बिहार में 'पीएम सूर्य घर' योजना: 25 हजार लाभार्थियों को मिली राज्य सहायता, 'मुख्यमंत्री सोलर प्रोत्साहन योजना' का सीएम सम्राट चौधरी ने किया शुभारंभ

बिहार में 'पीएम सूर्य घर' योजना: बिहार में छतों पर रूफटॉप सोलर लगवाने वाले राज्य के 25 हजार लाभार्थियों को बिहार सरकार की ओर से अतिरिक्त वित्तीय सहायता प्रदान की गई।

बिहार में 'पीएम सूर्य घर' योजना: 25 हजार लाभार्थियों को मिली
25 हजार लाभार्थियों को राज्य सहायता- फोटो : SOCIAL MEDIA

PATNA : पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत घरों की छत पर रूफटॉप सोलर लगाने वाले बिहार के 25 हजार लाभार्थियों को मंगलवार को राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त वित्तीय सहायता प्रदान की गई। ऊर्जा ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने लाभार्थियों को राज्य वित्तीय सहायता का हस्तांतरण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री सोलर प्रोत्साहन योजना का शुभारंभ किया तथा सौर ऊर्जा के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से नौ सोलर रथों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। कार्यक्रम से पहले मुख्यमंत्री ने सेवा सेतु कैंप का निरीक्षण किया। वित्तीय सहायता के हस्तांतरण के बाद उन्होंने विभिन्न जिलों के पीएम सूर्य घर योजना के लाभार्थियों से सीधे संवाद किया। इस दौरान लाभार्थी समस्तीपुर से श्रीमती उमा कुमारी, सुपौल से श्रीमती कंचन पांडे, मुंगेर से अभिषेक कुमार एवं नालंदा से आशा देवी से मुख्यमंत्री ने संवाद कर उनके अनुभवों और रूफटॉप सोलर से मिलने वाले लाभों की जानकारी ली। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना संचालित की जा रही है। बिहार में इस योजना को अधिक प्रभावी बनाने के लिए राज्य सरकार द्वारा भी अतिरिक्त वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है। आज 25 हजार लाभार्थियों को राज्य वित्तीय सहायता का हस्तांतरण इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि सौर ऊर्जा आज समय की आवश्यकता है। बिहार में अधिक से अधिक परिवार अपने घरों की छत पर रूफटॉप सोलर स्थापित करें और स्वच्छ ऊर्जा का लाभ उठाएं, इसके लिए राज्य सरकार हरसंभव सहयोग उपलब्ध करा रही है। मुख्यमंत्री सोलर प्रोत्साहन योजना के माध्यम से राज्य में सौर ऊर्जा के उपयोग को और व्यापक बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सौर ऊर्जा के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाने के लिए नौ सोलर रथों को रवाना किया गया है। ये सोलर रथ विभिन्न क्षेत्रों में जाकर लोगों को रूफटॉप सोलर के लाभ, स्थापना प्रक्रिया और उपलब्ध वित्तीय सहायता की जानकारी देंगे। सौर ऊर्जा को जन-अभियान बनाने में पंचायतों, स्थानीय निकायों और जीविका दीदियों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।उन्होंने कहा कि किसानों को दिन के समय पर्याप्त बिजली उपलब्ध कराने के लिए कृषि फीडरों को भी सौर ऊर्जा से जोड़ा जा रहा है। पीएम-कुसुम योजना के अगले चरण में बड़ी संख्या में किसानों के बिजली कनेक्शन को सौर ऊर्जा से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। इससे किसानों को लाभ मिलने के साथ स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में सौर ऊर्जा के विस्तार से बिजली की उपलब्धता बढ़ाने के साथ पर्यावरण संरक्षण, रोजगार सृजन और ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को भी मजबूती मिलेगी। राज्य सरकार का प्रयास है कि सौर ऊर्जा का लाभ अधिक से अधिक परिवारों, किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचे।

