Bihar News : पटना में साइबर ठगों के 'मायाजाल' का हुआ भंडाफोड़, 6 अपराधियों को पुलिस ने किया गिरफ्तार, करोड़ों के ट्रांजैक्शन के मिले सबूत

Bihar News : पटना में साइबर ठगों के 'मायाजाल' का हुआ भंडाफोड

PATNA : राजधानी पटना की साइबर सेल ने डिजिटल ठगी के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने अलग-अलग थाना क्षेत्रों में छापेमारी कर कुल 6 साइबर अपराधियों को दबोचा है। यह पूरी कार्रवाई साइबर थाना कांड संख्या 53/26 के तहत की गई है, जिसमें से 3 मुख्य अभियुक्तों की गिरफ्तारी पटना के विभिन्न इलाकों से हुई है। पकड़े गए अपराधी राजधानी में बैठकर ही देशव्यापी ठगी के नेटवर्क को ऑपरेट कर रहे थे और करोड़ों रुपये के अवैध लेनदेन को अंजाम दे रहे थे।

इस गिरोह के काम करने का तरीका बेहद शातिर था। जांच में सामने आया है कि ये ठग 'म्यूल अकाउंट' (Mule Account) का इस्तेमाल कर ठगी की रकम को ठिकाने लगाते थे। अपराधी भोले-भाले लोगों या लालची प्रवृत्ति के व्यक्तियों को उनके बैंक खाते का उपयोग करने के बदले 15 प्रतिशत कमीशन का प्रलोभन देते थे। इसी 15% कमीशन के झांसे में आकर कई लोगों ने अपने बैंक खातों को साइबर अपराधियों के हवाले कर दिया था, जिनमें पिछले कुछ समय में करोड़ों रुपये का संदिग्ध ट्रांजैक्शन हुआ है।

पुलिस ने कार्रवाई के दौरान ऐसे 3 'ओरिजिनल अकाउंट होल्डर' को भी गिरफ्तार किया है, जिन्होंने कमीशन के लालच में आकर अपने खातों में ठगी का पैसा मंगवाया था। साइबर थाना पुलिस के अनुसार, इन खातों का इस्तेमाल मुख्य रूप से ठगी गई रकम को लेयरिंग (Layering) के जरिए घुमाने और अंततः उसे नकद निकालने के लिए किया जाता था। इन खाताधारकों की गिरफ्तारी से इस सिंडिकेट के वित्तीय ढांचे को बड़ा झटका लगा है।

राजधानी पटना में बैठकर संचालित हो रहे इस रैकेट ने अब तक लाखों-करोड़ों के ट्रांजैक्शन को अंजाम दिया है। गिरफ्तार अभियुक्तों के पास से पुलिस को कई आपत्तिजनक दस्तावेज, मोबाइल फोन और सिम कार्ड बरामद हुए हैं। पुलिस अब इन अभियुक्तों के बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज खंगाल रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस खेल के पीछे के असली मास्टरमाइंड कौन हैं और उनका नेटवर्क किन-किन राज्यों में फैला हुआ है।

साइबर थाने की इस कार्रवाई ने आम लोगों के लिए भी एक बड़ी चेतावनी जारी की है। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर या कमीशन के लालच में अपना बैंक खाता किराए पर देना या लेनदेन के लिए इस्तेमाल करने देना एक गंभीर अपराध है। ऐसे 'म्यूल अकाउंट' होल्डर भी साइबर ठगी के बराबर के भागीदार माने जाते हैं और उनके खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

अनिल की रिपोर्ट