Bihar News : मेडिकल चेकअप कराएँगे भ्राता तेजस्वी ? दीपा मांझी ने रोहिणी आचार्य को दी चुनौती, कहा -तेजस्वी का बचाव किस मजबूरी में?

Bihar News : तेजस्वी यादव द्वारा जीतन राम मांझी को श्रद्धांजलि देने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। अब इस राजनीतिक घमासान में इमामगंज से हम (HAM) विधायक दीपा मांझी भी कूद पड़ी हैं.......पढ़िए आगे

Bihar News : मेडिकल चेकअप कराएँगे भ्राता तेजस्वी ? दीपा मांझ
रोहिणी पर हमला - फोटो : SOCIAL MEDIA

PATNA : माउंटेन मैन दशरथ मांझी के पुण्यतिथि के मौके पर तेजस्वी की ओर से केंद्रीय मंत्री जीतनराम मांझी को श्रद्धांजलि देने का मामला थमने का नाम नहीं ले रहा हैं। अब इस मामले में इमामगंज की विधायक दीपा मांझी भी कूद पड़ी हैं। उन्होंने रोहिणी आचार्य पर निशाना साधते हुए कहा की अरे बहन, अब बोलना जरूरी हो गया है...  सोचा था तुम पर अभी नहीं बोलेंगे... लेकिन सिंगापुर से ज्ञान कुछ ज्यादा ही आ रहा है।  ईधर फिर से तुम्हारा इसलिए जरा जवाब दो...यही तेजस्वी हैं ना, जिसने पिता लालू जी को जब किडनी की जरूरत पड़ी तो आपने अपनी किडनी देकर बेटी होने का फर्ज निभाया। तब पूरा देश आपकी कुर्बानी की तारीफ कर रहा था। लेकिन बाद में आपने खुद जो आरोप लगाए, उनमें कहा कि उसी परिवार में आपको अपमानित किया गया, आपको परिवार से अलग होने के लिए मजबूर किया गया और आपकी कुर्बानी तक पर सवाल खड़े किए गए।

दीपा ने कहा की यही तेजस्वी हैं ना, जिनके बारे में आपने खुद सार्वजनिक रूप से कहा कि संजय यादव, रमीज और तेजस्वी ने आपको परिवार से बाहर कर दिया? यह आरोप मेरा नहीं, आपका है। फिर आज आप उन्हीं लोगों के राजनीतिक बचाव में क्यों खड़ी हो जाती हैं? यही तेजस्वी हैं ना, जिनकी टीम और करीबियों की भूमिका को लेकर आपने चुनाव के बाद सवाल उठाए थे? आपने यहां तक सवाल किया था कि जब चुनाव की रणनीति और नियंत्रण सब कुछ उन्हीं लोगों के हाथ में था तो हार की जिम्मेदारी कौन लेगा? और आज स्थिति देखिए—आपके अपने आरोपों और परिवार के भीतर के विवादों के बावजूद तेजस्वी को पार्टी का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बना दिया गया। यानी परिवार में किसकी कुर्बानी याद रखी जाएगी और पार्टी में किसे ताकत मिलेगी, इसका फैसला भी वही लोग करेंगे जिन पर आपने सवाल उठाए थे। तेज प्रताप यादव को भी पार्टी से छह साल के लिए बाहर किया गया। परिवार में एक-एक करके रिश्ते टूटते गए और पार्टी पर नियंत्रण का दायरा कुछ चुनिंदा लोगों के हाथों में सिमटता गया—यह सवाल अब सिर्फ परिवार का नहीं, RJD की राजनीतिक संस्कृति का भी है।

दीपा ने कहा की बहन, किसी के राजनीतिक महत्वाकांक्षा के लिए अपने ही रिश्तों, अपने सम्मान और अपने पुराने सवालों को भूल जाना समझदारी नहीं है। जिस व्यक्ति के खिलाफ आपने खुद इतने गंभीर सवाल उठाए, आज उसी के बचाव में खड़ा होना आखिर किस मजबूरी का नाम है? कहा की एक सवाल का जवाब तो जरूर दीजिए—क्या तेजस्वी यादव आपको कभी RJD की कमान सौंपेंगे? क्या आपको पार्टी में अपने बराबर की राजनीतिक ताकत देंगे? क्या आपको नेतृत्व में आगे बढ़ाएंगे? अगर जवाब ‘नहीं’ है, तो फिर किसी और के लिए अपने ही सवालों को क्यों दबा रही हैं? 

दीपा ने कहा की राजनीति में सबसे बड़ा नुकसान विरोधी नहीं करता, कभी-कभी इंसान अपने ही गलत फैसलों से कर लेता है। और बहन, इतिहास गवाह है—जिस घर में रिश्तों की कीमत सत्ता से कम हो जाए, वहां अंत में कुर्सी तो किसी एक के पास रहती है, लेकिन परिवार और संगठन दोनों बिखर जाते हैं। क्या सच नहीं है कि आपके भ्राता नशा करते हैं.. अगर नहीं तो आप पूछिए उनसे कि सार्वजनिक मेडिकल जाँच को तैयार हैं वो ? करेंगे सामना मेडिकल चेकअप का ? है हिम्मत तो बोलो   ...।