तीन किलोवाट पर अधिकतम 98 हजार रुपये तक की सहायता 

पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत केंद्र सरकार की ओर से एक किलोवाट के सोलर संयंत्र पर 30 हजार रुपये, दो किलोवाट पर 60 हजार रुपये तथा तीन किलोवाट या उससे अधिक क्षमता के संयंत्र पर अधिकतम 78 हजार रुपये की सब्सिडी दी जा रही है। इसके अतिरिक्त बिहार सरकार की ओर से भी राज्य वित्तीय सहायता का प्रावधान किया गया है। बिहार सरकार की ओर से एक किलोवाट पर 10 हजार रुपये, दो किलोवाट पर 20 हजार रुपये तथा तीन किलोवाट या उससे अधिक क्षमता के रूफटॉप सोलर सिस्टम पर अधिकतम 20 हजार रुपये तक की सहायता दी जा रही है। केंद्र और राज्य सरकार की सहायता को मिलाकर पात्र उपभोक्ता को एक किलोवाट पर कुल 40 हजार रुपये, दो किलोवाट पर 80 हजार रुपये तथा तीन किलोवाट या उससे अधिक क्षमता के रूफटॉप सोलर सिस्टम पर अधिकतम 98 हजार रुपये तक की सहायता मिल सकती है।

बढ़ती औद्योगिक जरूरतों के अनुरूप 20 हजार मेगावाट की बिजली क्षमता विकसित करने पर जोर 

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार में आने वाले वर्षों में बिजली की मांग में तेजी से वृद्धि होने की संभावना है। राज्य में औद्योगिक गतिविधियों और नए उद्योगों के विस्तार को देखते हुए बिजली की बढ़ती आवश्यकता को पूरा करने के लिए ट्रांसमिशन नेटवर्क को और मजबूत किया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य आने वाले समय में 20 हजार मेगावाट की क्षमता के अनुरूप व्यवस्था को सुदृढ़ करना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले कुछ वर्षों में बिहार में बड़े पैमाने पर औद्योगिक निवेश और नई औद्योगिक इकाइयों के आने की संभावना है। ऐसे में उद्योगों को निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण बिजली उपलब्ध कराने के लिए अभी से ट्रांसमिशन एवं बिजली आपूर्ति की आधारभूत संरचना को मजबूत करना आवश्यक है। बढ़ती औद्योगिक जरूरतों के अनुरूप बिजली की उपलब्धता और ट्रांसमिशन क्षमता को समयबद्ध तरीके से विकसित किया जाएगा।

सोलर वेंडरों-बैंकों ने लगाए 22 स्टॉल, 24 सितंबर तक रहेंगे उपलब्ध 

कार्यक्रम स्थल पर सोलर वेंडरों एवं बैंकों की ओर से 22 स्टॉल लगाए गए। यहां रूफटॉप सोलर सिस्टम, स्थापना, वित्तीय सहायता और ऋण सुविधाओं की जानकारी दी जा रही है। वेंडरों की ओर से सोलर सिस्टम पर उपलब्ध छूट एवं ऑफर की जानकारी भी दी जा रही है। वहीं, बैंक प्रतिनिधि ऋण प्रक्रिया और वित्तीय सहायता के बारे में बता रहे हैं। ये स्टॉल 23 और 24 सितंबर को भी लोगों के लिए उपलब्ध रहेंगे।

‘थीम सोलर’ पर बच्चों ने बनाई आकर्षक पेंटिंग 

कार्यक्रम स्थल पर ‘थीम सोलर’ के तहत बच्चों द्वारा बनाई गई सौर ऊर्जा आधारित पेंटिंग प्रदर्शित की गई। बच्चों ने अपनी चित्रकारी के माध्यम से सौर ऊर्जा, स्वच्छ ऊर्जा, पर्यावरण संरक्षण और हरित भविष्य का संदेश दिया। इस गतिविधि में विभिन्न विद्यालयों के बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। राजकीय मध्य विद्यालय, धीरचक्र से 12, राजकीय मध्य विद्यालय अमरतोला से 11, नोट्रे डेम एकेडमी से 3, कार्मेल हाई स्कूल से 2, डॉन बॉस्को अकादमी से 1 तथा डी.ए.वी. स्कूल से 1 बच्चे ने सौर ऊर्जा आधारित पेंटिंग बनाई। उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा कि बिहार में सौर ऊर्जा के विस्तार से आम लोगों को स्वच्छ और किफायती ऊर्जा का लाभ मिलेगा। राज्य सरकार का प्रयास है कि सौर ऊर्जा का लाभ ग्रामीण और शहरी, दोनों क्षेत्रों के अधिक से अधिक परिवारों तक पहुंचे। उप मुख्यमंत्री विजेन्द्र प्रसाद यादव ने कहा कि पीएम सूर्य घर योजना के माध्यम से घरों की छतों को ऊर्जा उत्पादन का केंद्र बनाया जा रहा है। बिहार में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने से बिजली की बढ़ती मांग को पूरा करने के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी मजबूती मिलेगी। ऊर्जा विभाग के सचिव-सह-अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, बिहार स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी लिमिटेड अजय यादव (भा.प्र.से.) ने कहा कि बिहार में सौर ऊर्जा के विस्तार के लिए विभाग व्यापक और समयबद्ध कार्ययोजना के साथ काम कर रहा है। हमारा प्रयास है कि पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का लाभ अधिक से अधिक परिवारों तक पहुंचे और रूफटॉप सोलर को जन-आंदोलन का स्वरूप दिया जा सके। 

