Air Force soldier dies: 'अब केकरा सहारे हमरा के छोड़ गईल ए रजउ...' पति का शव देख चीख पड़ी पत्नी

Air Force soldier dies: अगिआंव प्रखंड के नारायणपुर गांव के वायुसेना सार्जेंट का इलाज के दौरान निधन। पार्थिव शरीर पहुंचते ही गांव में शोक, सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई।

Air Force soldier dies
वायुसेना जवान का निधन- फोटो : news4nation

Air Force soldier dies: जिले के अगिआंव प्रखंड स्थित नारायणपुर गांव में उस समय माहौल पूरी तरह गमगीन हो गया, जब भारतीय वायुसेना में कार्यरत सार्जेंट का पार्थिव शरीर उनके पैतृक आवास पहुंचा। जैसे ही तिरंगे में लिपटा शव गांव पहुंचा, अंतिम दर्शन के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। हर आंख नम थी और पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई।

इलाज के दौरान दिल्ली में हुआ निधन

मृतक की पहचान सार्जेंट मिथिलेश कुमार सिंह, जिन्हें संजीव कुमार सिंह के नाम से भी जाना जाता था। वे भारतीय वायुसेना की स्काडा यूनिट, ग्वालियर में पदस्थापित थे। वायुसेना अधिकारियों के अनुसार, अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें इलाज के लिए दिल्ली के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उपचार के दौरान उनका निधन हो गया। यह खबर जैसे ही परिवार और गांव तक पहुंची, हर कोई स्तब्ध रह गया। लंबे समय से देश की सेवा कर रहे इस जवान का इस तरह असमय जाना पूरे क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति मानी जा रही है।

पत्नी और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल

पति के पार्थिव शरीर को देखते ही पत्नी नीतू देवी खुद को संभाल नहीं सकीं। वे दहाड़ मारकर रोने लगीं और बेसुध होकर गिर पड़ीं। उनका करुण विलाप सुनकर वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें भर आईं। परिवार के अन्य सदस्य भी गहरे सदमे में दिखे। मृतक अपने पीछे पत्नी के अलावा एक पुत्र और एक पुत्री को छोड़ गए हैं। छोटा पुत्र अभी स्कूल जाने की उम्र में है, जबकि पुत्री भी बहुत छोटी है। पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

सैन्य सम्मान के साथ दी गई श्रद्धांजलि

पार्थिव शरीर के साथ वायुसेना के अधिकारी और जवान भी गांव पहुंचे। उन्होंने पूरे सैन्य सम्मान के साथ तिरंगा, पुष्प माला और सलामी देकर अपने साथी को अंतिम श्रद्धांजलि अर्पित की। यह दृश्य देखकर गांव के लोग भावुक हो उठे। देश सेवा में लगे जवान के प्रति हर किसी के मन में गर्व के साथ गहरा दुख भी था।

परिवार और गांव का सम्मानित चेहरा थे शहीद जवान

सार्जेंट मिथिलेश कुमार सिंह नारायणपुर गांव निवासी किसान पारसनाथ सिंह के पुत्र थे। उनके बड़े भाई किसान हैं, जबकि छोटे भाई सेना से सेवानिवृत्त हो चुके हैं। उनकी पत्नी नीतू देवी एक सरकारी विद्यालय में शिक्षिका के पद पर कार्यरत हैं। गांव और समाज में उनका परिवार हमेशा सम्मान के साथ देखा जाता रहा है।

अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे जनप्रतिनिधि और ग्रामीण

अंतिम दर्शन के दौरान गांव के गणमान्य लोग, सामाजिक कार्यकर्ता और जनप्रतिनिधि बड़ी संख्या में पहुंचे। सभी ने पुष्प अर्पित कर दिवंगत जवान को श्रद्धांजलि दी और परिवार को ढांढस बंधाया। पूरे गांव ने एकजुट होकर परिवार के दुख में सहभागी बनने का संदेश दिया।

आरा से आशीष की रिपोर्ट