स्टार्टअप और उद्योग के लिए ‘बिहार टेक’ पोर्टल का होगा निर्माण, सीएम सम्राट का ऐलान - अगले 5 साल में देश का उद्योग हब बनेगा बिहार
बिहार को उद्योग के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने और स्टार्टअप का प्रमुख केंद्र बनाने के लिए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य में ‘बिहार टेक’ पोर्टल शुरू किये जाने की घोषणा की है
Bihar Tech Portal : स्टार्टअप और उद्योग के लिए ‘बिहार टेक’ पोर्टल का निर्माण किया जाएगा, जिससे बिहार के विकास को गति मिलेगी। यह घोषणा शुक्रवार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आईटी इंडस्ट्री, स्टार्टअप संगठनों के लोगों के साथ आयोजित संवाद कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान केंद्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव, बिहार के नगर विकास एवं आवास विभाग मंत्री नीतीश मिश्रा भी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्टार्टअप और उद्योग के लिए ‘बिहार टेक’ पोर्टल का निर्माण किया जाएगा, जिससे बिहार के विकास को गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि बिहार के लिए यह सौभाग्य की बात है कि आज आईटी इंडस्ट्री और स्टार्टअप के प्रतिनिधियों के साथ संवाद करने का अवसर मिला है। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव भी उपस्थित हैं, जिनका सहयोग हमेशा मिलता रहा है। उनके सुझावों पर अमल किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के समृद्ध बिहार के सपने को पूरा करने के लिए लगातार काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार में विकास के कई कार्य हुए हैं और राज्य को और गति देने के लिए कड़ी मेहनत करनी होगी।
2 लाख एकड़ सरकारी जमीन चिन्हित
मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार ने 2 लाख एकड़ सरकारी जमीन चिन्हित की है और 11 नए सैटेलाइट टाउनशिप विकसित किए जा रहे हैं। किसानों को उनकी जमीन का उचित मुआवजा दिया जा रहा है ताकि किसी प्रकार का असंतोष न हो। उद्योग लगाने के लिए पूरे राज्य में अवसर खोले गए हैं तथा आने वाली बाधाओं को तेजी से दूर किया जा रहा है।

सहयोग पोर्टल से समाधान
उन्होंने कहा कि सरकार ने सहयोग शिविर और सहयोग पोर्टल की शुरुआत की है, जहां आम लोग अपनी समस्याओं के समाधान के लिए आवेदन कर सकते हैं। यदि 30 दिनों के भीतर कार्रवाई नहीं होती है तो 31वें दिन संबंधित पदाधिकारी के खिलाफ मुख्यमंत्री कार्यालय से कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू हो जाती है। अब तक 3 लाख 26 हजार आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से अधिकांश का समाधान किया जा चुका है। करीब 7 हजार मामलों में अधिकारियों के आदेश पर आपत्ति आई है, जिनके पुनरीक्षण का निर्देश दिया गया है।
पांच वर्षों का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि रोजगार और स्टार्टअप से जुड़े युवाओं के सुझाव महत्वपूर्ण हैं। उन्हें उचित मंच उपलब्ध कराया जाएगा और कानूनी बाधाओं को दूर किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अगले पांच वर्षों में बिहार को उद्योग के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने का लक्ष्य है। बिहार के युवाओं को स्टार्टअप के माध्यम से रोजगार के अवसर पैदा करने के लिए सरकार हर संभव सहायता प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि बिहार ज्ञान की भूमि है और सरकार ऐसी व्यवस्था बना रही है कि राज्य के बच्चे बिहार में ही गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा प्राप्त कर सकें। बिहार को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव का विशेष स्वागत करते हुए कहा कि बिहार में आईटी इंडस्ट्री और स्टार्टअप को विकसित करने में उनका महत्वपूर्ण सहयोग मिल रहा है। राज्य सरकार यहां के युवाओं को आगे बढ़ाने के लिए हरसंभव सहायता उपलब्ध कराएगी।
वंदना की रिपोर्ट