Bihar News : मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने नए वकीलों के लिए की 'स्टाइपेंड योजना' की शुरुआत, हर महीने सरकार देगी 5 हज़ार रूपये

Bihar News : आज से बिहार में नए अधिवक्ताओं के लिए 'स्टाइपेंड योजना’ की शुरुआत हो गयी है। मुख्यमन्त्री सम्राट चौधरी ने एक समारोह में इस स्टाइपेंड योजना को प्रारम्भ किया।

Bihar News : मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने नए वकीलों के लिए की
नए वकीलों को हर महीने 5 हज़ार - फोटो : SOCIAL MEDIA

PATNA : नये अधिवक्ताओं के लिए स्टाइपेंड योजना की शुरुआत की गई। साथ ही साथ वर्षों तक राज्य सरकार के महाधिवक्ता रहे विख्यात वरीय अधिवक्ता स्वर्गीय राम बालक महतो के सम्मान में महाधिवक्ता कार्यालय स्थित हॉल का नामकरण  '"राम बालक महतो स्मृति सभागार" किया गया।  इस कार्यक्रम का उद्घाटन राज्य के मुख्यमंत्री सह कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सम्राट चौधरी ने किया। इस मौके पर राज्य के उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, उप मुख्यमंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव, पटना हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस वी. कामेश्वर राव तथा राज्य के विधि मंत्री संजय सिंह टाइगर, राज्य सरकार के महाधिवक्ता एस डी संजय, पटना हाई कोर्ट के अन्य जज, राज्य सरकार के अधिवक्ता तथा अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे। इस मौके पर स्वर्गीय राम बालक महतो के चित्र का अनावरण भी किया गया। अधिवक्ताओं के लिए स्टाइपेंड योजना की शुरुआत अधिवक्ताओं को चेक सौंप कर किया गया, इसके लिए 160 अधिवक्ता चिह्नित किए गए हैं। स्टाइपेंड योजना की शुरुआत संबंधित कार्यक्रम राजधानी पटना के ललित नारायण मिश्रा संस्थान के ऑडिटोरियम हॉल में किया गया। धन्यवाद ज्ञापन राज्य सरकार के अपर महाधिवक्ता सुबोध कुमार झा ने किया।

योजना के मुख्य बिंदु और लाभ

योजना के तहत पात्र युवा अधिवक्ताओं को लगातार 3 वर्षों तक हर महीने ₹5,000 की सहायता राशि (स्टाइपेंड) दी जाएगी। इस प्रकार, एक वकील को 3 साल की अवधि में कुल ₹1.80 लाख की आर्थिक मदद मिलेगी। योजना के पहले चरण में 160 वकीलों को चिह्नित किया गया है। शुभारंभ के अवसर पर 90 अधिवक्ताओं को चेक सौंपे गए, जबकि शेष लाभार्थियों के खातों में राशि आरटीजीएस (RTGS) के माध्यम से ट्रांसफर की जाएगी।

पात्रता की शर्तें

इस स्टाइपेंड योजना का लाभ केवल उन्हीं वकीलों को प्राप्त होगा, जिन्होंने 1 जनवरी 2024 या उसके बाद बिहार स्टेट बार काउंसिल में अपना स्थायी पंजीकरण कराया है। हालाँकि केवल बार काउंसिल में रजिस्ट्रेशन कराना ही पर्याप्त नहीं होगा; वकीलों को योजना की अन्य निर्धारित शर्तों को भी पूरा करना अनिवार्य होगा।

स्वर्गीय रामबालक महतो के सम्मान में नामकरण

इस कार्यक्रम के साथ ही बिहार के पूर्व महाधिवक्ता व प्रख्यात वरिष्ठ अधिवक्ता स्वर्गीय रामबालक महतो को विशेष सम्मान दिया गया। महाधिवक्ता कार्यालय स्थित हॉल का नाम बदलकर 'रामबालक महतो स्मृति सभागार' कर दिया गया है। महाधिवक्ता एस. डी. संजय की देखरेख में इस पूरे गरिमामय कार्यक्रम का आयोजन संपन्न हुआ।