चिराग पासवान की सम्राट चौधरी सरकार को चेतावनी !  TRE-4 अभ्यर्थियों पर लाठीचार्ज को लेकर अपनी ही सरकार पर बरसे

चिराग ने कहा, सरकार एवं प्रशासन को चाहिए कि अभ्यर्थियों की मांगों पर गंभीरतापूर्वक विचार करते हुए जल्द से जल्द TRE 4.0 की अधिसूचना जारी करे तथा युवाओं के भविष्य और उनके धैर्य का सम्मान करे

Lathicharge on TRE-4 candidates
Lathicharge on TRE-4 candidates- फोटो : news4nation

Lathicharge on TRE-4 candidates: TRE-4 की वैकेंसी जारी करने की मांग को लेकर पटना में प्रदर्शन करने जुटे हजारों अभ्यथियों की उग्र भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया। इसे लेकर अब बिहार की सम्राट चौधरी सरकार अपने ही गठबंधन सहयोगियों के निशाने पर आ गई है। केंद्रीय मंत्री और लोजपा (रा) के प्रमुख रामविलास पासवान ने लाठीचार्ज पर गहरी आपत्ति दर्ज की है। उन्होंने शुक्रवार को इसे लेकर सम्राट की पुलिस को घेरते हुए कहा, बिहार लोक सेवा आयोग की शिक्षक भर्ती परीक्षा (TRE) 4.0 की अधिसूचना जारी करने की मांग को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों पर पुलिस द्वारा लाठीचार्ज किया जाना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है।


उन्होंने कहा, लोकतंत्र में युवाओं को अपनी जायज़ मांगों को रखने का अधिकार है। शिक्षक भर्ती की प्रतीक्षा कर रहे हजारों अभ्यर्थी लंबे समय से अधिसूचना जारी होने की उम्मीद लगाए बैठे हैं। उनकी आवाज़ सुनने के बजाय बल प्रयोग करना संवेदनशीलता और संवाद की भावना के विपरीत है। सरकार एवं प्रशासन को चाहिए कि अभ्यर्थियों की मांगों पर गंभीरतापूर्वक विचार करते हुए जल्द से जल्द TRE 4.0 की अधिसूचना जारी करे तथा युवाओं के भविष्य और उनके धैर्य का सम्मान करे साथ ही अभ्यर्थियों से भी आग्रह की कल ही सरकार के नए मंत्रिमंडल का विस्तार हुआ है , ऐसे में थोड़ा समय दें और धैर्य रखें। सरकार जरूर सकारात्मक पहल करेगी।


हजारों अभ्यर्थियों का प्रदर्शन

दरअसल,  शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे बड़ी संख्या में TRE-4 कैंडिडेट्स पटना कॉलेज से मार्च निकालकर बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) कार्यालय की ओर बढ़ रहे थे। अभ्यर्थियों की मांग थी कि सरकार जल्द TRE-4 की वैकेंसी जारी करे। प्रदर्शनकारियों को जेपी गोलंबर के पास पुलिस ने बैरिकेडिंग कर रोक दिया। इसी दौरान पुलिस और अभ्यर्थियों के बीच तनाव बढ़ गया, जिसके बाद लाठीचार्ज किया गया। बताया जा रहा है कि प्रदर्शन में करीब पांच हजार अभ्यर्थी शामिल थे।


सड़क पर बिखरे जूते-चप्पल

लाठीचार्ज के बाद इलाके में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। सड़कों पर अभ्यर्थियों की चप्पलें और सामान बिखरे दिखाई दिए। कई अभ्यर्थियों के घायल होने की बात सामने आई है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक एक अभ्यर्थी के कपड़े खून से सने हुए थे, जबकि कुछ छात्राओं के साथ भी धक्का-मुक्की और मारपीट के आरोप लगे हैं।


अभ्यर्थियों से अपराधी वाला व्यवहार 

प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों ने पुलिस कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए कहा कि वे भविष्य के शिक्षक हैं, लेकिन उनके साथ अपराधियों जैसा व्यवहार किया गया। अभ्यर्थियों का कहना है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग रखने निकले थे।

रंजन की रिपोर्ट