Bihar News : बिहार में उद्योगों को मिल रही संजीवनी, दरभंगा के फराज ने PMFME योजना से मखाना कारोबार को दी अंतरराष्ट्रीय पहचान

Bihar News : बिहार के दरभंगा जिले के युवा उद्यमी फराज ने सरकारी योजनाओं का सही लाभ उठाकर स्थानीय व्यवसाय को वैश्विक स्तर पर पहुंचाया है....जानिए कैसे

Bihar News : बिहार में उद्योगों को मिल रही संजीवनी, दरभंगा क
फराज की सफलता - फोटो : SOCIAL MEDIA

PATNA : किसी भी राज्य के आर्थिक और सामाजिक विकास में औद्योगिक विकास की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उद्योगों के विकास से स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होते हैं और राज्य की अर्थव्यवस्था मजबूत होती है। इससे राज्य की कुल आय (GDP) में भी वृद्धि होती है। उद्योगों के विस्तार के साथ सड़क, बिजली, पानी और परिवहन जैसी बुनियादी सुविधाओं के विकास को भी गति मिलती है। इसके अलावा, कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा मिलने से किसानों और स्थानीय उद्यमियों के लिए आय के नए अवसर तैयार होते हैं। इसी क्रम में बिहार सरकार राज्य में उद्योग और रोजगार को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं चला रही है। नई औद्योगिक इकाइयों की स्थापना और निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार की ओर से विभिन्न सुविधाएं और प्रोत्साहन दिए जा रहे हैं। 

फराज का मखाना कारोबार 

इसी कड़ी में आज कहानी दरभंगा के फराज की है, जिन्होंने प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम औपचारिकीकरण योजना (PMFME) का लाभ लेकर अपने मखाना कारोबार को नई पहचान दी है। योजना के माध्यम से मिली सहायता ने उनके व्यवसाय को आगे बढ़ाने और कारोबार को बेहतर तरीके से संचालित करने में मदद की। फराज की कंपनी का नाम सीफ प्राइवेट लिमिटेड है। यह कंपनी भारत के ट्रेडिशनल सुपर फूड मखाना को नए रूप में देश-दुनिया तक पहुंचाने का काम कर रही है। इंटरनेशनल स्टैंडर्ड के रॉ मटेरियल के साथ पैकेजिंग करने वाली यह कंपनी देश और विदेश में अपने उत्पादों का एक्सपोर्ट कर चुकी है। इसमें दुबई, कनाडा और यूएस जैसे प्रमुख देश शामिल हैं।

PMFME योजना से सपने को मिला पंख

फराज बताते हैं कि, “व्यवसाय के दौरान मुझे बैंक के माध्यम से PMFME योजना के बारे में पता चला। इसके बाद हमने DIC से संपर्क किया। इसका लोन प्रोसेस और एप्लिकेशन बहुत आसान है। हमारा लोन प्रोसेसिंग 7-8 दिनों में हो गया। PMFME लोन के माध्यम से हमें मशीन खरीदने में काफी मदद मिली। हमने FLAVORING मशीन खरीदी, BAR CODE और BATCH COATING मशीन खरीदी। इसके साथ पैकेजिंग मशीन भी खरीदी। इसी कारण हमारी प्रोडक्शन कैपेसिटी काफी बढ़ गई। हमारी प्रोडक्शन कैपेसिटी 60 किलो प्रतिदिन थी, जो अब 500 किलो प्रतिदिन हो गई है। इसके साथ हमारे रेवेन्यू में भी काफी ग्रोथ हुआ है।” हमने PMFME की कैपेसिटी बिल्डिंग ट्रेनिंग प्रोग्राम भी ज्वाइन किया। इससे हमें कई नई चीजों के बारे में जानकारी मिली। इन सभी जानकारियों से हमें अपने प्रोडक्ट की पैकेजिंग, क्वालिटी कंट्रोल और इंस्पेक्शन में काफी मदद मिली। इस स्कीम की वजह से हमें काफी मदद मिली और हमने काफी लोगों को रोजगार दिया।” फराज की कहानी बताती है कि सरकारी योजनाओं का लाभ लेकर स्थानीय स्तर पर छोटे कारोबार को भी आगे बढ़ाया जा सकता है। मखाना जैसे बिहार के प्रमुख कृषि उत्पादों के प्रसंस्करण और कारोबार को बढ़ावा मिलने से न केवल उद्यमियों की आय बढ़ सकती है, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी पैदा हो सकते हैं।

केंद्र की योजना 

गौरतलब है कि 29 जून, 2020 को प्रारंभ की गई प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम औपचारिकीकरण योजना (PMFME योजना), आत्मनिर्भर भारत अभियान के अंतर्गत एक केंद्र प्रायोजित योजना है। इसका उद्देश्य सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यमों का उन्नयन करना, उनकी प्रतिस्पर्धात्मकता में वृद्धि करना और उद्यमियों को वित्तीय, तकनीकी एवं व्यावसायिक सहायता प्रदान करना है, ताकि नई इकाइयों की स्थापना या मौजूदा इकाइयों का उन्नयन किया जा सके। दरभंगा के फराज ने PMFME योजना के तहत ऋण प्राप्त कर अपने कारोबार का विस्तार किया और आज उनके उत्पाद देश-विदेश तक पहुंच रहे हैं। इससे न केवल उनके व्यवसाय का दायरा बढ़ा है, बल्कि उन्हें एक नई पहचान भी मिली है।