Bihar Officers Transfer : न्यूज4 नेशन की खबर का जबरदस्त असर, परिवहन विभाग ने बड़े पैमाने पर ESI का किया तबादला, देखे पूरी लिस्ट
Bihar Officers Transfer : बिहार में 244 प्रवर्तन निरीक्षकों (EI) एवं प्रवर्तन अवर निरीक्षकों (ESI) को नए जिला परिवहन कार्यालयों (DTO) तथा राज्य की विभिन्न चेकपोस्ट पर तत्काल प्रभाव से पदस्थापित किया गया है.....पढ़िए आगे
PATNA : बिहार सरकार के परिवहन विभाग ने प्रशासनिक सुदृढ़ीकरण और कार्यप्रणाली को चुस्त-दुरुस्त बनाने के उद्देश्य से बड़े पैमाने पर अधिकारियों का तबादला किया है। विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के तहत कुल 244 प्रवर्तन निरीक्षकों (EI) एवं प्रवर्तन अवर निरीक्षकों (ESI) को नए जिला परिवहन कार्यालयों (DTO) तथा राज्य की विभिन्न एकीकृत जांच चौकियों (चेकपोस्ट) पर तत्काल प्रभाव से पदस्थापित किया गया है।
जारी अधिसूचना के अनुसार, स्थानांतरित अधिकारियों में विभिन्न जिलों में कार्यरत अनुभवी अधिकारियों के साथ-साथ हाल ही में नियुक्त अधिकारी भी शामिल हैं। नवनियुक्त प्रवर्तन अवर निरीक्षकों को राज्य के अलग-अलग जिलों में पहली तैनाती दी गई है। इसके अतिरिक्त दालकोला, डोभी, रजौली, बलथरी और मोहनियां जैसी महत्वपूर्ण जांच चौकियों पर भी नए अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गई है।
विभाग ने यह निर्देश दिया है कि सभी स्थानांतरित अधिकारी आदेश निर्गत होने की तिथि से तीन दिनों के भीतर अपने नव-पदस्थापित स्थान पर योगदान देना सुनिश्चित करेंगे। संबंधित जिला परिवहन पदाधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे प्रतिस्थानी की प्रतीक्षा किए बिना निवर्तमान अधिकारियों को अविलंब विरमित करें। साथ ही, निर्धारित समय-सीमा के अंदर नए पदस्थापित स्थान पर योगदान देना अधिकारियों का निजी दायित्व होगा।
प्रशासनिक प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए स्थानांतरित अधिकारियों को अपने हैंड हेल्ड डिवाइस (HHD) और वे-ब्रिज का प्रभार विधिवत रूप से जिला परिवहन अधिकारी को सौंपकर मुख्यालय को रिपोर्ट करने का आदेश दिया गया है। सभी अधिकारियों का माह-सितंबर 2026 का वेतन भुगतान उनके नव-पदस्थापित कार्यालय से ही किया जाएगा। आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि नवनियुक्त प्रवर्तन अवर निरीक्षकों को 12 सप्ताह के व्यावहारिक प्रशिक्षण के लिए विभागीय नियमों के तहत आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। इस वृहद स्थानांतरण से राज्य भर में परिवहन नियमों के प्रवर्तन, अवैध परिचालन पर अंकुश लगाने और राजस्व संग्रह की प्रक्रिया में अधिक तेजी आने की उम्मीद है।