हर वार्ड, पंचायत और स्थानीय निकाय बनेगा अभियान का भागीदार 

ऊर्जा मंत्री शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल ने कहा कि पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना को बिहार में अधिक प्रभावी और जन-केंद्रित बनाया जा रहा है। अब तक करीब 25 हजार परिवार अपने घरों की छत पर सोलर प्लांट स्थापित कर चुके हैं और उन्हें राज्य सरकार की अतिरिक्त सहायता का लाभ दिया गया है। उन्होंने कहा कि हर वार्ड, हर पंचायत और हर स्थानीय निकाय को सौर ऊर्जा अभियान का भागीदार बनाया जाएगा। सोलर स्थापना में बेहतर प्रदर्शन करने वाले वार्ड एवं ग्राम पंचायतों को 50 हजार से एक लाख रुपये तक की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। इस राशि का उपयोग स्थानीय विकास एवं जन-जागरूकता गतिविधियों में किया जा सकेगा।

जीविका दीदियों के सहयोग से सौर ऊर्जा को मिलेगा बढ़ावा 

राज्य में सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए कार्यक्रम के दौरान बिजली वितरण कंपनियों एवं जीविका के बीच समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किया गया। इस समझौते के माध्यम से जीविका दीदियों के सहयोग से आम लोगों को सौर ऊर्जा और रूफटॉप सोलर के प्रति जागरूक करने तथा इसके उपयोग को बढ़ावा देने का प्रयास किया जाएगा। MoU का आदान-प्रदान जीविका के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी (CEO) श्री हिमांशु शर्मा (भा.प्र.से.) एवं साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड के प्रबंध निदेशक श्री सौरव जोरवाल (भा.प्र.से.) ने किया।

534 प्रखंडों में स्थापित होंगे सोलर मार्ट 

ऊर्जा मंत्री ने बताया कि बिहार के सभी 534 प्रखंडों में जीविका दीदियों के सहयोग से सोलर मार्ट स्थापित किए जाएंगे। जीविका दीदियों को सौर ऊर्जा प्रणालियों के संबंध में आवश्यक प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में सौर ऊर्जा के विस्तार के साथ रोजगार और महिला सशक्तीकरण को भी बढ़ावा मिलेगा।

8.40 लाख किसानों के कनेक्शन सौर ऊर्जा से जोड़ने का लक्ष्य 

उन्होंने कहा कि किसानों को दिन में पर्याप्त बिजली उपलब्ध कराने के लिए कृषि फीडरों को सौर ऊर्जा से जोड़ा जा रहा है। पीएम-कुसुम योजना के अगले चरण में शेष बचे लगभग 2500 फीडरों को सौर ऊर्जा से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देते हुए बिहार की बढ़ती बिजली जरूरतों को पूरा करने और राज्य को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सरकार लगातार कार्य कर रही है। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, उप मुख्यमंत्री विजेन्द्र प्रसाद यादव, बिहार सरकार के ऊर्जा मंत्री शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल, राज्य के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत (भा.प्र.से.), मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह (भा.प्र.से.), बिहार के ऊर्जा सचिव-सह-अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, बिहार स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी लिमिटेड अजय यादव (भा.प्र.से.), बिहार स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड के प्रबंध निदेशक डॉ. नवल किशोर चौधरी (भा.प्र.से.), साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड के प्रबंध निदेशक सौरव जोरवाल (भा.प्र.से.), बिहार स्टेट पावर जेनरेशन कंपनी लिमिटेड के प्रबंध निदेशक विशाल राज (भा.प्र.से.), जीविका के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी (CEO) हिमांशु शर्मा (भा.प्र.से.) सहित मंत्रालय एवं ऊर्जा विभाग के अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित रहे।