दुल्हिन बाजार में नगर पंचायत सीमांकन पर बढ़ा विवाद: SH-2 जाम, आमने-सामने आए ग्रामीण और प्रशासन

पटना जिले के दुल्हिन बाजार को नगर पंचायत का दर्जा देने की प्रक्रिया शुरू होते ही सीमांकन पर सवाल उठने लगे हैं। पक्षपात का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने बिहटा-पालीगंज SH 2 को जाम किया।

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दुल्हिन बाजार को नगर पंचायत बनाने की प्रक्रिया शुरू, सीमांकन को लेकर बढ़ा विवाद- फोटो : Reporter

पटना जिले के पालीगंज अनुमंडल अंतर्गत दुल्हिन बाजार को नगर पंचायत का दर्जा देने की प्रशासनिक कवायद शुरू होते ही क्षेत्र में राजनीतिक और सामाजिक हलचल तेज हो गई है। प्रस्तावित नगर पंचायत के नए सीमांकन और इसमें शामिल किए जा रहे गांवों (मौजों) के चयन को लेकर स्थानीय ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने विरोध के स्वर मुखर कर दिए हैं। सोमवार को आक्रोशित लोगों ने प्रशासनिक प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग को लेकर पालीगंज-बिहटा SH 2 को घंटों जाम रखा और विरोध जताया।


सीमांकन विवाद में एक मंच पर आए सत्तापक्ष और विपक्ष 

इस प्रशासनिक निर्णय के खिलाफ राजनीतिक गोलबंदी भी देखने को मिल रही है, जहां सत्तापक्ष और विपक्ष के स्थानीय नेता एक मंच पर आ गए हैं। जनप्रतिनिधियों का तर्क है कि यदि सीमांकन के समय क्षेत्र की वास्तविक भौगोलिक और सामाजिक जरूरतों की अनदेखी की गई, तो इससे भविष्य के विकास कार्य बुरी तरह प्रभावित होंगे। भाकपा माले के प्रखंड सचिव अमरसेन, जदयू प्रखंड अध्यक्ष जसवंत कुशवाहा और किसान नेता उत्कर्ष यादव ने प्रक्रिया में पक्षपात का अंदेशा जताते हुए नए नक्शे पर कड़ा ऐतराज जताया है।

अंचलाधिकारी ने आरोपों को नकारा, बताई चयन प्रक्रिया 

मामले के तूल पकड़ने पर दुल्हिन बाजार की अंचलाधिकारी (सीओ) श्वेता सिन्हा ने स्थानीय लोगों द्वारा लगाए गए पक्षपात के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि नगर पंचायत गठन का प्रस्ताव किसी मनमर्जी से नहीं, बल्कि तय सरकारी मानकों के तहत तैयार किया गया है। सीओ के अनुसार, ड्राफ्ट तैयार करने से पहले क्षेत्र के जनसंख्या घनत्व, स्थानीय जीवन शैली, व्यापारिक गतिविधियों, शैक्षणिक स्तर और बुनियादी ढांचों का गहन विश्लेषण किया गया है।

दावा और आपत्ति दर्ज कराने का मिला अवसर

प्रशासनिक अधिकारियों ने विरोध कर रहे लोगों को आश्वस्त करते हुए कहा कि वर्तमान में प्रकाशित की गई सूची अंतिम नहीं, बल्कि केवल एक प्रारंभिक ड्राफ्ट है। यदि किसी ग्रामीण, सामाजिक संगठन या जनप्रतिनिधि को सीमांकन से जुड़ी कोई आपत्ति या सुझाव देना है, तो वे तय प्रक्रिया के तहत सक्षम अधिकारी के समक्ष अपनी याचिका दाखिल कर सकते हैं। प्राप्त होने वाले सभी दावों और आपत्तियों की निष्पक्ष जांच की जाएगी और जायज शिकायतों के आधार पर सूची में सुधार किया जाएगा।


आपत्तियों के निस्तारण के बाद ही अंतिम निर्णय प्रशासन की ओर से यह भी साफ कर दिया गया है कि नगर पंचायत गठन की अंतिम अधिसूचना आपत्तियों के निपटारे के बाद ही जारी की जाएगी। यदि जांच में मौजों के चयन या सीमांकन में किसी तरह की त्रुटि पाई जाती है, तो उसमें आवश्यक संशोधन किए जाएंगे। इसके बाद ही पूरी नियमावली का पालन करते हुए दुल्हिन बाजार को आधिकारिक रूप से नगर पंचायत का दर्जा देने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

ऋषिकेश की रिपोर्ट