बिहार के सरकारी स्कूलों के लिए नई गाइडलाइन - गुरुजी के लिए नया 'ड्रेस कोड, बच्चों को खिलाने से पहले खुद भोजन चखेंगे शिक्षक

बिहार के सरकारी विद्यालयों की सूरत बदलने और शैक्षणिक माहौल को अनुशासित करने के लिए शिक्षा विभाग ने सख्त गाइडलाइन जारी की है। इन नए नियमों के तहत अब शिक्षकों के पहनावे से लेकर पढ़ाने के तौर-तरीकों तक में बड़े बदलाव किए गए हैं।

बिहार के सरकारी स्कूलों के लिए नई गाइडलाइन - गुरुजी के लिए न

Patna - शिक्षा विभाग ने शिक्षकों के पहनावे को लेकर स्पष्ट आदेश जारी किया है। अब राज्य के किसी भी सरकारी विद्यालय में शिक्षक और शिक्षकेतर कर्मी जींस और टी-शर्ट पहनकर नहीं आएंगे। विद्यालय और कार्यालय अवधि के दौरान सभी को गरिमायुक्त औपचारिक (Formal) परिधान पहनना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही, विद्यालय अवधि के दौरान बैंक से वेतन निकालने या अन्य कार्यों के लिए बाहर जाने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। 

पाठ-टीका और पठन-पाठन की नई व्यवस्था

अब विद्यालयों में केवल औपचारिकता के लिए कक्षाएं नहीं लगेंगी। सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं को 'पाठ-टीका' (Lesson Plan) तैयार करना होगा और उसी के आधार पर वर्ग संचालन करना होगा। प्रत्येक शनिवार को प्रधानाध्यापक शिक्षकों की पाठ-टीका की जांच कर उस पर प्रतिहस्ताक्षर करेंगे। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों द्वारा मांगे जाने पर पाठ-टीका दिखाना अनिवार्य होगा और इसे घर पर भूलने जैसा कोई बहाना स्वीकार नहीं किया जाएगा। 

उपस्थिति और फर्जीवाड़े पर सख्त रुख

शिक्षकों की उपस्थिति अब पूरी तरह ई-शिक्षा कोष पोर्टल के माध्यम से दर्ज की जाएगी। विभाग ने चेतावनी दी है कि फोटो या अन्य किसी तकनीक से छद्म (फर्जी) उपस्थिति दर्ज करने पर संबंधित शिक्षक के साथ-साथ प्रधानाध्यापक को भी बराबर का दोषी माना जाएगा। उपस्थिति दर्ज करने की जिम्मेदारी वर्ग शिक्षक की होगी और पहली घंटी में ही बच्चों की उपस्थिति भी अचूक रूप से बनानी होगी। 

मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता और सुरक्षा

बच्चों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए विभाग ने निर्देश दिया है कि विद्यालय में बनने वाले मध्याह्न भोजन को परोसने से पहले उसे स्वयं प्रधानाध्यापक और किसी एक शिक्षक द्वारा चखा जाएगा। भोजन चखने के बाद उसकी गुणवत्ता सुनिश्चित होने पर ही इसे बच्चों को खिलाया जाएगा। 

अवकाश और समस्या निवारण की प्रक्रिया

अवकाश को लेकर विभाग ने लचीला रुख अपनाया है। प्रधानाध्यापक शिक्षकों की जायज छुट्टी स्वीकृत करने में परहेज नहीं करेंगे, बशर्ते एक समय में विद्यालय के कुल शिक्षकों के 10 प्रतिशत से अधिक लोग छुट्टी पर न हों। साथ ही, शिक्षकों को अपनी समस्याओं के लिए सीधे जिला कार्यालय जाने की मनाही है। उन्हें अपना आवेदन प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (BEO) को देना होगा, जो उसका समाधान करेंगे। 

समय पर वेतन और जांच परीक्षाएं

शिक्षकों को समय पर वेतन मिले, इसके लिए प्रत्येक माह की 25 तारीख तक सभी कर्मियों की उपस्थिति विवरणी जिला कार्यालय को भेजना अनिवार्य कर दिया गया है। इसमें किसी भी प्रकार की देरी या अधूरी जानकारी के लिए प्रधानाध्यापक जिम्मेदार होंगे। इसके अलावा, विद्यार्थियों के शैक्षणिक मूल्यांकन के लिए अब हर विद्यालय में साप्ताहिक और मासिक जांच परीक्षाएं आयोजित करना अनिवार्य होगा।