बिहार सरकार की कार ने मजदूर को रौंदा: जम्मू के युवक की मौत, NH-30 पर 5 KM लंबा जाम
पटना के फतुहा में रविवार को ग्रामीण कार्य विभाग का बोर्ड लगी कार ने एक मजदूर को कुचल दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के विरोध में ग्रामीणों ने एनएच-30 जाम कर जमकर हंगामा किया।
Patna - पटना के फतुहा में रविवार को एक अनियंत्रित सरकारी बोर्ड लगी कार ने भीषण तबाही मचाई, जिसमें एक प्रवासी मजदूर की जान चली गई। पटना-बख्तियारपुर फोरलेन (NH-30) पर कोका-कोला फैक्ट्री के पास हुई इस दुर्घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने हाईवे जाम कर भारी हंगामा किया।
सरकारी बोर्ड लगी कार का कहर
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, पटना से बख्तियारपुर की ओर जा रही एक सफेद रंग की तेज रफ्तार कार ने अचानक अपना नियंत्रण खो दिया। कार ने पहले सड़क किनारे खड़े एक ट्रक में पीछे से जोरदार टक्कर मारी और फिर नाश्ता कर लौट रहे एक मजदूर को बुरी तरह कुचल दिया। इस कार पर बिहार सरकार के ग्रामीण कार्य विभाग का बोर्ड लगा हुआ था। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया, जबकि कार सवार लोग वाहन छोड़कर मौके से फरार होने में सफल रहे।
जम्मू के मजदूर की दर्दनाक मौत
हादसे में जान गंवाने वाले मजदूर की पहचान जम्मू के उधमपुर निवासी 22 वर्षीय अरुण कुमार (पिता- जीपों राम) के रूप में हुई है। अरुण रोजी-रोटी की तलाश में फतुहा आया था और यहाँ एक निजी गोदाम में मजदूरी करता था। स्थानीय लोग उसे तुरंत अस्पताल ले गए, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। एक गरीब मजदूर की इस तरह हुई मौत ने स्थानीय लोगों को झकझोर कर रख दिया।
NH-30 पर 5 किलोमीटर लंबा जाम
घटना के बाद ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने मुआवजे व आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर शव के साथ नेशनल हाईवे जाम कर दिया। इस विरोध प्रदर्शन के कारण NH-30 पर करीब 5 किलोमीटर तक वाहनों की लंबी कतार लग गई, जिससे यात्रियों को भीषण गर्मी में भारी परेशानी झेलनी पड़ी। ग्रामीण प्रशासन से तत्काल कार्रवाई और पीड़ित परिवार के लिए न्याय की मांग कर रहे थे।
जांच में जुटी फतुहा पुलिस
सूचना पाकर फतुहा थानाध्यक्ष कुमार रौशन पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए पटना भेज दिया है। थानाध्यक्ष ने बताया कि जिस कार से हादसा हुआ है, उस पर ग्रामीण कार्य विभाग का बोर्ड लगा है। पुलिस अब वाहन के मालिकाना हक और फरार चालक की पहचान सुनिश्चित करने में जुटी है।
सुरक्षा और लापरवाही पर सवाल
स्थानीय लोगों का आरोप है कि सरकारी वाहनों की बेलगाम रफ्तार अक्सर हादसों का कारण बनती है। ग्रामीणों ने मांग की है कि इस क्षेत्र में यातायात नियमों का सख्ती से पालन कराया जाए और भारी वाहनों व सरकारी गाड़ियों की गति सीमा पर नियंत्रण रखा जाए। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और फरार कार सवारों की तलाश में छापेमारी जारी है।
रिपोर्ट - रजनीश