पत्नी और दो बच्चों को जलाकर मार डाला, आरोपी पति को मिली फांसी की सजा, पटना हाईकोर्ट ने बदल दिया फैसला

पटना हाईकोर्ट ने कटिहार के एक तिहरे हत्याकांड में दोषी मोहम्मद ताहिर की फांसी की सजा को 20 साल के कठोर कारावास में बदल दिया है, साथ ही स्पष्ट किया कि इस दौरान उसकी समय पूर्व रिहाई नहीं होगी।

पत्नी और दो बच्चों  को जलाकर मार डाला, आरोपी पति  को मिली फा

Patna - पटना हाईकोर्ट ने अपनी पत्नी और दो मासूम बेटियों को जलाकर मारने के दोषी मोहम्मद ताहिर की मौत की सजा (Death Penalty) को उम्रकैद में बदल दिया है। जस्टिस राजीव रंजन प्रसाद और जस्टिस शैलेन्द्र सिंह की खंडपीठ ने कटिहार के ट्रायल कोर्ट द्वारा वर्ष 2025 में सुनाए गए दोषसिद्धि के फैसले को तो बरकरार रखा, लेकिन सजा के स्वरूप में महत्वपूर्ण संशोधन किया। 

कठोर कारावास और रिहाई पर रोक

अदालत ने दोषी को 20 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने अपने आदेश में यह विशेष रूप से स्पष्ट किया है कि सजा की इस अवधि (20 साल) के दौरान रिहाई से संबंधित सामान्य कानूनी प्रावधान या छूट लागू नहीं होंगे। यानी दोषी को कम से कम 20 साल जेल की सलाखों के पीछे गुजारने होंगे। 

क्या था मामला?

यह मामला कटिहार जिले का है, जहाँ मोहम्मद ताहिर के घर के भीतर उसकी पत्नी और दो छोटी बेटियों की जलकर संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु हो गई थी।  पोस्टमार्टम रिपोर्ट में तीनों मृतकों के शरीर पर जलने के अत्यंत गंभीर घाव पाए गए थे, जो उनकी तड़प और मौत की क्रूरता को दर्शाते थे। इसी मामले में एक अन्य सह-अभियुक्ता, हदीसा खातून को कोर्ट ने संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया है। 

अदालती कार्यवाही और दलीलें

सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अजय कुमार ठाकुर ने अपनी बात रखी। वहीं, राज्य सरकार का पक्ष अपर लोक अभियोजक परमेश्वर मेहता ने मजबूती से रखा। इस जटिल कानूनी मामले में कोर्ट की सहायता के लिए 'कोर्ट मित्र' (Amicus Curiae) के रूप में अधिवक्ता सूर्या नीलाम्बरी और प्रतीक मिश्रा ने महत्वपूर्ण योगदान दिया।