Bihar News : परिसीमन के नाम पर देश को बांटने की कोशिश कर रही कांग्रेस, मंत्री डॉ. संतोष कुमार सुमन ने डीके शिवकुमार के बयान पर साधा निशाना
Bihar News : बिहार सरकार के मंत्री डॉ संतोष कुमार सुमन ने आरोप लगाया कि कांग्रेस का इतिहास हमेशा से देश को बांटने की राजनीति का रहा है.....पढ़िए आगे
PATNA : हिन्दुस्तानी अवाम मोर्चा (से.) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं बिहार सरकार के लघु जल संसाधन मंत्री डॉ. संतोष कुमार सुमन ने कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार द्वारा परिसीमन के मुद्दे पर दिए गए बयान पर कांग्रेस को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का इतिहास ही देश को बांटने की राजनीति का रहा है। कभी हिन्दू-मुस्लिम के नाम पर, कभी उत्तर-दक्षिण, कभी भाषा और अब परिसीमन जैसे संवेदनशील विषयों को लेकर देश के लोगों के बीच विभाजन की रेखा खींचने का प्रयास किया जा रहा है। अंग्रेजों की ‘बांटो और राज करो’ की नीति पर चलने वाली कांग्रेस आज भी उसी मानसिकता से बाहर नहीं निकल पाई है।
डॉ. सुमन ने कहा कि हिंदी, हिन्दू और हिंदुस्तान की भावना से कांग्रेस की दूरी अब किसी से छिपी नहीं है। हिंदी पट्टी के राज्यों की जनसंख्या बढ़ने को राजनीतिक नुकसान के रूप में देखना लोकतांत्रिक व्यवस्था और जनता की आकांक्षाओं का अपमान है। जनसंख्या नियंत्रण करने वाले राज्यों को दंडित करने और जनसंख्या के आधार पर प्रतिनिधित्व के सिद्धांत पर सवाल खड़ा करने की कांग्रेस की कोशिश देश को कहीं का नहीं छोड़ेगी। भारत केवल उत्तर या दक्षिण नहीं, बल्कि कश्मीर से कन्याकुमारी और गुजरात से अरुणाचल तक एक अखंड राष्ट्र है।
उन्होंने कहा कि एक ओर कांग्रेस परिसीमन के नाम पर उत्तर और दक्षिण को बांटने की कोशिश कर रही है, वहीं दूसरी ओर ‘वन्दे मातरम्’ जैसे राष्ट्रीय गीत को लेकर भी उसका रवैया देश के सामने है। कांग्रेस को बताना चाहिए कि उसे भारत की एकता और अखंडता से आखिर इतनी परेशानी क्यों है? ‘वन्दे मातरम्’ का सम्मान करना पूरे देश की भावना का सम्मान है, लेकिन कांग्रेस इसमें भी राजनीति और विभाजन तलाश रही है।
डॉ. सुमन ने कहा कि कांग्रेस को समझ लेना चाहिए कि भारत की जनता अब उसकी ‘बांटो और राज करो’ की राजनीति को स्वीकार करने वाली नहीं है। देश की जनता उत्तर-दक्षिण, जाति, धर्म और भाषा के नाम पर नहीं, बल्कि विकास, समान अवसर और मजबूत राष्ट्र के नाम पर आगे बढ़ना चाहती है। कांग्रेस जितना देश को बांटने का प्रयास करेगी, जनता उतनी ही मजबूती से राष्ट्रीय एकता और अखंडता के पक्ष में खड़ी होगी।