित व्यक्ति को न्याय दिलाना हम सबका दायित्व है। सोनपुर वासियों के सहयोग से ही विनय कुमार सिंह विधायक बने हैं। मैं आप सबके प्रति आभार प्रकट करता हूं। अब तो यहां एयरपोर्ट और बाबा हरिहरनाथ के नाम से नया टाउनशिप बनने जा रहा है।

चार गुणा पैसा मुआवजा

 यदि टाउनशिप क्षेत्र में ऐसे किसी व्यक्ति की जमीन अधिग्रहित होती है और वे किसी परेशानी में हों या उनके घर में बेटी की शादी हो, तो उन्हें चार गुणा पैसा मुआवजा के तौर पर दिया जाएगा। इसके लिए जिलाधिकारी को आवेदन देना होगा। किसी को दिक्कत नहीं होगी। उन्होंने कहा कि सोनपुर में नया ब्रिज बन रहा है, महात्मा गांधी जे०पी० सेतु के समानांतर भी नये पुलों का निर्माण किया जा रहा है। इनके पूर्ण हो लोगों को काफी सहूलियत होगी। हमलोग कच्ची दरगाह से राघोपुर पुल को भी चाल जा रहे हैं। पटना में बने जे०पी० गंगा पथ के तर्ज पर सोनपुर में गंगा-अंबिका पथ बनान काम हमारी सरकार करेगी। नोएडा की तरह इस इलाके को विकसित किया जायेगा।

महिलाओं को आत्मनिर्भर की पहल 

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के विकास कार्यों से गांव-गांव तक बिजली, सड़क, पेयजल सहित सभी बुनियादी सुविधाएं पहुंची है। उसको और आगे बढ़ाना हमारा दायित्व है। बिहार में बड़ी संख्या में फैक्ट्री और उद्योग-धंधे स्थापित करने की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है ताकि यहां अधिक से अधिक रोजगार सृजित हो। बिहार में जीविका स्वयं सहायता समूह के माध्यम से महिलाएं काफी आगे बढ़ी हैं। पहले हमारी जो बहनें 5 हजार रुपये का भी रोजगार नहीं कर पाती थीं, वे अब स्वयं सहायता समूह के माध्यम से जुड़कर 1 लाख 20 हजार करोड़ रुपये तक का कारोबार कर रही हैं। हमारी सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए हर स्तर पर काम कर रही है।

भी प्रखंडों में डिग्री कॉलेज

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार के सभी प्रखंडों में डिग्री कॉलेज खोलने की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है। वैसे 211 प्रखंड जहां डिग्री कॉलेज नहीं हैं वहां इस वर्ष के जुलाई माह से डिग्री कॉलेज में पढ़ाई की शुरुआत हो जाएगी। प्रत्येक प्रखंड में मॉडल स्कूल के रूप में सरस्वती विद्या निकेतन के माध्यम से बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। सरस्वती विद्या निकेतन में पढ़ाई की ऐसी व्यवस्था बनाई जाएगी ताकि उसमें पढ़ने के लिए मंत्री और अधिकारी के बच्चे भी ललायित हों। बिहार के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मुहैया कराने की दिशा में हर स्तर पर काम किया जा रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बच्चों को स्कूलों तक पहुंचाया है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि अनुमंडल और जिला स्तर पर समान्य रोगियों को रेफर करने की पूर्व से जो कार्यशैली चली आ रही है उसे हर हाल में 15 अगस्त तक खत्म करना है। यदि सामान्य रोगी को अनुमंडल या जिला अस्पताल से रेफर किया जाता है तो सिविल सर्जन के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए संरचना खड़ी की जा रही है ताकि लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सके। गंभीर बीमारी से ग्रसित रोगी को ही बेहतर चिकित्सा के लिए बड़े अस्पतालों में रेफर करें। उन्होंने कहा कि लोगों को न्याय और राहत मिले 'सहयोग शिविर' का यह मूल उद्देश्य है। मैं आप सभी को आश्वस्त करता हूं कि 'सहयोग शिविर' के माध्यम से जो भी आवेदन प्राप्त होंगे उनका 30 दिनों के अंदर हर हाल में निष्पादन किया जाएगा।


मुख्यमंत्री ने 'सहयोग शिविर' के माध्यम से अब तक प्राप्त हुए आवेदनों का जिला प्रशासन द्वारा कराए गए शत प्रतिशत निष्पादन के अंतर्गत लाभुकों को बासगीत पर्चा, राशन कार्ड, जन्म प्रमाण पत्र तथा मुख्यमंत्री वृद्धजन पेंशन योजना एवं स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के लाभुकों को प्रोत्साहन राशि स्वरूप सांकेतिक चेक प्रदान किया।