छात्र आंदोलन के बीच CM सम्राट चौधरी का बड़ा संदेश, ‘युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं’
सम्राट चौधरी ने कहा, “युवा हमारे देश की सबसे बड़ी ताकत हैं। उनके सपनों और भविष्य के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
Samrat Chaudhary : बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने युवाओं के भविष्य और उनके अधिकारों को लेकर बड़ा बयान दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक सोशल मीडिया पोस्ट को साझा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि युवा देश की सबसे बड़ी ताकत हैं और उनके सपनों व भविष्य के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सम्राट चौधरी ने कहा, “युवा हमारे देश की सबसे बड़ी ताकत हैं। उनके सपनों और भविष्य के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दोषियों को कानून के तहत सख्त से सख्त सजा मिलेगी और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। युवाओं का भविष्य सुरक्षित रखना मोदी सरकार की गारंटी है।” मुख्यमंत्री का यह बयान ऐसे समय आया है, जब देशभर में युवाओं और छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर बहस तेज है। उन्होंने अपने संदेश के जरिए स्पष्ट किया कि युवाओं के भविष्य से जुड़े मामलों में सरकार सख्त कार्रवाई के पक्ष में है।
PM मोदी ने किया फास्ट ट्रैक कोर्ट का ऐलान
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने जिस पोस्ट को साझा किया, उसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने युवाओं के कल्याण और भविष्य को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि युवाओं के भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए सरकार ने दोषियों को जल्द और कड़ी सजा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित करने का निर्णय लिया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि युवाओं के हित और उनके भविष्य से बढ़कर कुछ भी महत्वपूर्ण नहीं है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ तेजी से कार्रवाई की जाएगी।
हालिया छात्र आंदोलन के बीच आया बयान
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह संदेश हाल में छात्रों के आंदोलन के बीच आया है। बिहार में नीट प्रश्नपत्र लीक और परीक्षा व्यवस्था में कथित अनियमितताओं के विरोध में छात्रों ने पटना में प्रदर्शन किया था। प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई के बाद मामला और अधिक गरमा गया। इसके पहले दिल्ली में भी इसी किस्म का प्रदर्शन हुआ जिसमें छात्रों पर लाठीचार्ज का देश स्तर पर विरोध किया गया।
इस मुद्दे को लेकर बिहार विधानसभा और विधान परिषद में भी जोरदार हंगामा हुआ। विपक्ष ने छात्रों पर लाठीचार्ज का विरोध करते हुए सरकार को घेरा, जबकि सत्ता पक्ष ने प्रदर्शन के दौरान विधायकों और पत्रकारों पर कथित हमले का मुद्दा उठाया। दोनों सदनों में हंगामे के कारण कार्यवाही बाधित हुई और विधानसभा की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक स्थगित करनी पड़ी।