खामोश ही रहना था, तो छोड़ देते नेता प्रतिपक्ष की कुर्सी! चिराग पासवान का तेजस्वी पर सीधा वार, कांग्रेस के 6 विधायक NDA में शामिल होंगे

मकर संक्रांति के पावन अवसर पर केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने दिल्ली में सियासी पारा गरमा दिया है। तेजस्वी यादव की '100 दिनों की चुप्पी' वाली रणनीति से लेकर कांग्रेस विधायकों के बीच पनप रहे असंतोष तक, चिराग ने हर मोर्चे पर विपक्ष को बेनकाब किया।

खामोश ही रहना था, तो छोड़ देते नेता प्रतिपक्ष की कुर्सी! चिर

New Delhi - लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने मकर संक्रांति के अवसर पर दिल्ली में विपक्ष पर जमकर हमला बोला। मकर संक्रांति के उपलक्ष्य में आयोजित दही-चूड़ा भोज के दौरान उन्होंने बिहार की राजनीति से लेकर बंगाल के हालातों पर अपनी बेबाक राय रखी। चिराग पासवान ने तेजस्वी यादव और कांग्रेस विधायकों के बीच बढ़ते असंतोष को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

तेजस्वी यादव की चुप्पी पर उठाए सवाल

चिराग पासवान ने राजद नेता तेजस्वी यादव के उस बयान पर कटाक्ष किया जिसमें उन्होंने कहा था कि वे अगले 100 दिनों तक चुप रहेंगे। चिराग ने पूछा, "यह कैसा लोकतंत्र है जहाँ विपक्ष ही खामोश हो जाए? क्या आपको विपक्ष की भूमिका इसलिए दी गई थी कि आप चुप रहें?" उन्होंने आगे कहा कि यदि तेजस्वी को खामोश ही रहना था, तो उन्हें नेता प्रतिपक्ष का पद किसी और को सौंप देना चाहिए था।

कांग्रेस विधायकों में असंतोष का दावा

कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम द्वारा आयोजित भोज में विधायकों की अनुपस्थिति पर चिराग ने चुटकी लेते हुए कहा कि जब अपनी ही पार्टी के कार्यक्रम में विधायक नहीं पहुँच रहे, तो यह साफ है कि अंदरखाने कुछ भी ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि राजद और कांग्रेस के विधायकों के बीच गठबंधन और अपने दलों को लेकर गहरा आक्रोश पनप रहा है, जो अब धीरे-धीरे सतह पर आ रहा है।

भाषा और क्षेत्रवाद पर वार

चिराग पासवान ने देश में भाषा के नाम पर हो रही राजनीति की भी कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि "भाषाएँ एक-दूसरे की सहेलियाँ हैं, दुश्मन नहीं।" उन्होंने उन नेताओं पर निशाना साधा जो विदेशी भाषाओं (अंग्रेजी) को तो अपनाते हैं, लेकिन भारतीय भाषाओं के सम्मान से परहेज करते हैं। चिराग ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार 'सबका साथ, सबका विकास' की समावेशी सोच के साथ आगे बढ़ रही है।

ममता बनर्जी और बंगाल के हालात

पश्चिम बंगाल में केंद्रीय एजेंसियों पर हुए हमलों और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की भूमिका पर भी चिराग ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि एक मुख्यमंत्री का स्वयं एजेंसियों के सामने खड़ा होना शोभा नहीं देता। उन्होंने सवाल किया कि "इतनी बेचैनी क्यों है? अगर कुछ छुपाने को नहीं है, तो घबराहट कैसी?" उन्होंने दावा किया कि इस बार बंगाल में एनडीए एक बड़ी जीत की ओर अग्रसर है।