पुराने साथी को श्रद्धांजलि देने पंडारक पहुँचे CM नीतीश: स्व. बब्बन शर्मा के परिजनों से मिल साझा किया दुख

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को बाढ़ के पंडारक पहुँचकर जेडीयू के वरीय नेता स्व. बब्बन शर्मा को श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने उनके श्राद्ध कर्म में शामिल होकर पुष्पांजलि दी और शोकाकुल परिवार को ढाढस बंधाया। इस दौरान उनके साथ मंत्री विजय

पुराने साथी को श्रद्धांजलि देने पंडारक पहुँचे CM नीतीश: स्व.

Patna -  बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सोमवार को बाढ़ अनुमंडल के पंडारक पहुँचे। यहाँ उन्होंने जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के वरीय नेता और अपने पुराने परिचित स्व. बब्बन शर्मा के निधन के उपरांत आयोजित श्राद्ध कर्म में हिस्सा लिया। मुख्यमंत्री ने स्व. शर्मा के तैलचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी और उनके सामाजिक योगदानों को याद किया।

मंत्री विजय चौधरी के साथ परिजनों से की मुलाकात 

इस शोक सभा में मुख्यमंत्री के साथ जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने स्व. बब्बन शर्मा के शोकाकुल परिजनों से मुलाकात की और उन्हें इस कठिन समय में ढाढस बंधाया। नीतीश कुमार ने काफी समय परिजनों के साथ बिताया और पुरानी स्मृतियों को साझा करते हुए अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं।

पुराने रिश्तों को निभाने पंडारक पहुँचे मुख्यमंत्री 

स्व. बब्बन शर्मा को मुख्यमंत्री के बेहद करीबी और भरोसेमंद साथियों में गिना जाता था। उनके निधन को जेडीयू परिवार के लिए एक बड़ी क्षति बताते हुए मुख्यमंत्री ने व्यक्तिगत रूप से शोक व्यक्त किया। मुख्यमंत्री का यह दौरा उनके पुराने राजनीतिक और व्यक्तिगत संबंधों की प्रगाढ़ता को दर्शाता है।

सुरक्षा के रहे पुख्ता इंतजाम, अलर्ट पर रहा प्रशासन 

मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर बाढ़ अनुमंडल और पंडारक क्षेत्र में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। पुलिस प्रशासन सुबह से ही हाई अलर्ट पर रहा। चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा बलों की तैनाती की गई थी और वरीय अधिकारी स्वयं सुरक्षा व्यवस्था की मॉनिटरिंग कर रहे थे।

श्रद्धांजलि सभा में कई गणमान्य लोग रहे मौजूद 

श्राद्ध कर्म के दौरान जेडीयू के कई स्थानीय नेता, कार्यकर्ता और क्षेत्र के गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सभी ने स्व. बब्बन शर्मा के निधन पर दुःख जताया। मुख्यमंत्री के प्रस्थान के बाद भी क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात रहा।

बाढ़ से रवि शंकर की रिपोर्ट