भ्रष्टाचार के मामले में सस्पेंड डीएसपी संजीव कुमार निलंबन मुक्त, गृह विभाग ने जारी की अधिसूचना
भ्रष्टाचार मामले में सस्पेंड जहानाबाद (मुख्यालय) के तत्कालीन डीएसपी संजीव कुमार को बड़ी राहत मिली है। उन्हें निलंबन से मुक्त कर दिया गया है। इस संबंध में गृह विभाग (आरक्षी शाखा) द्वारा अधिसूचना जारी कर दी गई है.....
Patna : बिहार सरकार के गृह विभाग (आरक्षी शाखा) ने एक आधिकारिक अधिसूचना जारी करते हुए तत्कालीन पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय), जहानाबाद, संजीव कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबन मुक्त कर दिया है। यह आदेश सक्षम प्राधिकारी के अनुमोदन के उपरांत बिहार के राज्यपाल के आदेश से सरकार के अवर सचिव रत्नेश कुमार द्वारा जारी किया गया है।
क्या था पूरा मामला और निलंबन की वजह:
संजीव कुमार के खिलाफ विशेष निगरानी इकाई थाना कांड संख्या-16/2025 (दिनांक 07.08.2025) के तहत भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम-1988 (संशोधित 2018) और भारतीय न्याय संहिता की सुसंगत धाराओं के अंतर्गत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। इसी के परिणामस्वरुप उन्हें बिहार सरकारी सेवक नियमावली-2005 के तहत 23 सितंबर 2025 को निलंबित किया गया था।
अदालत के निर्णय और आवेदन का आधार
इस निलंबन के विरुद्ध संजीव कुमार उर्फ संजीव कुमार सिंह द्वारा कोर्ट में सी0डब्ल्यू0जे0सी0 संख्या-3959/2026 दायर की गई थी। अदालत द्वारा 23 मार्च 2026 को पारित न्याय निर्णय के आलोक में उन्होंने अनुशासनिक प्राधिकारी के समक्ष आवेदन समर्पित किया था, जिस पर सम्यक विचारोपरांत उन्हें राहत देने का निर्णय लिया गया।
पुलिस मुख्यालय में देना होगा योगदान
निलंबन से मुक्त होने के बाद संजीव कुमार अब पुलिस मुख्यालय, पटना में अपना योगदान समर्पित करेंगे। इससे पहले वे मगध क्षेत्र, गयाजी स्थित पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय से संबद्ध थे। हालांकि, उनके निलंबन अवधि का समायोजन उनके विरुद्ध संचालित अनुशासनिक कार्यवाही के अंतिम फलाफल से निर्धारित होगा।
विभागीय कार्यवाही रहेगी जारी
विभाग द्वारा स्पष्ट किया गया है कि भले ही उन्हें सेवा के लिए निलंबन मुक्त कर दिया गया है, किंतु उनके खिलाफ चल रही अनुशासनात्मक कार्रवाई आगे भी नियमानुसार जारी रहेगी। उस जांच और कार्रवाई के निष्कर्ष के आधार पर ही भविष्य की प्रशासनिक स्थिति तय की जाएगी।
