Bihar News : कम जमीन, अधिक मुनाफा ! छोटे किसानों के लिए वरदान साबित होंगी हल्दी और ओल की खेती, सरकार देगी बाजार और तकनीक का साथ

Bihar News : बिहार में किसानों के लिए हल्दी और ओल की खेती मुनाफे का सौदा साबित हो रहा है. राज्य सरकार भी इसके लिए बाज़ार और तकनीक उपलब्ध करा रही है.......पढ़िए आगे

Bihar News : कम जमीन, अधिक मुनाफा ! छोटे किसानों के लिए वरदा
हल्दी से मुनाफा - फोटो : SOCIAL MEDIA

PATNA : बिहार सरकार राज्य में फसल विविधीकरण को गति देते हुए हल्दी, अदरक एवं ओल जैसी उच्च-मूल्य वाली उद्यानिकी फसलों को विशेष प्रोत्साहन दे रही है। इसका उद्देश्य छोटे एवं सीमांत किसानों को कम क्षेत्र और अपेक्षाकृत कम निवेश में बेहतर आय के अवसर उपलब्ध कराना है। इस पहल को लेकर राज्य के कृषि मंत्री राम कृपाल यादव ने गुरुवार को कहा है कि राज्य की जलवायु एवं मिट्टी इन फसलों के लिए अत्यंत अनुकूल है। 

आजीविका का साधन

सरकार की यह पहल विशेष रूप से गरीब परिवारों, महिला स्वयं सहायता समूहों तथा ग्रामीण युवाओं के लिए सम्मानजनक, घर के नजदीक और टिकाऊ आजीविका का मजबूत माध्यम बन रही है।

बिहार में हाई-वैल्यू खेती को बढ़ावा

उन्होंने बताया कि सरकार उन्नत रोपण सामग्री, आधुनिक उत्पादन तकनीक, प्रशिक्षण, प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन तथा बाजार से जोड़ने की मजबूत व्यवस्था विकसित कर रही है, ताकि किसानों को बेहतर लाभ मिल सके। हल्दी औषधीय एवं मसाला फसल के रूप में, अदरक निरंतर बाजार मांग के कारण तथा ओल कम लागत में बेहतर प्रतिफल देने वाली फसल के रूप में किसानों के लिए अत्यंत लाभकारी विकल्प हैं। इन फसलों को अपनाने से खेती में विविधता आएगी, जिससे जलवायु परिवर्तन के जोखिम को कम करते हुए किसानों की आय अधिक स्थिर और सुरक्षित बनेगी।

उत्पादन से लेकर बाजार तक सरकार की पूरी सहायता

कृषि मंत्री राम कृपाल यादव ने कहा कि बिहार सरकार की प्राथमिकता है कि किसान केवल उत्पादनकर्ता न रहें, बल्कि मूल्य संवर्धन और बाजार से जुड़कर समृद्ध कृषि उद्यमी बनें। हल्दी, अदरक और ओल जैसी फसलें कम क्षेत्र में अधिक आमदनी, कम जोखिम और बेहतर रोजगार के अवसर प्रदान करती हैं। इस पहल से महिलाओं को घर-आधारित आय, युवाओं को कृषि-उद्यमिता और छोटे किसानों को जलवायु-अनुकूल एवं लाभकारी खेती का भरोसेमंद विकल्प मिलेगा। उन्होंने कहा कि किसान इन फसलों को अपनाकर सरकार की योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाएं और समृद्ध बिहार के निर्माण में भागीदार बनें।