ग्रामीण लड़कियों को निःशुल्क डिजिटल शिक्षा से जोड़ रहा MaMri फाउंडेशन, उप मुख्यमंत्री विजय सिन्हा ने दिया प्रमाण पत्र

सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता मृणाल माधव की पत्नी निकिता वेद की अभिनव सोच का लखीसराय के बड़हिया में संचालित MaMri फाउंडेशन है.

MaMri Foundation
MaMri Foundation- फोटो : news4nation

Bihar News : लखीसराय विधानसभा अंतर्गत बड़हिया में MaMri_फाउंडेशन द्वारा संचालित निःशुल्क कंप्यूटर प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत प्रशिक्षित बालिकाओं को शनिवार को प्रमाण पत्र वितरण किया। बिहार के उप मुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने प्रमाण पत्र वितरित किया और MaMri_फाउंडेशन की पहल को जमकर सराहा। पिछले तीन वर्षों से MaMri_फाउंडेशन ग्रामीण लड़कियों को डिजिटल शिक्षा से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी बनाने का सराहनीय कार्य कर रही है। 


यह अभिनव सोच सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता मृणाल माधव की पत्नी निकिता वेद  की है, जो वर्तमान में GAIL इंडिया में चीफ मैनेजर (लॉ) के पद पर कार्यरत हैं। उनका मानना है कि शिक्षा, विशेषकर डिजिटल शिक्षा, ही लड़कियों को आत्मसम्मान, आत्मनिर्भरता और सशक्त भविष्य की ओर ले जा सकती है।

आज की लड़ाई तकनीक से  

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि “आज की लड़ाई हथियारों से नहीं, ज्ञान और तकनीक से लड़ी जाती है। जब गांव की बेटियां कंप्यूटर सीखती हैं, तो वे सिर्फ अपने लिए नहीं, बल्कि पूरे समाज के भविष्य को मजबूत करती हैं।” उन्होंने MaMri फाउंडेशन की सराहना करते हुए कहा कि “यह प्रयास सरकार की योजनाओं को जमीन पर मजबूती देने वाला है। समाज के जागरूक लोग जब आगे आते हैं, तब परिवर्तन स्थायी होता है।” विजय कुमार सिन्हा ने यह भी स्पष्ट किया कि बिहार सरकार महिलाओं और बालिकाओं की शिक्षा, तकनीकी प्रशिक्षण और रोजगार से जुड़ी हर पहल के साथ खड़ी है, और ऐसे प्रयासों को हरसंभव सहयोग दिया जाएगा।

लड़कियां किसी से कम नहीं 

वहीं मृणाल माधव ने कहा कि “हमारी कोशिश सिर्फ सर्टिफिकेट देने तक सीमित नहीं है, बल्कि लड़कियों में यह भरोसा जगाना है कि वे भी किसी से कम नहीं हैं।” निकिता वेद ने इस अवसर पर कहा कि “डिजिटल स्किल आज की सबसे बड़ी जरूरत है। अगर सही समय पर सही प्रशिक्षण मिल जाए, तो ग्रामीण बेटियां भी राष्ट्रीय और वैश्विक मंच पर अपनी पहचान बना सकती हैं।”

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्राएं, अभिभावक और स्थानीय लोग उपस्थित रहे। बेटियों की आंखों में आत्मविश्वास और चेहरे पर मुस्कान इस बात का प्रमाण थी कि MaMri फाउंडेशन का यह प्रयास केवल शिक्षा नहीं, बल्कि सामाजिक बदलाव की मजबूत नींव है।

कमलेश की रिपोर्ट