Bihar News : निर्दलीय सांसद पप्पू यादव के खिलाफ कोर्ट ने जारी किया कुर्की-जब्ती का आदेश, जानिए क्या है 1995 का यह विवाद
Bihar News : पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव की मुश्किलें बढ़ गयी है. एमपी-एमएलए कोर्ट ने सांसद के खिलाफ कुर्की जब्ती का वारंट जारी किया है......पढ़िए आगे
PATNA : पटना की विशेष एमपी-एमएलए अदालत ने पूर्णिया के निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव समेत तीन आरोपियों के खिलाफ कुर्की-जब्ती का सख्त आदेश जारी किया है। विशेष न्यायाधीश प्रवीण कुमार मालवीय की अदालत ने यह फैसला आरोपियों के लंबे समय से अदालत में पेश न होने के कारण लिया है। इस मामले में सांसद के अलावा शैलेंद्र प्रसाद और चंद्र नारायण प्रसाद को भी नामजद किया गया है, जिन्हें कोर्ट की कार्रवाई में शामिल न होने का दोषी माना गया है।
यह कानूनी कार्रवाई करीब 31 साल पुराने एक विवाद से जुड़ी है, जो वर्ष 1995 में शुरू हुआ था। उस समय पटना के गर्दनीबाग थाने में (प्राथमिकी संख्या 552/1995) मामला दर्ज कराया गया था। शिकायतकर्ता विनोद बिहारी लाल का आरोप था कि उनका मकान धोखाधड़ी के जरिए किराए पर लिया गया था। मकान मालिक को बाद में पता चला कि उनके घर का इस्तेमाल सांसद का कार्यालय चलाने के लिए किया जा रहा था, जबकि किराए पर लेते समय तथ्यों को छुपाया गया था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने पहले आरोपियों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। जब वारंट पर भी उनकी उपस्थिति सुनिश्चित नहीं हो सकी, तो कोर्ट ने उनके ठिकानों पर इश्तेहार चस्पा करने का आदेश दिया। इसके बावजूद पप्पू यादव और अन्य आरोपी कोर्ट के समक्ष उपस्थित नहीं हुए, जिसके बाद अब अदालत ने उनकी संपत्तियों को कुर्क (कुर्की-जब्ती) करने का अंतिम आदेश पारित कर दिया है।
इस मामले में केवल धोखाधड़ी ही नहीं, बल्कि शिकायतकर्ता को डराने और धमकाने के आरोप भी शामिल हैं। मकान मालिक का दावा है कि जब उन्होंने अपने मकान का गलत इस्तेमाल होते देखा और विरोध किया, तो उन्हें आरोपियों की ओर से गंभीर परिणाम भुगतने की धमकियां दी गईं। वर्षों तक चली इस कानूनी प्रक्रिया में अब जाकर कोर्ट ने आरोपियों की अनुपस्थिति पर यह कड़ा रुख अपनाया है। सांसद पप्पू यादव की मुश्किलें अब और बढ़ सकती हैं क्योंकि अदालत ने इस मामले की अगली सुनवाई के लिए 7 फरवरी 2026 की तारीख मुकर्रर की है। यदि तय समय सीमा के भीतर आरोपी सरेंडर नहीं करते हैं, तो पुलिस प्रशासन कुर्की की कार्रवाई को अंजाम दे सकता है।