Bihar Airports: बिहार में बंद एयरपोर्ट होंगे चालू, ग्रीनफील्ड हवाई अड्डों पर तेजी, गोपालगंज से मुजफ्फरपुर तक उड़ेगे विमान

Bihar Airports: बिहार की सियासत में विकास के एजेंडे को नई ऊंचाई देते हुए राज्य सरकार ने पूरे प्रदेश में एयर कनेक्टिविटी बढ़ाने की दिशा में बड़ा और निर्णायक कदम उठाया है।...

Closed airports to reopen in Bihar flights from Gopalganj to
बिहार में बंद एयरपोर्ट होंगे चालू- फोटो : social Media

Bihar Airports:  बिहार की सियासत में विकास के एजेंडे को नई ऊंचाई देते हुए राज्य सरकार ने पूरे प्रदेश में एयर कनेक्टिविटी बढ़ाने की दिशा में बड़ा और निर्णायक कदम उठाया है। वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में यह साफ कर दिया गया है कि अब बिहार सिर्फ सड़कों और रेल लाइनों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि हवाई नेटवर्क के ज़रिए भी विकास की रफ्तार पकड़ेगा। बजट में बेगूसराय और गोपालगंज के बंद पड़े एयरपोर्ट को दोबारा चालू करने की पुष्टि के साथ-साथ दो नए ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के निर्माण का ऐलान किया गया है।

बजट दस्तावेजों के मुताबिक, बेगूसराय के उलाव एयरपोर्ट और गोपालगंज के सबैया मिलिट्री एयरस्ट्रिप को फिर से ऑपरेशनल बनाने के लिए शुरुआती फिजिबिलिटी स्टडी को मंजूरी दे दी गई है। इसके लिए 81 लाख रुपये की राशि आवंटित की गई है। इसे सरकार की उस मंशा के तौर पर देखा जा रहा है, जिसमें छोटे और मझोले शहरों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का खाका तैयार किया गया है।

मंगलवार को बिहार विधानसभा में बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने कहा कि राज्य सरकार पटना, गया, दरभंगा और पूर्णिया से आगे उड़ानों के नेटवर्क को विस्तार देने जा रही है। उन्होंने बताया कि मुजफ्फरपुर, सहरसा, भागलपुर, बीरपुर, मुंगेर, मोतिहारी, छपरा, मधुबनी और वाल्मीकिनगर जैसे शहरों से छोटे विमानों के संचालन की तैयारी की जा रही है। सियासी गलियारों में इसे क्षेत्रीय असंतुलन को खत्म करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

सरकार ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट परियोजनाओं पर भी आक्रामक रुख अपनाए हुए है। भागलपुर जिले के सुल्तानगंज में 472 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से 931 एकड़ जमीन पर नया एयरपोर्ट बनाया जा रहा है। वहीं, सारण जिले के सोनपुर में प्रस्तावित ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट पटना, हाजीपुर और छपरा को हवाई सेवा से जोड़ेगा। यहां भूमि अधिग्रहण की प्रशासनिक प्रक्रिया जारी है, जिसकी अनुमानित लागत 1,302 करोड़ रुपये बताई गई है।

इसके अलावा दरभंगा एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विस्तारित किया जा रहा है। रनवे विस्तार, नया सिविल एन्क्लेव और कार्गो टर्मिनल की योजना पर काम चल रहा है। पटना के पास बिहटा एयरपोर्ट का विकास जारी है, जबकि रक्सौल और सुपौल में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है। सहरसा में रनवे विस्तार के साथ एयरपोर्ट को चालू करने की कवायद तेज कर दी गई है।

कुल मिलाकर, बजट से साफ संदेश है कि नीतीश सरकार बिहार को हवाई नक्शे पर मजबूती से स्थापित करने के मूड में है, जहां विकास की उड़ान अब ज़मीन से आसमान तक दिखाई देगी।