13 दिन में 4 लोगों को ताबड़तोड़ गोलिया मार पटना को दहलाने वाला कुख्यात पेरोल जम्प कर फरार!
पटना के बेउर जेल से मां के अंतिम संस्कार के लिए बाहर आया कुख्यात अपराधी छोटू गोप उर्फ अशोक महतो पेरोल जंप कर फरार हो गया है। पुनाइचक गोलीकांड और शास्त्री नगर फायरिंग का आरोपी छोटू गोप सिवान का रहने वाला है। जानें पूरा काण्ड
राजधानी के पाश इलाका पुनाइचक में ताबड़तोड़ वारदातें कर आतंक का पर्याय बने छोटू गोप उर्फ अशोक महतो बेउर जेल से अपनी माँ के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए बाहर आने के बाद पेरोल जंप करके फरार हो गया है। उसके फरार होते ही पूरे पटना शहर में हड़कंप मच गया है। इस अपराधी के गायब होने से पुलिस महकमे में अफरा-तफरी का माहौल है। विदित हो कि शास्त्री नगर थाना काण्ड सख्या 260/24 में इस दुर्दांत अपराधी के खिलाफ गवाही कि प्रक्रिया कोर्ट द्वारा शुरू है इसी बीच मिली जानकारी के अनुसार इकलौता पुत्र होने कि वजह से माँ कि मौत होने पर गारेंटर कि बिना पर इसने कोर्ट से 15 दिनों का पेरोल हासिल कर लिया।
शास्त्री नगर फायरिंग और बेकसूर की मौत
12 मार्च 2024 की रात शास्त्री नगर थाना क्षेत्र स्थित सब्जीमंडी में अंधाधुंध फायरिंग की गई थी। इस गोलीबारी में निर्दोष सब्जी विक्रेता जितेंद्र राय की मौत हो गई, जबकि एक अन्य दुकानदार अजय राय और ग्राहक गुंजन कुमार झा गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस जांच में यह खुलासा हुआ कि हमलावरों के निशाने पर जितेंद्र राय नहीं थे, बल्कि वे किसी और की हत्या के इरादे से आए थे।

पुनाइचक में अभिषेक की गोलियों से भूनकर हत्या
इस अपराधी का कदर दुस्साहस इस कदर बढ़ चुका था उस दौरान इसने महाज 13 दिनों के भीतर चार लोगों को गोली मारी, जिनमें से दो की मौत हो गई और दो घायल। 12 मार्च को अंधाधुंध फायरिंग करने के बाद 25 मार्च की रात बाइक सवार इन अपराधियों ने पुनाईचक के रहने वाले अभिषेक को फोन करके घर से बाहर बुलाया और देवी स्थान के पास उस पर ताबड़तोड़ पांच गोलियां चला दीं। अस्पताल में इलाज के दौरान अभिषेक की मौत हो गई। इस बीच छोटू ने आधा दर्जन लोगों से रंगदारी की मांग की। पूरे पुनाईचक में छोटू का खौफ था जिसके चलते सिर्फ 3 लोगों ने हिम्मत दिखा कर छोटू के खिलाफ मामला दर्ज कराया।

आरोपी छोटू गोप का आपराधिक इतिहास
जांच के क्रम में पुलिस को पता चला कि कुख्यात छोटू गोप मूल रूप से सिवान जिले के सिसवन थाना क्षेत्र स्थित उमथी बकड़ी गाँव का रहने वाला है। उसका आपराधिक इतिहास काफी पुराना रहा है। छोटू गोप 20 सालों से अपराध जगह में रहा है। इसने एक दर्जन से ज्यादा हत्याएं की है। छोटू एक साइको प्रवृत्ति का अपराधी है। छोटू ने 2 लोगों की हत्या गला रेत कर की है। छोटू ने 2006 में पटना के पुनाईचक इलाके में चाय की दुकान चलाने वाली बिमला देवी के लड़के बौना की हत्या कर दी थी। छोटू ने बौना को पीछे से पकड़ कर स्तुरा से गला रेत दिया था। जिससे बौना की मौत हो गई थी। छोटू गोप उर्फ अशोक महतो 7 जून 2020 को अपने गांव के चौकीदार हरिहर भगत के बेटे संतोष की गला रेतकर हत्या कर दी थी। छोटू गोप ने सिवान में भी कई आपराधिक घटनाओं को अंजाम दिया है। छोटू जैसे अपराधी को सरेराह किसी को गोली चला कर मार देने में कोई परेशानी नहीं है।
पुलिस प्रशासन की चुनौती और दहशत का माहौल
राजधानी के पॉश इलाकों में एक के बाद एक हो रही गोलीबारी की घटनाओं और कुख्यात अपराधी के पेरोल से भाग निकलने के कारण आम जनता में भारी दहशत है। पटना पुलिस के लिए फरार छोटू गोप को जल्द से जल्द गिरफ्तार करना और इलाके में कानून-व्यवस्था बहाल करना एक बड़ी चुनौती बन गया है।