Budget Session 2026: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से की मुलाकत, रिकॉर्ड 9वीं बार पेश करेंगी बजट

Budget Session 2026: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने राष्ट्रपति दौपद्री मुर्मू से मुलाकात की। जिसके बाद राष्ट्रपति ने परंपरा के अनुसार वित्त मंत्री को दही चीनी खिलाई। 11 बजे संसद में बजट पेश होगा।

द्रौपदी मुर्मू
राष्ट्रपति ने खिलाई दही चीनी - फोटो : social media

Budget Session 2026:  केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने केंद्रीय बजट 2026 पेश करने से पहले रविवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से राष्ट्रपति भवन में मुलाकात की। वह अपनी टीम के साथ राष्ट्रपति से मिलने पहुंचीं। बजट से पूर्व यह मुलाकात परंपरागत प्रक्रिया का हिस्सा मानी जाती है। इससे पहले वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण अपने ट्रेडमार्क ‘डिजिटल बही-खाता’ के साथ नजर आईं। लाल रंग के कपड़े में लिपटे टैबलेट पर सुनहरे रंग का राष्ट्रीय प्रतीक अंकित था, जो बीते कुछ वर्षों में बजट प्रस्तुति की पहचान बन चुका है।

राष्ट्रपति ने खिलाई दही-चीनी 

बता दें कि, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को लगातार नौवें केंद्रीय बजट पेश करने से पहले पारंपरिक 'दही-चीनी' खिलाई। निर्मला सीतारमण लगातार नौवां केंद्रीय बजट पेश करेंगी।  इसके साथ ही वह पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम के रिकॉर्ड की बराबरी करेंगी और प्रणब मुखर्जी के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ देंगी। स्वतंत्र भारत में सबसे अधिक केंद्रीय बजट पेश करने का रिकॉर्ड पूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई के नाम दर्ज है।

11 बजे से शुरु होगी कार्यवाही 

जानकारी अनुसार, सदन की बैठक सुबह 11 बजे शुरू होगी। वित्त मंत्री वर्ष 2026-27 के लिए भारत सरकार की अनुमानित प्राप्तियों और व्यय का विवरण सदन में प्रस्तुत करेंगी। इसके साथ ही वह राजकोषीय उत्तरदायित्व और बजट प्रबंधन (FRBM) अधिनियम, 2003 की धारा 3(1) के तहत दो महत्वपूर्ण विवरण भी पटल पर रखेंगी।

प्रस्ताव रखने के बाद पेश करेंगी बजट

इनमें मध्यम अवधि की राजकोषीय नीति-सह-राजकोषीय नीति रणनीति विवरण और व्यापक आर्थिक ढांचा विवरण शामिल हैं। कार्यसूची के मुताबिक, वित्त मंत्री लोकसभा में वित्त विधेयक, 2026 पेश करने की अनुमति के लिए प्रस्ताव रखेंगी और इसके बाद विधेयक को औपचारिक रूप से पेश करेंगी। वित्त विधेयक सरकार के वित्तीय प्रस्तावों को कानूनी रूप देता है।

आर्थिक सर्वेक्षण हुआ था पेश 

गौरतलब है कि इससे पहले गुरुवार को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए आर्थिक सर्वेक्षण संसद में पेश किया था। बजट से पहले आर्थिक सर्वेक्षण प्रस्तुत करने की परंपरा रही है, ताकि देश की अर्थव्यवस्था की मौजूदा स्थिति के आधार पर भविष्य की वित्तीय नीतियों की रूपरेखा तय की जा सके। आर्थिक सर्वेक्षण को देश की अर्थव्यवस्था की वार्षिक ‘रिपोर्ट कार्ड’ माना जाता है। इसमें बीते एक वर्ष के आर्थिक प्रदर्शन का आंकड़ों के आधार पर विस्तृत विश्लेषण किया जाता है और भविष्य की नीतिगत दिशा का संकेत दिया जाता है। यह सर्वेक्षण आर्थिक मामलों के विभाग के आर्थिक प्रभाग द्वारा मुख्य आर्थिक सलाहकार (CEA) के नेतृत्व में तैयार किया जाता है और इसे दो भागों में प्रस्तुत किया जाता है।