बिहार में नोएडा-चंडीगढ़ की तर्ज पर बसेंगे शहर: मुजफ्फरपुर के 68 गाँवों में विकसित होगी 'तिरहुत सैटेलाइट टाउनशिप'
Bihar News : तिरहुत ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप का विस्तार मुजफ्फरपुर जिले के चार महत्वपूर्ण प्रखंडों—मुशहरी, कांटी, मड़वन और कुढ़नी में होगा। सरकार ने इसके लिए इन चारों प्रखंडों के कुल 68 राजस्व ग्रामों (मौजा) को चिन्हित किया है,..
Desk : बिहार सरकार अपने अतिमहत्वकांक्षी प्रोजेक्ट के तहत राज्य के 11 प्रमुख शहरों की सूरत बदलने की तैयारी में है। इस योजना के केंद्र में उत्तर बिहार की राजधानी कहे जाने वाले मुजफ्फरपुर को रखा गया है, जहाँ भव्य 'तिरहुत ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप' विकसित की जाएगी। दिल्ली, नोएडा, मुंबई और चंडीगढ़ जैसे महानगरों की तर्ज पर बनने वाली यह टाउनशिप पूरी तरह से 'प्लांड सिटी' होगी। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य शहरी आबादी के दबाव को कम करना और लोगों को आधुनिक वैश्विक सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
लगभग 20,200 एकड़ होगा टाउनशिप का कुल क्षेत्रफल
इस प्रस्तावित टाउनशिप का कुल क्षेत्रफल लगभग 20,200 एकड़ होगा। टाउनशिप में कुल 68 गांव शामिल किए गए हैं, जिनमें कुढ़नी और मड़वन प्रखंड के आठ गांव कोर एरिया में रखे गए हैं। राज्य
सरकार ने टाउनशिप क्षेत्र में जमीन की खरीद-बिक्री और हस्तांतरण पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है, जो 30 जून 2027 तक लागू रहेगी। टाउनशिप योजना के तहत जमीन मालिकों (रैयतों) को उनकी जमीन के बदले विकसित क्षेत्र में हिस्सेदारी दी जाएगी। सरकार की ओर से लगभग 55 प्रतिशत हिस्सेदारी देने का प्रावधान है, जिससे भविष्य में रैयतों को नियमित आय का स्रोत मिल सकेगा।
यहां बसेगी टाउनशिप
इस सैटेलाइट टाउनशिप की भौगोलिक सीमा उत्तर में पानापुर, दक्षिण में दुबियाही और तुर्की, पूर्व में नया बाईपास तथा पश्चिम में मड़वन तक फैली होगी। यह टाउनशिप से करीब 10 किलोमीटर और से महज 1.5 किलोमीटर की दूरी पर स्थित होगी। एयरपोर्ट के विकास के साथ इस टाउनशिप को विशेष लाभ मिलने की उम्मीद है। बताया जा रहा है कि अगले वर्ष तक यहां 19-सीटर विमानों का परिचालन शुरू करने की तैयारी चल रही है।
इन प्रखंडों की बदलेगी सूरत
टाउनशिप में शामिल प्रमुख प्रखंडों में कांटी, मड़वन, कुढ़नी और मुशहरी शामिल हैं। कोर एरिया में कुढ़नी का मोथा (चक हारून) और मड़वन के कई गांवों को शामिल किया गया है, जबकि स्पेशल एरिया में इन प्रखंडों के अन्य गांवों को जोड़ा गया है। सरकार का मानना है कि इस परियोजना से क्षेत्र में शहरीकरण को बढ़ावा मिलेगा, रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और स्थानीय लोगों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
होंगी यह सुविधाएं
नई तिरहुत में आधुनिक सुविधाओं का विकास किया जाएगा। इसमें बड़े पार्क, खेल मैदान, कमर्शियल हब, औद्योगिक क्षेत्र, चौड़ी सड़कें और आधुनिक ड्रेनेज सिस्टम जैसी सुविधाएं शामिल होंगी।
संबंधित गांवों के लोगों में बढ़ी बेचैनी
सरकार के इस फैसले के बाद संबंधित गांवों के लोगों में बेचैनी बढ़ गई है, क्योंकि कई जगहों पर जमीन के सौदे पहले ही तय हो चुके थे और अग्रिम राशि भी दी जा चुकी थी।
गौरतलब है कि नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद बिहार में सम्राट चौधरी के नेतृत्व में बनी नई सरकार की पहली बैठक में 11 शहरों में ग्रीनफील्ड टाउनशिप बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई थी। 22 अप्रैल को हुई बिहार कैबिनेट की बैठक के बाद नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव विनय कुमार ने बताया कि चयनित टाउनशिप क्षेत्रों में भूमि के क्रय-विक्रय, हस्तांतरण तथा किसी भी प्रकार के नए निर्माण कार्य पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है। यह पाबंदी तब तक प्रभावी रहेगी, जब तक इन क्षेत्रों का मास्टर प्लान अधिसूचित नहीं हो जाता।