Mahila Rojgar Yojana: बिहार की इन महिलाओं को नहीं मिलेगा 2 लाख रुपए ! महिला रोजगार की अगली किस्त लेना होगा मुश्किल, तुरंत पढ़ लें नियम कहीं छूट ना जाएं मौका

Mahila Rojgar Yojana: बिहार की महिलाओं को नीतीश सरकार ने स्वरोजगार के लिए 10-10 हजार रुपए दिए थे। जिसके बाद सरकार ने कहा था कि रोजगार को आगे बढ़ाने के लिए 2 लाख रुपए तक दिए जाएंगे लेकिन यह सहायता राशि सभी को नहीं मिल पाएंगे...

सीएम नीतीश
आसानी से नहीं मिलेंगे 2 लाख रुपए !- फोटो : social media

Mahila Rojgar Yojana:  बिहार में जिन महिलाओं को मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत 2 लाख रुपए मिले हैं उनके लिए बड़ी खबर सामने आ रही है। जानकारी अनुसार 10 हजार पाने वाली महिलाओं के लिए सरकार से 2 लाख रुपए लेना आसान नहीं होगा। सरकार ने इसके लिए नए सिरे से तैयारी शुरु कर दी है। इसके तहत अब सीएम नीतीश के अधिकारी घर घर जाएंगे। बिना वेरिफिकेशन के किसी को पैसा नहीं मिलेगा। इसके लिए 3398 वार्डों में तैनात विशेषकर्मी फाइलों की जांच करेंगे। 

1.56 लाख महिलाओं को मिली है 10-10 हजार रुपए

जानकारी अनुसार विधानसभा चुनाव से पहले 1.56 लाख महिलाओं को 10-10 हजार रुपये की सहायता दी गई थी। अब पात्र लाभार्थियों को 2 लाख रुपये तक की सहायता राशि देने से पहले राज्यभर के ग्रामीण और शहरी वार्ड स्तर पर व्यापक जांच-पड़ताल की जाएगी। नगर विकास एवं आवास विभाग ने योजना के पारदर्शी क्रियान्वयन के लिए सभी नगर निकायों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। आदेश के अनुसार राज्य के 3398 वार्डों में पात्र महिला आवेदकों का भौतिक सत्यापन किया जाएगा। इसके लिए प्रत्येक वार्ड में विशेष कर्मियों की तैनाती होगी, जो आवेदकों की पहचान, दस्तावेजों की जांच और पात्रता का सत्यापन करेंगे।

15 मार्च 2026 तक तय की गई समय-सीमा

विभागीय निर्देश के तहत 15 मार्च 2026 तक सभी वार्डों में आवेदन प्रक्रिया पूरी कर सूची ‘जीविका’ को सौंपनी होगी। इसको लेकर पटना नगर निगम समेत राज्य के सभी नगर निकायों में तैयारी तेज कर दी गई है। राज्य में कुल 264 नगर निकाय हैं, जिन्हें दो वर्गों में बांटा गया है। 123 नए नगर निकायों में राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के तहत गठित स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से कार्य होगा। 141 पुराने नगर निकायों में ‘जीविका’ द्वारा विकसित वेब पोर्टल के जरिए आवेदन और सत्यापन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। नगर निकाय कर्मी पात्र महिलाओं को आवेदन से लेकर सत्यापन तक हर स्तर पर सहयोग देंगे। अंतिम जांच के बाद विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी।

नौ चरणों में पूरी होगी आवेदन प्रक्रिया

योजना के तहत आवेदन निष्पादन की प्रक्रिया को नौ चरणों में बांटा गया है। 13 फरवरी को भौतिक सत्यापन के लिए नोडल पदाधिकारियों की तैनाती हो चुकी है। 15 फरवरी को प्रत्येक वार्ड में सत्यापन कर्मियों की प्रतिनियुक्ति हुई थी। 20 फरवरी तक सत्यापन व जांच पूरी कर रिपोर्ट तैयार किया जाएगा। 23 फरवरी तक जांच के बाद आवेदन पोर्टल पर स्वीकृत/अस्वीकृत कर स्वयं सहायता समूहों से साझा करेंगे। 28 फरवरी तक सामुदायिक संसाधन व्यक्ति व सेवी द्वारा वार्ड स्तर पर समूह गठन होगा। 5 मार्च तक समूह की बैठक और आवश्यक दस्तावेज संग्रह किए जाएंगे। 7 मार्च तक सीआरपी द्वारा ऑनलाइन आवेदन नोडल पदाधिकारी को प्रेषित किया जाएगा। 12 मार्च तक नोडल पदाधिकारी द्वारा जांच कर आवेदन नगर आयुक्त/कार्यपालक पदाधिकारी को भेजना  होगा। 15 मार्च तक अंतिम स्वीकृत सूची जीविका को प्रेषित किया जाएगा। सरकार का कहना है कि इस सघन सत्यापन प्रक्रिया से वास्तविक जरूरतमंद महिलाओं तक योजना का लाभ पहुंचाना सुनिश्चित किया जाएगा।