इस्तीफे के बाद भी बिहार सरकार की वेबसाइट पर 'मंत्री' बने हुए हैं नितिन नवीन, नहीं किया गया बदलाव

विभागों के नए आवंटन और आधिकारिक इस्तीफे के हफ्तों बाद भी बिहार सरकार की वेबसाइट नितिन नवीन को मंत्री दिखा रही है, जबकि विजय सिन्हा और दिलीप जायसवाल ने उनके विभागों की कमान संभाल ली है।

इस्तीफे के बाद भी बिहार सरकार की वेबसाइट पर 'मंत्री' बने हुए

Patna - बिहार सरकार के प्रशासनिक गलियारों में एक अजीबोगरीब स्थिति देखने को मिल रही है। भाजपा का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनने के बाद नितिन नवीन ने राज्य मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया और उनके विभागों का बंटवारा भी कर दिया गया, लेकिन बिहार सरकार की आधिकारिक वेबसाइट पर वे अब भी कैबिनेट मंत्री के रूप में दिखाई दे रहे हैं ।

वेबसाइट बनाम आधिकारिक अधिसूचना

बिहार सरकार के मंत्रिमंडल सचिवालय द्वारा जारी हालिया अधिसूचना के अनुसार, नितिन नवीन के पास रहे विभागों को उप मुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा और उद्योग मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल के बीच बांट दिया गया है । इसके बावजूद, सरकारी वेबसाइट पर मंत्रियों की सूची में अभी भी पुरानी जानकारी ही प्रदर्शित हो रही है, जो तकनीकी लापरवाही या अपडेट में देरी की ओर इशारा करती है।

नए प्रभारियों को मिली जिम्मेदारीवेबसाइट पीछे

जारी किए गए नए आदेशों के तहत विभागों की वर्तमान स्थिति इस प्रकार है. जिनमें 

विजय कुमार सिन्हा (उप मुख्यमंत्री): इन्हें अब नगर विकास एवं आवास विभाग की अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई है । डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल: उद्योग मंत्री होने के साथ-साथ अब ये पथ निर्माण विभाग का कार्यभार भी संभाल रहे हैं ।

क्यों हुआ यह बदलाव?

दिसंबर 2025 में नितिन नवीन को भारतीय जनता पार्टी का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया गया था । संगठन में इस महत्वपूर्ण पद की जिम्मेदारी मिलने के बाद, 'एक व्यक्ति, एक पद' के सिद्धांत का पालन करते हुए उन्होंने 16 दिसंबर 2025 को अपने मंत्री पद से त्यागपत्र दे दिया था । राज्यपाल ने उनके इस्तीफे को स्वीकार करते हुए नए विभागों के आवंटन पर अपनी सहमति दे दी थी ।

भ्रम की स्थिति

सरकारी वेबसाइट पर जानकारी अपडेट न होने के कारण आम नागरिकों और विभाग से जुड़े लोगों के बीच भ्रम पैदा हो रहा है। डिजिटल इंडिया के दौर में जहां सूचनाओं का आदान-प्रदान सेकंडों में होता है, वहां राज्य के दो महत्वपूर्ण विभागों (नगर विकास और पथ निर्माण) के मंत्रियों की जानकारी का पुराना होना प्रशासनिक सुस्ती को दर्शाता है।